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चालक की हत्या, शव बस में
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:23 AM IST
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Police investigating body found just that.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में देवीकुंड मार्ग पर खड़ी प्राइवेट बस में चालक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक का शरीर नीला पड़ा हुआ था जबकि गले पर भी चोट जैसे निशान बने हुए थे।
लोग इसे हत्या बता रहे है, जबकि पुलिस इसे हार्टअटैक से मौत होना बता रही है। थाना बेहट के गांव रंडोल निवासी वीरेंद्र सिंह (49) सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर प्राइवेट बस संख्या यूपी 11एटी 1794 का चालक था। सोमवार की रात देवबंद में बस बंद हो गई।
इसी कारण वीरेंद्र सिंह ने रात करीब 11 बजे बस को देवीकुंड मार्ग पर खड़ा कर दिया और खुद भी उसी में सो गया। मंगलवार की सुबह हेल्पर फूल मियां जब उसे जगाने के लिए पहुुंचा तो वीरेंद्र मृत पड़ा था।
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सूचना पर कोतवाल विजय प्रकाश सिंह और रेलवे रोड चौकी प्रभारी सचिन कुमार मौके पर पहुंचे तथा हेल्पर समेत अन्य लोगों से घटना की जानकारी ली। हेल्पर के मुताबिक वीरेंद्र का पूरा शरीर नीला पड़ा हुआ था और गले पर चोट जैसे निशान होने के साथ ही उसकी जीभ भी बाहर निकली हुई थी।
कोतवाल ने बताया कि वीरेंद्र सांस का रोगी था। संभवत: उसने कोई दवा खाई, जिससे रिऐक्शन होने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि देवबंद पहुंचे वीरेंद्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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लोग इसे हत्या बता रहे है, जबकि पुलिस इसे हार्टअटैक से मौत होना बता रही है। थाना बेहट के गांव रंडोल निवासी वीरेंद्र सिंह (49) सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर प्राइवेट बस संख्या यूपी 11एटी 1794 का चालक था। सोमवार की रात देवबंद में बस बंद हो गई।
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इसी कारण वीरेंद्र सिंह ने रात करीब 11 बजे बस को देवीकुंड मार्ग पर खड़ा कर दिया और खुद भी उसी में सो गया। मंगलवार की सुबह हेल्पर फूल मियां जब उसे जगाने के लिए पहुुंचा तो वीरेंद्र मृत पड़ा था।
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सूचना पर कोतवाल विजय प्रकाश सिंह और रेलवे रोड चौकी प्रभारी सचिन कुमार मौके पर पहुंचे तथा हेल्पर समेत अन्य लोगों से घटना की जानकारी ली। हेल्पर के मुताबिक वीरेंद्र का पूरा शरीर नीला पड़ा हुआ था और गले पर चोट जैसे निशान होने के साथ ही उसकी जीभ भी बाहर निकली हुई थी।
कोतवाल ने बताया कि वीरेंद्र सांस का रोगी था। संभवत: उसने कोई दवा खाई, जिससे रिऐक्शन होने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि देवबंद पहुंचे वीरेंद्र के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।