सहारनपुर की कारपोरेशन बैंक डकैती का खुलासा, 5 गिरफ्तार, 8.45 लाख बरामद

ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 08 Oct 2016 04:18 PM IST
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पकड़े गए बैंक लुटेरे।
पकड़े गए बैंक लुटेरे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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सहारनपुर में कारपोरेशन बैंक में 29 अगस्त को दिनदहाड़े हुई 18 लाख रुपये की डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच डकैतों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8.45 लाख रुपये बरामद किए हैं।
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पुलिस ने डकैती में की प्रयुक्त बाइकें और कार भी बरामद की है। जबकि एक आरोपी फरार है। शहर के दिल्ली रोड स्थित कारपोरेशन बैंक में 29 अगस्त को दोपहर आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को आतंकित कर बैंक एवं ग्राहकों से लगभग 18 लाख रुपये की डकैती डाली थी।
इस दौरान बैंक गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक बदमाश भी हाथ में गोली लगने से घायल हो गया था। डकैत अपने साथ सीसीटीवी की डीवीआर भी ले गए थे। 
बृहस्पतिवार की शाम को पुलिस को दिल्ली रोड स्थित निर्माणाधीन आवास विकास कॉलोनी के निकट बदमाशों के होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर ली और मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस ने बदमाशों के पास से दो पिस्टल, तीन तमंचे, 46 कारतूस, तीन बाइकें एवं एक टवेरा कार और बैंक से लूटे गए 8 लाख 45 हजार रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम श्रवण निवासी सादपुर जिला मुजफ्फरनगर, सचिन उर्फ टिल्लू उर्फ लक्की निवासी ग्राम कुरी रवाना, थाना छजलैट, जिला मुरादाबाद, रविंद्र उर्फ छंगा निवासी ग्राम शिवारा जिला शाहजहांपुर, विनीत मिश्रा निवासी ग्राम गणेशपुर, गंज डुडवारा,

जिला कासगंज और दिनेश राघव निवासी दानगढ़, डिबाई, जिला बुलंदशहर बताया। जबकि वीरेंद्र राघव उर्फ चाचा निवासी दानगढ़, डिबाई जिला बुलंदशहर फरार हो गया। 

पूछताछ में डकैतों ने बैंक डकैती का खुलासा किया। डकैतों ने बताया कि विनीत मिश्रा की शाहजहांपुर जेल में हत्या के आरोप में बंद आशीष कश्यप से मिलने गए श्रवण कश्यप से उसकी मुलाकात हुई।

वहीं बैंक डकैती की प्लानिंग बनी। जेल से आने के बाद विनीत ने श्रवण के गांव सादपुर पहुंचकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बागपत के आउटर पर बैंक डकैती का प्लान बनाया। इसके बाद कारपोरेशन बैंक को चुना गया। 

विनीत मिश्रा ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी सचिन उर्फ टिल्लू, रविंद्र उर्फ छंगा, दिपेश राघव एवं वीरेंद्र राघव को तैयार किया और 19 अगस्त को बैंक पहुंचकर रैकी की। 

उसके बाद 29 अगस्त को उन्होंने हथियारों के बल पर बैंक डकैती को अंजाम दिया। वहां सचिन को गोली लग गई। जिस कारण गार्ड को गाली मार दी गई। डकैती डालने के बाद वे चिरचिटा, रामपुर मनिहारन, रोहाना होते हुए सादपुर पहुंचे।

वहां से उपचार के लिए सचिन को बरेली ले गए। एसएसपी ने बताया कि विनीत मिश्रा डकैती के मामले में पहले भी कई बार जेल जा चुका है। उस पर बैंक लूट समेत शाहजहांपुर, उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर, गंज डुंडवारा में पांच मामले दर्ज हैं।

रविंद्र उर्फ छंगा पर शाहजहांपुर में बैंक डकैती, एटा में बैंक डकैती समेत चार मामले दर्ज हैं सचिन उर्फ टिल्लू पर सहारनपुर में एक मुकदमा दर्ज है। श्रवण पर एक और दिनेश राघव पर एक मामला दर्ज है। मामले के खुलासे में एसओ नानौता मुनीष, सिपाही विनीत हुड़ा और मेरठ से इस केस के लिए लगाए गए एसआई मुबारिक की अहम भूमिका रही। 
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