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लुटेरों का गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:01 AM IST
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जिले में सर्राफा कारोबारियों से लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम देेने वाले लुटेरों के गैंग का खुलासा किया गया है। देहात कोतवाली पुलिस की चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में इस गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। इनके कब्जे से लूटी गई चार किलो चांदी, 20 ग्राम सोना, तमंचा, चाकू और बाइक बरामद की गई है।
सोमवार को इस गैंग का खुलासा करते हुए एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि इन बदमाशों और इनके साथियों ने ही चिलकाना रोड के हलालपुर और सरसावा के पिलखनी में सर्राफा कारोबारियों से लूट, हत्या और इससे पहले कई थानों में बाइक, नगदी, सामान की चोरी एवं लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। गैंग के अन्य साथियों की तलाश जारी है। आईजी की ओर से पुलिस टीम को दस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
पुलिस लाइन कार्यालय में एसएसपी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पांडेय और देहात कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में दो आरोपियों दाबकी गुर्जर निवासी सोहनपाल और हौजखेड़ी निवासी सेठपाल को पेश किया।
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उन्होंने बताया कि हलालपुर में सर्राफ मोहन के साथ हुई लूट को लेकर चल रही छानबीन के बीच देहात कोतवाली पुलिस ने चिलकाना रोड पर 31 जनवरी की रात इन दो शातिरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि बाइकों की चोरी, लूट से लेकर सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाने वाला पूरा गैंग ही इनसे जुड़ा है।
सरसावा के पिलखनी में रायवाला निवासी सर्राफ संजय वर्मा के साथ लूट और उनकी हत्या की वारदात को भी इन्होंने ही अंजाम दिया। इनमें सोहनपाल पिलखनी में ही बाइक लूट और चिलकाना घटना में वांछित था।
झोला छीनते समय सर्राफ को मारी थी गोली
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि पिलखनी में झोला छीनने के चक्कर में अचानक तमंचे की गोली सर्राफ को लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना में लूटी गई चांदी की सात पाजेब और पांच बिछवे भी बरामद किए गए।
सोने के चक्कर में चली गई सर्राफ की जान
लुटेरों ने खुलासा किया कि सर्राफ संजय वर्मा की जान झोले में सोना होने के शक में चली गई। यदि यह पता होता कि इसमें सिर्फ चांदी ही है तो शायद लूट ही न की जाती। झोला देखने के बाद चांदी ही मिलने पर आरोपियों को काफी अफसोस हुआ।
कई राज्यों में सक्रिय है यह गैंग ः आरोपी सोहनलाल ने बताया कि उसके और अन्य साथियों के जरिये हरियाणा के यमुनानगर, पंचकुला, उत्तराखंड के देहरादून और पंजाब के शहरों में भी बाइकों सहित अन्य लूटों में गैंग सक्रिय रहा है। इसमें से कुछ आरोपी इकराम, जहांगीर, शमशाद, महबूब, नौशाद, अश्वनी जेल में हैं, जबकि अन्य अभी फरार हैं।
11 थानों में दर्ज हैं इस गैंग पर आपराधिक मुकदमे
थाना सरसावा, चिलकाना, कोतवाली देहात, बेहट सहित अन्य थानों में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि इस गैंग के शातिर बदमाश चिलकाना, सरसावा और मंडी क्षेत्र में सबसे अधिक घटनाएं कर चुके हैं।
राकेश डब्बू रहा है गैंग का गुरु ः एसएसपी आरपी यादव और एसपी सिटी महेंद्र सिंह ने खुलासा किया कि कई आपराधिक मामलों में संलिप्त दस हजार का इनामी राकेश डब्बू गैंग का गुरु रहा है।
वर्ष 2012 से इसकी अगुवाई में जरायम की दुनिया में आने के बाद अपना गैंग बनाकर और सदस्य बदल बदलकर वारदातों को अंजाम दिया गया। अब की घटनाओं में सोहन वाल्मीकि लीडर रहा है।
गोलियों की पहेली ने उलझाया ः पिलखनी में सर्राफ संजय वर्मा के साथ लूट और हत्या की वारदात के समय पुलिस टीम और अन्य लोगों का कहना था कि वर्मा को सिर की ओर से दो गोलियां लगी हैं। लेकिन, अब पुलिस की ओर से एक ही गोली मारने की बात कही गई है। इस बारे में एसपी सिटी महेंद्र सिंह ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी एक ही गोली आई थी।
