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फिर गर्माया देवबंद का केंदुकी प्रकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:14 AM IST
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केंदुकी प्रकरण पर वार्ता करते भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद के गांव केंदुकी के विवादित भूमि प्रकरण पर भाजपा नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थल बनाने में कोई रुकावट न हो इसके लिए विपक्षीगण अब पीड़ित दलित व्यक्ति के परिवार को धमकी दे रहे हैं। जो क्षेत्र की शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश है।
बृहस्पतिवार को डांक बंगले पर पत्रकार वार्ता में वीरेंद्र सिंह ने कहा कि केंदुकी प्रकरण में प्रशासन ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए गांव के दलित श्यामू व उसके नाबालिग पुत्र को मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया था।
उन्होंने कहा कि विपक्षी श्यामू के पट्टे की जमीन पर कब्जा कर वहां पर धार्मिक स्थल बनाना चाहते हैं। अब उसके परिवार को धमकी दी जा रही है। सिंह ने कहा कि केंदुकी से पहले भी तलहेड़ी बुजुर्ग, बन्हेड़ा, मिरगपुर और देवबंद के विवादों में भी प्रशासन ने एक पक्षीय कार्रवाई कर रासुका और गुंडा एक्ट जैसी
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संगीन धाराओं में निर्दोष लोगों को जेल भेजने का काम किया। जबकि लगभग तीन वर्ष पूर्व देवबंद में हुए बलवे के दौरान उत्पात मचाने तथा पुलिस की एके-47 राइफल लूटने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही पुलिस लूटी गई राइफल को बरामद कर पाई है।
इन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचेंगे। जन-जागरण अभियान चला अमन चैन का माहौल कायम किया जाएगा। नेपाल सिंह, महीपाल, सुरेशपाल, मांगेराम, महेंद्र, तीरथपाल, मनोज सिंघल, यशपाल सिंह, आदेश त्यागी, श्यामपाल, ऋषिपाल सिंह, विपिन, पूरण सिंह मौजूद रहे।
उधर, देवबंद। केंदुकी में दूसरे समुदाय के मेहरदीन, इस्लाम, सलीम, मंगता, मुमताज अली, इकबाल आदि ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि मस्जिद के निर्माण हेतु खसरा संख्या 3181 में जमीन खरीदी थी।
जबकि दलित व्यक्ति श्याम कुमार का खसरा नंबर 3180 है। जिसका मस्जिद के कोई संबंध नहीं है। आरोप है कि त्यागी समाज के लोग सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की नियत से विवाद कर रहे हैं।
आरोप है कि न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध एक प्रशासनिक अधिकारी हिंदू संगठनों से सांठगांठ कर जमीन की नपाई आदि करने की अवैध तरीके से कार्रवाई करने के प्रयास में है।
इसलिए एसडीएम को आदेशित किया जाए कि वह न्यायालय के 12 अगस्त 1995 के आदेश को ध्यान में रखकर उक्त स्थल पर गांव में सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त कराएं। ताकि शांति व्यवस्था भी बनी रही।
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बृहस्पतिवार को डांक बंगले पर पत्रकार वार्ता में वीरेंद्र सिंह ने कहा कि केंदुकी प्रकरण में प्रशासन ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए गांव के दलित श्यामू व उसके नाबालिग पुत्र को मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया था।
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उन्होंने कहा कि विपक्षी श्यामू के पट्टे की जमीन पर कब्जा कर वहां पर धार्मिक स्थल बनाना चाहते हैं। अब उसके परिवार को धमकी दी जा रही है। सिंह ने कहा कि केंदुकी से पहले भी तलहेड़ी बुजुर्ग, बन्हेड़ा, मिरगपुर और देवबंद के विवादों में भी प्रशासन ने एक पक्षीय कार्रवाई कर रासुका और गुंडा एक्ट जैसी
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संगीन धाराओं में निर्दोष लोगों को जेल भेजने का काम किया। जबकि लगभग तीन वर्ष पूर्व देवबंद में हुए बलवे के दौरान उत्पात मचाने तथा पुलिस की एके-47 राइफल लूटने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही पुलिस लूटी गई राइफल को बरामद कर पाई है।
इन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचेंगे। जन-जागरण अभियान चला अमन चैन का माहौल कायम किया जाएगा। नेपाल सिंह, महीपाल, सुरेशपाल, मांगेराम, महेंद्र, तीरथपाल, मनोज सिंघल, यशपाल सिंह, आदेश त्यागी, श्यामपाल, ऋषिपाल सिंह, विपिन, पूरण सिंह मौजूद रहे।
उधर, देवबंद। केंदुकी में दूसरे समुदाय के मेहरदीन, इस्लाम, सलीम, मंगता, मुमताज अली, इकबाल आदि ने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि मस्जिद के निर्माण हेतु खसरा संख्या 3181 में जमीन खरीदी थी।
जबकि दलित व्यक्ति श्याम कुमार का खसरा नंबर 3180 है। जिसका मस्जिद के कोई संबंध नहीं है। आरोप है कि त्यागी समाज के लोग सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की नियत से विवाद कर रहे हैं।
आरोप है कि न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध एक प्रशासनिक अधिकारी हिंदू संगठनों से सांठगांठ कर जमीन की नपाई आदि करने की अवैध तरीके से कार्रवाई करने के प्रयास में है।
इसलिए एसडीएम को आदेशित किया जाए कि वह न्यायालय के 12 अगस्त 1995 के आदेश को ध्यान में रखकर उक्त स्थल पर गांव में सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त कराएं। ताकि शांति व्यवस्था भी बनी रही।