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आर्थिक मदद के लिए छात्र ने ही रचा था अपनी हत्या का नाटक
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आर्थिक मदद के लिए छात्र ने ही रचा था अपनी हत्या का नाटक
सहारनपुर। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गदनपुरा निवासी छात्र नीरज के लापता होने के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। छात्र खुद ही लापता हुआ था। वह अपनी हत्या का केस बनाकर एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप सरकारी मदद हासिल करना चाहता था।
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि गदनपुरा निवासी देशराज ने सूचना दी थी कि जेवी जैन इंटर कालेज में कक्षा 12 में पढ़ने वाला उसका पुत्र नीरज 10 फरवरी को एडमिट कार्ड लेने गया था, तभी से लापता है। पुलिस की छानबीन में हलालपुर नहर के पास नीरज की साइकिल, स्कूल बैग, जूते, चाकू और खून लगी शर्ट बरामद हुई थी। परिवार के लोगों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई थी। तीन दिन तक भी कुछ नहीं हुआ, तो नीरज बृहस्पतिवार को खुद ही घर लौट आया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की छानबीन और पूछताछ में पता चला कि नीरज गरीब परिवार से है। उसे पैसे की जरूरत थी। उसने खुद ही साजिश रची थी। उसने चिलकाना बस स्टैंड पर मुर्गे का खून लेकर शर्ट पर लगाया था, ताकि यह समझा जाए कि अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई है।
पहले कुछ और बताता रहा नीरज
छानबीन के दौरान नीरज पहले पुलिस को बताता रहा कि उसे किसी ने नशीली चीज खिला दी थी। जब होश आया तो पंजाब में था। वहां से किसी तरह यहां पहुंचा। पुलिस के अनुसार शायद किसी शख्स ने इस छात्र को बहका दिया था कि ऐसा करने पर उसे आर्थिक मदद मिल सकती है। एसएसपी का कहना है कि परिवार के सदस्यों की भी जांच होगी कि कहीं उनकी भी मिलीभगत से तो यह सब ड्रामा नहीं किया गया।
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सहारनपुर। थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गदनपुरा निवासी छात्र नीरज के लापता होने के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। छात्र खुद ही लापता हुआ था। वह अपनी हत्या का केस बनाकर एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप सरकारी मदद हासिल करना चाहता था।
शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि गदनपुरा निवासी देशराज ने सूचना दी थी कि जेवी जैन इंटर कालेज में कक्षा 12 में पढ़ने वाला उसका पुत्र नीरज 10 फरवरी को एडमिट कार्ड लेने गया था, तभी से लापता है। पुलिस की छानबीन में हलालपुर नहर के पास नीरज की साइकिल, स्कूल बैग, जूते, चाकू और खून लगी शर्ट बरामद हुई थी। परिवार के लोगों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई थी। तीन दिन तक भी कुछ नहीं हुआ, तो नीरज बृहस्पतिवार को खुद ही घर लौट आया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की छानबीन और पूछताछ में पता चला कि नीरज गरीब परिवार से है। उसे पैसे की जरूरत थी। उसने खुद ही साजिश रची थी। उसने चिलकाना बस स्टैंड पर मुर्गे का खून लेकर शर्ट पर लगाया था, ताकि यह समझा जाए कि अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई है।
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पहले कुछ और बताता रहा नीरज
छानबीन के दौरान नीरज पहले पुलिस को बताता रहा कि उसे किसी ने नशीली चीज खिला दी थी। जब होश आया तो पंजाब में था। वहां से किसी तरह यहां पहुंचा। पुलिस के अनुसार शायद किसी शख्स ने इस छात्र को बहका दिया था कि ऐसा करने पर उसे आर्थिक मदद मिल सकती है। एसएसपी का कहना है कि परिवार के सदस्यों की भी जांच होगी कि कहीं उनकी भी मिलीभगत से तो यह सब ड्रामा नहीं किया गया।
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