मौसियों ने दी थी लुटेरों को पनाह
सर्राफा कारोबारियों से लूट और हत्या के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मामले में चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि लुटेरे अपनी मौसियों और अन्य रिश्तेदारों के यहां पनाह लेते हुए वारदातों को अंजाम देते रहे।
आरोपी सोहनपाल और सेठपाल की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि ऐसी घटनाओं को देखते हुए ही पिछले दिनों आम जनमानस के लिए चेतावनी जारी की गई थी कि किराएदारों से लेकर रिश्तेदारों तक की गतिविधियों को लेकर अब सचेत होने की जरूरत है।
पुलिस कप्तान ने बताया कि आरोपी सोहन ने कुछ दिन के लिए परिचालक की नौकरी भी की। उसने बताया कि उन पर 50 हजार रुपये का कर्ज हो गया था। इसके चलते भी वे इन घटनाओं में शामिल हो गए।
पीड़ित परिवार ने खुलासे पर उठाए सवाल
सरसावा के पिलखनी में शहर के रायवाला निवासी सर्राफा कारोबारी संजय वर्मा के साथ लूट और हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे को लेकर इस व्यापारी के परिवार ने आपत्ति उठाई है। इस व्यापारी के बड़े भाई सुशील वर्मा का कहना है कि लूट के दौरान संजय से छीना गया झोला और चाबी तक नहीं मिली है। पुलिस सही तरह से जांच कर कार्रवाई करे ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके।
सुशील के मुताबिक भाई के साथ लूट और उनकी हत्या के मामले से संबंधित खुलासे की जानकारी जब उन तक पहुंची तो बड़ी हैरानी हुई। पुलिस की ओर से बरामद किए गए सामान में उनके भाई का झोला और चाबी नहीं मिली है। झोला मिलने पर यकीन हो जाता कि यह लुटेरे और हत्या के आरोपी वही हैं। व्यापारी को मारी गई गोली को लेकर भी असमंजस की स्थिति है।
रायवाला क्षेत्र के व्यापारी नेता राधेश्याम नारंग, रामराजीव सिंघल और गौतम शंकर सिंघल ने कहा कि यदि व्यापारी को कार्रवाई को लेकर संदेह है या घटना का खुलासा गलत हुआ है तो पीड़ित के साथ पुलिस प्रशासन के अफसरों से संपर्क कर निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। यदि पुलिस टीम का दावा ठीक है तो उसे अपनी कार्रवाई से पीड़ित परिवार को संतुष्ट करना चाहिए।
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सोमवार को इस गैंग का खुलासा करते हुए एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि इन बदमाशों और इनके साथियों ने ही चिलकाना रोड के हलालपुर और सरसावा के पिलखनी में सर्राफा कारोबारियों से लूट, हत्या और इससे पहले कई थानों में बाइक, नगदी, सामान की चोरी एवं लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। गैंग के अन्य साथियों की तलाश जारी है। आईजी की ओर से पुलिस टीम को दस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
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पुलिस लाइन कार्यालय में एसएसपी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय पांडेय और देहात कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में दो आरोपियों दाबकी गुर्जर निवासी सोहनपाल और हौजखेड़ी निवासी सेठपाल को पेश किया।
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उन्होंने बताया कि हलालपुर में सर्राफ मोहन के साथ हुई लूट को लेकर चल रही छानबीन के बीच देहात कोतवाली पुलिस ने चिलकाना रोड पर 31 जनवरी की रात इन दो शातिरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता चला कि बाइकों की चोरी, लूट से लेकर सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाने वाला पूरा गैंग ही इनसे जुड़ा है।
सरसावा के पिलखनी में रायवाला निवासी सर्राफ संजय वर्मा के साथ लूट और उनकी हत्या की वारदात को भी इन्होंने ही अंजाम दिया। इनमें सोहनपाल पिलखनी में ही बाइक लूट और चिलकाना घटना में वांछित था।
झोला छीनते समय सर्राफ को मारी थी गोली
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि पिलखनी में झोला छीनने के चक्कर में अचानक तमंचे की गोली सर्राफ को लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना में लूटी गई चांदी की सात पाजेब और पांच बिछवे भी बरामद किए गए।
