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लूट के विरोध पर की थी हारुन की हत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:18 AM IST
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थाना सदर बाजार क्षेत्र के गांव मवीकलां में 14 सितंबर की रात हारुन नाम के युवक की हत्या लूट का विरोध करने पर की गई थी। हत्यारोपियों ने खुद यह बात पुलिस के सामने स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के पास से हारुन से लूटी गई बाइक, मोबाइल और हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद किया है।
14 सितंबर की रात हारून का गोली लगा शव गांव मवींकला के ही पास पड़ा मिला था। वारदात के बाद से ही पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंचने में जुटी थी। बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास थाना सदर बाजार प्रभारी एके सिंह, उप निरीक्षक संजीव यादव, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, विकास कुमार और राजेंद्र शर्मा वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।
इसी दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को रोक कर बाइक के कागज दिखाने को कहा। इस पर वे इधर-उधर की बात करने लगे। शक होने पर पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने 14 सितंबर की रात मवीकलां में हारुन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
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यह भी बताया कि जब वह बाइक और मोबाइल लूट रहे थे तो हारुन ने उनका विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्होंने उस पर फायर कर दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हुई। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से यूपी 12 एबी 5327 नंबर की बाइक भी बरामद की है, जो लूट की बताई जा रही है। इसके अलावा उनके पास से बरामद मोबाइल भी हारुन का ही निकला, जिसका ईएमआई नंबर भी मैच हो गया है।
पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम समीर पुत्र मेहरबान निवासी गांव जसड़ खुर्द मेरठ और इरफान पुत्र उस्मान निवासी ढिक्का इदरीशपुर थाना बड़ौत बताए हैं। बदमाशों को पकड़ने के बाद एसएसपी आरपी सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि इरफान पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इस दौरान एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव और एके सिंह उपस्थित थे।
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14 सितंबर की रात हारून का गोली लगा शव गांव मवींकला के ही पास पड़ा मिला था। वारदात के बाद से ही पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंचने में जुटी थी। बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास थाना सदर बाजार प्रभारी एके सिंह, उप निरीक्षक संजीव यादव, कांस्टेबल देवेंद्र सिंह, विकास कुमार और राजेंद्र शर्मा वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।
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इसी दौरान पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को रोक कर बाइक के कागज दिखाने को कहा। इस पर वे इधर-उधर की बात करने लगे। शक होने पर पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने 14 सितंबर की रात मवीकलां में हारुन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
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यह भी बताया कि जब वह बाइक और मोबाइल लूट रहे थे तो हारुन ने उनका विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्होंने उस पर फायर कर दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हुई। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से यूपी 12 एबी 5327 नंबर की बाइक भी बरामद की है, जो लूट की बताई जा रही है। इसके अलावा उनके पास से बरामद मोबाइल भी हारुन का ही निकला, जिसका ईएमआई नंबर भी मैच हो गया है।
पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम समीर पुत्र मेहरबान निवासी गांव जसड़ खुर्द मेरठ और इरफान पुत्र उस्मान निवासी ढिक्का इदरीशपुर थाना बड़ौत बताए हैं। बदमाशों को पकड़ने के बाद एसएसपी आरपी सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि इरफान पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इस दौरान एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव और एके सिंह उपस्थित थे।