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बेंच पर प्रसव, नवजात मरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट
Updated Sat, 16 Apr 2016 01:04 AM IST
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बेहट सीएचसी में भर्ती की गई पीड़ित महिला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक गर्भवती महिला का स्टाफ नर्स की लापरवाही से सीएचसी परिसर में बेंच पर ही प्रसव हो गया। समय से उपचार न मिलने पर नवजात ने भी दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया तो सीएचसी स्टाफ ने आनन फानन में इंफेक्शन से बचाने के लिए पीड़िता को भर्ती कर लिया। लेकिन बाद में परिजन उसे लेकर चले गए।
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे 102 एंबुलेंस से मायापुर रूपपुर (बादशाही बाग) निवासी पूनम को प्रसव पीड़ा पर बेहट सीएचसी लाया गया था। उसके साथ में गांव की आशा के अलावा सास और ससुर भी थे। आरोप है कि स्टाफ नर्स ड्यूटी होने के बावजूद सीएचसी से गायब थी। इस पर आशा पीड़िता को बेंच पर लेटाकर नर्स को बुलाने के लिए चली गई।
इसी बीच पूनम ने बेंच पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। आरोप है कि काफी देर तक भी स्टाफ नर्स अस्पताल नहीं आई और समय से उपचार न मिलने पर नवजात ने भी दम तोड़ दिया। महिला के ससुर सुनील खत्री ने बताया कि यदि समय से उसकी पुत्रवधू को भर्ती कर लिया जाता तो नवजात को बचाया जा सकता था।
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नर्स की लापरवाही से यह सब हुआ है। नवजात की मौत के बाद सीएचसी में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पीड़िता को भर्ती भी किया गया, लेकिन परिजन उसे और उसके शिशु को लेकर चले गए। उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. सईद अहमद ने बताया कि बच्ची गर्भ में ही मर चुकी थी। स्टाफ नर्स उस समय बाथरूम में थी। प्रसव के बाद महिला को इंफेक्शन से बचाने के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन उसे परिजन बिना बताए सीएचसी से ले गए।
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शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे 102 एंबुलेंस से मायापुर रूपपुर (बादशाही बाग) निवासी पूनम को प्रसव पीड़ा पर बेहट सीएचसी लाया गया था। उसके साथ में गांव की आशा के अलावा सास और ससुर भी थे। आरोप है कि स्टाफ नर्स ड्यूटी होने के बावजूद सीएचसी से गायब थी। इस पर आशा पीड़िता को बेंच पर लेटाकर नर्स को बुलाने के लिए चली गई।
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इसी बीच पूनम ने बेंच पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। आरोप है कि काफी देर तक भी स्टाफ नर्स अस्पताल नहीं आई और समय से उपचार न मिलने पर नवजात ने भी दम तोड़ दिया। महिला के ससुर सुनील खत्री ने बताया कि यदि समय से उसकी पुत्रवधू को भर्ती कर लिया जाता तो नवजात को बचाया जा सकता था।
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नर्स की लापरवाही से यह सब हुआ है। नवजात की मौत के बाद सीएचसी में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पीड़िता को भर्ती भी किया गया, लेकिन परिजन उसे और उसके शिशु को लेकर चले गए। उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. सईद अहमद ने बताया कि बच्ची गर्भ में ही मर चुकी थी। स्टाफ नर्स उस समय बाथरूम में थी। प्रसव के बाद महिला को इंफेक्शन से बचाने के लिए भर्ती किया गया था, लेकिन उसे परिजन बिना बताए सीएचसी से ले गए।