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एटीएस ने खंगाले गिरफ्तार बांग्लादेशियों के कमरे
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:27 AM IST
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सहारनपुर। लखनऊ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार तीनों बांग्लादेशी करीब दो महीने से ज्यादा समय से देवबंद के भनेड़ा गांव में रह रहे थे। गांव की मदरसा इस्लामिया तालिमुल कुरआन में तीनों बांग्लादेशियों को शरण मिली थी। यह तीनों सगे भाई हैं, जिसमें दो उस्ताद और एक छात्र बनकर रह रहा था। बृहस्पतिवार की रात एटीएस ने मदरसे में स्थित इन संदिग्धों के कमरे की तलाशी ली। वहां से टीम को कुछ सामान भी मिला है। माना जा रहा है कि छह अगस्त को बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह से पूछताछ के बाद इन्हें गिरफ्तार किया जा सका है।
करीब दो महीने पहले भनेड़ा खास में आकर रह रहे मोहम्मद इमरान, रजीजुद्दीन, मोहम्मद फिरदौस निवासी बांग्लादेश मदरसे से जुड़ गए। ग्रामीणों की मानें तो मदरसे में शरण लेने के बाद लोगों से घुलने मिलने के लिए वे पैसे खर्च करने लगे थे। लोगों की मदद करने के साथ ही मदरसे में भी दो भाई निशुल्क तालिम देने लगे थे। सूत्रों की मानें तो अगस्त महीने के बाद ही एटीएस की टीम ने इन तीनों से पूछताछ की थी और इनकी गतिविधियों पर नजर जमाए हुए थी। बृहस्पतिवार को लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद टीम ने भनेड़ा खास में फिर से छापेमारी की। मदरसे के कमरे को खंगालने के बाद कई सामान बरामद किया गया है। जिसे एटीएस ने जांच के लिए जब्त किया है। यहां बता दें कि छह अगस्त को एटीएस ने देवबंद से जाकर चरथावल के ग्राम कुटेसरा में रह रहे बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार उल्लाह बांग्ला टीम के एक आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि देवबंद में उसके साथी फैजान के यहां छापा मारा, लेकिन फैजान एटीएस को चकमा देकर फरार हो गया। एटीएस ने उसके अलावा छह अन्य लोगों को हिरासत में लिया था, बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसी दौरान देवबंद में रह रहे आतंकी संगठन से जुड़े फैजान के साथ उसके अन्य साथी भी फरार हो गए। अब्दुल्लाह से पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए। पूछताछ के आधार पर एटीएस ने देवबंद में 12 सितंबर को फिर से छापा मारा। लेकिन उससे पहले ही एक मदरसे में रह रहे तीन युवक फरार हो गए। एटीएस यहीं से उनका पीछा करते हुए लखनऊ तक पहुंच गई। जहां एटीएस ने तीनों को उतार लिया और उनसे फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पासपोर्ट बरामद किया।
बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों का ठिकाना
छह अगस्त को बांग्लादेशी आतंकी की गिरफ्तारी के बाद से देवबंद में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों की मौजूदगी की आशंका जाहिर की जा रही थी। मिश्रित आबादी के चलते यहां बांग्लादेशी आसानी से खप जाते हैं। यहीं कारण है कि यहां उन्हें अपना ठिकाना बनाने में दिक्कत नहीं होती। फरार संदिग्ध आतंकी फैजान बांग्लादेशियों को फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड सहित अन्य कागजात मुहैया करा रहा था। ऐसे में यहां और भी बांग्लादेशियों की मौजूदगी का खुलासा हो सकता है।
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पुलिस चलाएगी वेरिफकेशन अभियान
एटीएस की गिरफ्तारियों की बाद एसएसपी बबलू कुमार ने खुफिया टीम को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि देवबंद सहित मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की मदद से बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाए। इसके अलावा संदिग्धों की सूची बनाकर उन पर नजर रखने को भी कहा है।
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एटीएस की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। हमारी पुलिस टीमें अलर्ट हैं और संदिग्धों पर नजर जमाए हुए हैं। खुफिया विभाग लगातार सूचनाएं एकत्र कर रहा है।
बबलू कुमार, एसएसपी
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करीब दो महीने पहले भनेड़ा खास में आकर रह रहे मोहम्मद इमरान, रजीजुद्दीन, मोहम्मद फिरदौस निवासी बांग्लादेश मदरसे से जुड़ गए। ग्रामीणों की मानें तो मदरसे में शरण लेने के बाद लोगों से घुलने मिलने के लिए वे पैसे खर्च करने लगे थे। लोगों की मदद करने के साथ ही मदरसे में भी दो भाई निशुल्क तालिम देने लगे थे। सूत्रों की मानें तो अगस्त महीने के बाद ही एटीएस की टीम ने इन तीनों से पूछताछ की थी और इनकी गतिविधियों पर नजर जमाए हुए थी। बृहस्पतिवार को लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद टीम ने भनेड़ा खास में फिर से छापेमारी की। मदरसे के कमरे को खंगालने के बाद कई सामान बरामद किया गया है। जिसे एटीएस ने जांच के लिए जब्त किया है। यहां बता दें कि छह अगस्त को एटीएस ने देवबंद से जाकर चरथावल के ग्राम कुटेसरा में रह रहे बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार उल्लाह बांग्ला टीम के एक आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि देवबंद में उसके साथी फैजान के यहां छापा मारा, लेकिन फैजान एटीएस को चकमा देकर फरार हो गया। एटीएस ने उसके अलावा छह अन्य लोगों को हिरासत में लिया था, बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसी दौरान देवबंद में रह रहे आतंकी संगठन से जुड़े फैजान के साथ उसके अन्य साथी भी फरार हो गए। अब्दुल्लाह से पूछताछ में कई अन्य नाम सामने आए। पूछताछ के आधार पर एटीएस ने देवबंद में 12 सितंबर को फिर से छापा मारा। लेकिन उससे पहले ही एक मदरसे में रह रहे तीन युवक फरार हो गए। एटीएस यहीं से उनका पीछा करते हुए लखनऊ तक पहुंच गई। जहां एटीएस ने तीनों को उतार लिया और उनसे फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पासपोर्ट बरामद किया।
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बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों का ठिकाना
छह अगस्त को बांग्लादेशी आतंकी की गिरफ्तारी के बाद से देवबंद में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशियों की मौजूदगी की आशंका जाहिर की जा रही थी। मिश्रित आबादी के चलते यहां बांग्लादेशी आसानी से खप जाते हैं। यहीं कारण है कि यहां उन्हें अपना ठिकाना बनाने में दिक्कत नहीं होती। फरार संदिग्ध आतंकी फैजान बांग्लादेशियों को फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड सहित अन्य कागजात मुहैया करा रहा था। ऐसे में यहां और भी बांग्लादेशियों की मौजूदगी का खुलासा हो सकता है।
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पुलिस चलाएगी वेरिफकेशन अभियान
एटीएस की गिरफ्तारियों की बाद एसएसपी बबलू कुमार ने खुफिया टीम को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि देवबंद सहित मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की मदद से बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाए। इसके अलावा संदिग्धों की सूची बनाकर उन पर नजर रखने को भी कहा है।
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एटीएस की कार्रवाई की जानकारी नहीं है। हमारी पुलिस टीमें अलर्ट हैं और संदिग्धों पर नजर जमाए हुए हैं। खुफिया विभाग लगातार सूचनाएं एकत्र कर रहा है।
बबलू कुमार, एसएसपी