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ग्राम सचिव भी निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोह
Updated Mon, 22 May 2017 01:45 AM IST
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लोहिया गांव खानुपर गुर्जर में शौचालय निर्माण के लिए आए सरकारी धन के गबन मामले में महिला ग्राम प्रधान के निलंबन के बाद अब दूसरे आरोपी ग्राम सचिव पर भी निलंबन की गाज गिर गई। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि को मामले की जांच सौंपी गई हैं।
बता दें कि लोहिया गांव खानपुर गुर्जर के ग्रामीणों ने 666 शौचालयों के लिए आए सरकारी धन की बंदरबांट के आरोप लगाए थे। तत्कालीन सीडीओ दीपक मीणा द्वारा टीम के साथ की गई जांच में महिला ग्राम प्रधान शाहिदा और ग्राम सचिव चैनपाल को करीब 44 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी।
ग्राम प्रधान को निलंबित कर सभी अधिकार सीज कर दिए गए थे। तभी से ग्राम सचिव पर भी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही थी। शनिवार को सीडीओ के अनुमोदन के अनुपालन में जिला विकास अधिकारी द्वारा ग्राम सचिव चैनपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया।
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जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश में ग्राम सचिव चैनपाल सिंह पर शौचालय के निर्माण में रुचि ना लेने, शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने, शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप लगाए गए है। मामले की जांच जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि को सौंपी गई है।
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बता दें कि लोहिया गांव खानपुर गुर्जर के ग्रामीणों ने 666 शौचालयों के लिए आए सरकारी धन की बंदरबांट के आरोप लगाए थे। तत्कालीन सीडीओ दीपक मीणा द्वारा टीम के साथ की गई जांच में महिला ग्राम प्रधान शाहिदा और ग्राम सचिव चैनपाल को करीब 44 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी।
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ग्राम प्रधान को निलंबित कर सभी अधिकार सीज कर दिए गए थे। तभी से ग्राम सचिव पर भी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही थी। शनिवार को सीडीओ के अनुमोदन के अनुपालन में जिला विकास अधिकारी द्वारा ग्राम सचिव चैनपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया।
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जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश में ग्राम सचिव चैनपाल सिंह पर शौचालय के निर्माण में रुचि ना लेने, शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने, शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप लगाए गए है। मामले की जांच जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि को सौंपी गई है।