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Saharanpur News: जन्म के बाद नहीं गूंज रही किलकारी, शिशुओं में बढ़ रही बीमारी

Sun, 26 May 2024 01:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 01:33 AM IST
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Crying is not resonating after birth, diseases are increasing in babies
सहारनपुर। वैसे तो बार-बार रोना ठीक नहीं माना जाता, लेकिन जब एक शिशु जन्म के बाद नहीं रोता है तो स्थिति गंभीर हो जाती है। जन्म लेने के बाद बच्चे नहीं रो रहे हैं। ऐसे बच्चे जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में प्रतिदिन चार से पांच भर्ती हो रहे हैं।
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भागदौड़ भरी जिंदगी में गर्भावस्था के दौरान सही देखभाल न होने से जन्म के बाद न रोने वाले शिशुओं की संख्या बढ़ रही है। जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) है, जिसमें हर दिन आठ से दस नवजात आ रहे हैं। इनमें चार से पांच शिशु ऐसे होते हैं, जो जन्म के बाद नहीं रोते। महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि यह समस्या शिशु को जन्म के तुरंत बाद होती है। ऐसी स्थिति में शिशु के मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है और उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। ऑक्सीजन नहीं लेने के कारण बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो जाती है। एसिड का स्तर बढ़ जाता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि गर्भावस्था के दौरान ठीक से देखभाल न करना, प्रसव के दौरान जंक फूड, फास्ट फूड अधिक खाना, अच्छे खानपान में कमी और समय पर चिकित्सक को नहीं दिखाना भी शिशु के लिए मुश्किलें पैदा करता है।
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-- ये हैं लक्षण
- प्रसव के बाद शिशु का शांत होना या न रोना।
- शिशु की त्वचा की रंगत असामान्य होना।
- दौरे पड़ना, बच्चे का सुस्त होना।
- हृदय गति कम होना, सांस लेने में दिक्कत।
- खून का दबाव कम होना
- पेशाब कम होना, रक्त के थक्के जमना।
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