{"_id":"5b5779b14f1c1b43748b6cb5","slug":"171532459441-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध रेत खनिज से भरी ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध रेत खनिज से भरी ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नकुड़ (सहारनपुर)। अवैध खनन पर पुलिस प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन माफिया यमुना नदी से अवैध खनन कर सप्लाई करने से बाज नही आ रहे हैं। मंगलवार की अल सुबह पुलिस ने गांव टाबर के समीप रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ा है, जबकि उसका चालक मौके से फरार हो गया है।
कोतवाल अभिषेक सिरोही ने बताया कि मंगलवार की अल सुबह करीब ढाई बजे वह गश्त कर रहे थे। जैसे ही वह गांव टाबर के समीप पहुंचे तो सामने से रेत से भरी आ रही ट्रैक्टर ट्राली का चालक पुलिस जीप को देखकर ट्रैक्टर-ट्राली को मौके पर ही छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गया। पुलिस किसी तरह ट्रैक्टर-ट्राली को खिंचवाकर कोतवाली लेकर आयी। कोतवाल ने बताया कि पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्राली को अज्ञात में दाखिल कर दिया गया है तथा रिपोर्ट खनन अधिकारी को भेज दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में बाइक काटकर बनाये गये रेहड़ों से खुलेआम यमुना नदी से अवैध रेत खनन कर लगातार लाया जा रहा है। यह रेहड़ा चालक सुबह पांच बजे से शुरू हो जाते हैं तथा इन रेहड़ों में सात-आठ कुंतल रेत भरकर एक दिन में आठ से दस चक्कर तक लगा देते है।
विज्ञापन
कोतवाल अभिषेक सिरोही ने बताया कि मंगलवार की अल सुबह करीब ढाई बजे वह गश्त कर रहे थे। जैसे ही वह गांव टाबर के समीप पहुंचे तो सामने से रेत से भरी आ रही ट्रैक्टर ट्राली का चालक पुलिस जीप को देखकर ट्रैक्टर-ट्राली को मौके पर ही छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गया। पुलिस किसी तरह ट्रैक्टर-ट्राली को खिंचवाकर कोतवाली लेकर आयी। कोतवाल ने बताया कि पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्राली को अज्ञात में दाखिल कर दिया गया है तथा रिपोर्ट खनन अधिकारी को भेज दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में बाइक काटकर बनाये गये रेहड़ों से खुलेआम यमुना नदी से अवैध रेत खनन कर लगातार लाया जा रहा है। यह रेहड़ा चालक सुबह पांच बजे से शुरू हो जाते हैं तथा इन रेहड़ों में सात-आठ कुंतल रेत भरकर एक दिन में आठ से दस चक्कर तक लगा देते है।
विज्ञापन