सोने के चक्कर में चली गई सर्राफ की जान
लुटेरों ने खुलासा किया कि सर्राफ संजय वर्मा की जान झोले में सोना होने के शक में चली गई। यदि यह पता होता कि इसमें सिर्फ चांदी ही है तो शायद लूट ही न की जाती। झोला देखने के बाद चांदी ही मिलने पर आरोपियों को काफी अफसोस हुआ।
कई राज्यों में सक्रिय है यह गैंग ः आरोपी सोहनलाल ने बताया कि उसके और अन्य साथियों के जरिये हरियाणा के यमुनानगर, पंचकुला, उत्तराखंड के देहरादून और पंजाब के शहरों में भी बाइकों सहित अन्य लूटों में गैंग सक्रिय रहा है। इसमें से कुछ आरोपी इकराम, जहांगीर, शमशाद, महबूब, नौशाद, अश्वनी जेल में हैं, जबकि अन्य अभी फरार हैं।
11 थानों में दर्ज हैं इस गैंग पर आपराधिक मुकदमे
थाना सरसावा, चिलकाना, कोतवाली देहात, बेहट सहित अन्य थानों में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। खास बात यह है कि इस गैंग के शातिर बदमाश चिलकाना, सरसावा और मंडी क्षेत्र में सबसे अधिक घटनाएं कर चुके हैं।
राकेश डब्बू रहा है गैंग का गुरु ः एसएसपी आरपी यादव और एसपी सिटी महेंद्र सिंह ने खुलासा किया कि कई आपराधिक मामलों में संलिप्त दस हजार का इनामी राकेश डब्बू गैंग का गुरु रहा है।
वर्ष 2012 से इसकी अगुवाई में जरायम की दुनिया में आने के बाद अपना गैंग बनाकर और सदस्य बदल बदलकर वारदातों को अंजाम दिया गया। अब की घटनाओं में सोहन वाल्मीकि लीडर रहा है।
गोलियों की पहेली ने उलझाया ः पिलखनी में सर्राफ संजय वर्मा के साथ लूट और हत्या की वारदात के समय पुलिस टीम और अन्य लोगों का कहना था कि वर्मा को सिर की ओर से दो गोलियां लगी हैं। लेकिन, अब पुलिस की ओर से एक ही गोली मारने की बात कही गई है। इस बारे में एसपी सिटी महेंद्र सिंह ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी एक ही गोली आई थी।
मौसियों ने दी थी लुटेरों को पनाह
सर्राफा कारोबारियों से लूट और हत्या के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मामले में चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि लुटेरे अपनी मौसियों और अन्य रिश्तेदारों के यहां पनाह लेते हुए वारदातों को अंजाम देते रहे।
आरोपी सोहनपाल और सेठपाल की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि ऐसी घटनाओं को देखते हुए ही पिछले दिनों आम जनमानस के लिए चेतावनी जारी की गई थी कि किराएदारों से लेकर रिश्तेदारों तक की गतिविधियों को लेकर अब सचेत होने की जरूरत है।
पुलिस कप्तान ने बताया कि आरोपी सोहन ने कुछ दिन के लिए परिचालक की नौकरी भी की। उसने बताया कि उन पर 50 हजार रुपये का कर्ज हो गया था। इसके चलते भी वे इन घटनाओं में शामिल हो गए।
पीड़ित परिवार ने खुलासे पर उठाए सवाल
सरसावा के पिलखनी में शहर के रायवाला निवासी सर्राफा कारोबारी संजय वर्मा के साथ लूट और हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे को लेकर इस व्यापारी के परिवार ने आपत्ति उठाई है। इस व्यापारी के बड़े भाई सुशील वर्मा का कहना है कि लूट के दौरान संजय से छीना गया झोला और चाबी तक नहीं मिली है। पुलिस सही तरह से जांच कर कार्रवाई करे ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके।
सुशील के मुताबिक भाई के साथ लूट और उनकी हत्या के मामले से संबंधित खुलासे की जानकारी जब उन तक पहुंची तो बड़ी हैरानी हुई। पुलिस की ओर से बरामद किए गए सामान में उनके भाई का झोला और चाबी नहीं मिली है। झोला मिलने पर यकीन हो जाता कि यह लुटेरे और हत्या के आरोपी वही हैं। व्यापारी को मारी गई गोली को लेकर भी असमंजस की स्थिति है।
रायवाला क्षेत्र के व्यापारी नेता राधेश्याम नारंग, रामराजीव सिंघल और गौतम शंकर सिंघल ने कहा कि यदि व्यापारी को कार्रवाई को लेकर संदेह है या घटना का खुलासा गलत हुआ है तो पीड़ित के साथ पुलिस प्रशासन के अफसरों से संपर्क कर निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। यदि पुलिस टीम का दावा ठीक है तो उसे अपनी कार्रवाई से पीड़ित परिवार को संतुष्ट करना चाहिए।