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देवबंद सीट पर सस्पेंस बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 25 Jan 2017 12:27 AM IST
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सहारनपुर के देवबंद में नामांकन दाखिल करने में तीन दिन रह गए हैं लेकिन देवबंद विधानसभा सीट पर कांग्रेस और सपा के प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
हालांकि कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद का कहना है कि वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के पास हैं। आने वाले दो दिनों में फैसला हो जाएगा कि यहां से मुकेश चौधरी ही प्रत्याशी रहेंगे या सपा के सिंबल पर माविया अली चुनाव लड़ेंगे।
चुनाव में देवबंद सीट सभी राजनीतिक दलों के लिए खास अहमियत रखती है। यही कारण है कि इस सीट को जीतने के लिए सभी राजनीतिक दल चुनाव के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। इस सीट पर प्रत्याशी को लेकर रस्साकशी चल रही है।
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सपा ने दिवंगत राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी मीना राणा का टिकट काटकर कांग्रेस से विधायक बने माविया अली को प्रत्याशी बनाया लेकिन टिकट होने के 24 घंटे बाद सपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ तो यहां से कांग्रेस के मुकेश चौधरी के नाम की घोषणा कर दी गई।
जिसके चलते इस सीट पर सस्पेंस बरकरार है कि कांग्रेस के सिंबल पर मुकेश चौधरी ही यहां चुनाव लडे़ंगे या माविया अली फिर से सपा के प्रत्याशी बनाए जाएंगे।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद से जब इस मसले पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि गठबंधन के बाद यह सीट कांग्रेस के खाते में आ गई। जिसके चलते यहां से मुकेश चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।
जबकि माविया अली के सपा के सिंबल पर चुनाव लडने के सवाल पर मसूद ने कहा कि माविया अली ने सपा का सिंबल ले लिया जिसके चलते वह खुद परेशान हैं कि क्या करें।
सपा में जाने के चलते माविया अली से किसी प्रकार की नाराजगी होने से इमरान मसूद ने इंकार किया, लेकिन उनके शब्दों से यह लग रहा था कि कहीं कुछ खटास तो जरूर है। इमरान मसूद ने कहा कि इस सीट पर कांग्रेस के मुकेश चौधरी चुनाव लडे़ंगे या सपा से माविया अली इसका फैसला दो दिनों में हो जाएगा।
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हालांकि कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद का कहना है कि वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के पास हैं। आने वाले दो दिनों में फैसला हो जाएगा कि यहां से मुकेश चौधरी ही प्रत्याशी रहेंगे या सपा के सिंबल पर माविया अली चुनाव लड़ेंगे।
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चुनाव में देवबंद सीट सभी राजनीतिक दलों के लिए खास अहमियत रखती है। यही कारण है कि इस सीट को जीतने के लिए सभी राजनीतिक दल चुनाव के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। इस सीट पर प्रत्याशी को लेकर रस्साकशी चल रही है।
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सपा ने दिवंगत राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी मीना राणा का टिकट काटकर कांग्रेस से विधायक बने माविया अली को प्रत्याशी बनाया लेकिन टिकट होने के 24 घंटे बाद सपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ तो यहां से कांग्रेस के मुकेश चौधरी के नाम की घोषणा कर दी गई।
जिसके चलते इस सीट पर सस्पेंस बरकरार है कि कांग्रेस के सिंबल पर मुकेश चौधरी ही यहां चुनाव लडे़ंगे या माविया अली फिर से सपा के प्रत्याशी बनाए जाएंगे।
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद से जब इस मसले पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि गठबंधन के बाद यह सीट कांग्रेस के खाते में आ गई। जिसके चलते यहां से मुकेश चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।
जबकि माविया अली के सपा के सिंबल पर चुनाव लडने के सवाल पर मसूद ने कहा कि माविया अली ने सपा का सिंबल ले लिया जिसके चलते वह खुद परेशान हैं कि क्या करें।
सपा में जाने के चलते माविया अली से किसी प्रकार की नाराजगी होने से इमरान मसूद ने इंकार किया, लेकिन उनके शब्दों से यह लग रहा था कि कहीं कुछ खटास तो जरूर है। इमरान मसूद ने कहा कि इस सीट पर कांग्रेस के मुकेश चौधरी चुनाव लडे़ंगे या सपा से माविया अली इसका फैसला दो दिनों में हो जाएगा।