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बलकटी से गले पर किए गए कई वार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:05 AM IST
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जांच को पहुंचा डाग स्कवायड।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में हत्यारों ने राकेश अरोड़ा की बेरहमी से हत्या की। उनके गले पर एक नहीं बल्कि बलकटी के कई वार किए गए। यही नहीं उनकी कनपटी पर हो रहे निशान से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बदमाशों ने उन्हें गोली भी मारी। जिससे उनके बचने की कोई शंका न रहे।
बदमाशों ने पहले राकेश अरोड़ा का अपहरण किया। बताया जा रहा है कि लगभग 8 बजे राकेश को उनके घर से ही फोन गया था और उनसे पूछा था कि कितनी देर में आ रहे हैं।
जिस पर राकेश ने जवाब दिया कि वह रेलवे फाटक पर हैं और कुछ ही देर में पहुंच जाएंगे। जिससे यह लग रहा है कि बदमाशों ने फाटक से ही उनका अपहरण किया और बाग में ले जाकर उनकी हत्या कर दी।
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हत्यारों ने राकेश के गले पर बेरहमी से वार किए। उनके गले हो रहे निशान से लग रहा है कि हत्यारे तब तक वार करते रहे जब तक वह निढाल नहीं हो गए। उनके सिर के पास हो रहे घाव से ऐसा लग रहा है जैसे बाद में उन्हें गोली भी मार दी गई।
पूरी कार खून से लथपथ होने से पता चल रहा है कि राकेश अंतिम सांस तक हत्यारों से जूझते रहे। पुलिस के लिए राकेश अरोड़ा की हत्या एक पहेली बन गई है। अभी तक यह भी अंदेशा नहीं लग पा रहा है कि आखिर राकेश अरोड़ा की हत्या क्यों की गई।
हालांकि उनका काफी बड़ा लेन-देन रहता था लेकिन उसका भी परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं। जिस कारण हत्या के कारणों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
परिजन अजीत सिंह, सतीश कुमार, अमरनाथ, धर्मपाल आदि ने एसएसपी से कहा कि व्यापारी बदमाशों के निशाने पर हैं। पुलिस उनकी सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है जिस प्रकार से राकेश की गला काट कर हत्या की गई है उससे साफ जाहिर है कि हत्या इरादतन की गई है।
एसएसपी लव कुमार ने पीड़ित के परिजनों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कोई सबूत मिले हैं?
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मिले सबूत, राकेश के मोबाइल की लोकेशन, डाग स्कावयड व फारेसिंक टीम की रिपोर्ट आदि का मिलान कर हत्या आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। प्रथम दृष्टया हत्या को अंजाम देने वाला करीबी या परिचित है।
राकेश अरोड़ा की हत्या इस परिवार की तीसरी हत्या है। इसी वर्ष मई में इसी परिवार केे मोबाइल व्यापारी हिमांशु अरोड़ा की बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
उससे पूर्व इसी परिवार के रेस्टोरेंट मालिक चिराग अरोड़ा की भी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। राकेश अरोडा दूध, पनीर के कारोबारी थे, इसके अलावा वह प्रापर्टी डीलर खरीदने व बेचने का भी काम करते थे।
लोगों को आशंका है कि रुपयों के लेनदेेन को लेकर हत्या की गई हो। वे मासिक अखबार के संपादक भी थे। राकेश के पुत्र अर्श अरोड़ा ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सूचना पर एसएसपी लव कुमार, एसपी सिटी संजय सिंह, एसएसपी सुनीति सिंह, सीओ विष्णु चंद गौतम मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जांच टीम भी मौके पर पहुंच गई। डॉग स्क्वायड की टीम ने पहुंचकर आसपास जांच की। फारेंसिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट एवं अन्य निशान लिए। कुछ सामान भी जांच के लिए लिया गया।
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बदमाशों ने पहले राकेश अरोड़ा का अपहरण किया। बताया जा रहा है कि लगभग 8 बजे राकेश को उनके घर से ही फोन गया था और उनसे पूछा था कि कितनी देर में आ रहे हैं।
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जिस पर राकेश ने जवाब दिया कि वह रेलवे फाटक पर हैं और कुछ ही देर में पहुंच जाएंगे। जिससे यह लग रहा है कि बदमाशों ने फाटक से ही उनका अपहरण किया और बाग में ले जाकर उनकी हत्या कर दी।
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हत्यारों ने राकेश के गले पर बेरहमी से वार किए। उनके गले हो रहे निशान से लग रहा है कि हत्यारे तब तक वार करते रहे जब तक वह निढाल नहीं हो गए। उनके सिर के पास हो रहे घाव से ऐसा लग रहा है जैसे बाद में उन्हें गोली भी मार दी गई।
पूरी कार खून से लथपथ होने से पता चल रहा है कि राकेश अंतिम सांस तक हत्यारों से जूझते रहे। पुलिस के लिए राकेश अरोड़ा की हत्या एक पहेली बन गई है। अभी तक यह भी अंदेशा नहीं लग पा रहा है कि आखिर राकेश अरोड़ा की हत्या क्यों की गई।
हालांकि उनका काफी बड़ा लेन-देन रहता था लेकिन उसका भी परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं। जिस कारण हत्या के कारणों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
परिजन अजीत सिंह, सतीश कुमार, अमरनाथ, धर्मपाल आदि ने एसएसपी से कहा कि व्यापारी बदमाशों के निशाने पर हैं। पुलिस उनकी सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है जिस प्रकार से राकेश की गला काट कर हत्या की गई है उससे साफ जाहिर है कि हत्या इरादतन की गई है।
एसएसपी लव कुमार ने पीड़ित के परिजनों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कोई सबूत मिले हैं?
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मिले सबूत, राकेश के मोबाइल की लोकेशन, डाग स्कावयड व फारेसिंक टीम की रिपोर्ट आदि का मिलान कर हत्या आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। प्रथम दृष्टया हत्या को अंजाम देने वाला करीबी या परिचित है।
राकेश अरोड़ा की हत्या इस परिवार की तीसरी हत्या है। इसी वर्ष मई में इसी परिवार केे मोबाइल व्यापारी हिमांशु अरोड़ा की बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
उससे पूर्व इसी परिवार के रेस्टोरेंट मालिक चिराग अरोड़ा की भी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। राकेश अरोडा दूध, पनीर के कारोबारी थे, इसके अलावा वह प्रापर्टी डीलर खरीदने व बेचने का भी काम करते थे।
लोगों को आशंका है कि रुपयों के लेनदेेन को लेकर हत्या की गई हो। वे मासिक अखबार के संपादक भी थे। राकेश के पुत्र अर्श अरोड़ा ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सूचना पर एसएसपी लव कुमार, एसपी सिटी संजय सिंह, एसएसपी सुनीति सिंह, सीओ विष्णु चंद गौतम मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जांच टीम भी मौके पर पहुंच गई। डॉग स्क्वायड की टीम ने पहुंचकर आसपास जांच की। फारेंसिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट एवं अन्य निशान लिए। कुछ सामान भी जांच के लिए लिया गया।