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मुंशी विकास की मौत साबित करे पुलिस.... हत्या के खुलासे पर उठाए सवाल
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:28 AM IST
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मुंशी विकास की मौत साबित करे पुलिस, हत्या के खुलासे पर उठाए सवाल
सहारनपुर। अधिवक्ता दिग्विजय सिंह और मुंशी विकास कुमार की हत्या के खुलासे पर मृतक के परिजनों ने ही सवाल खड़े कर दिए। उन्हें दोनों की मौत का अभी तक विश्वास नहीं है। परिजनों ने कहा कि पुलिस दोनों की मौत के सबूत दे। उन्हें विकास चाहिए, जिंदा या मुर्दा। पुलिस ने सबूत नहीं दिए तो दो दिन बाद परिजन भूख हड़ताल करेंगे।
सोमवार को ग्राम वाजिदपुर के लोग कांग्रेस नेता इमरान मसूद के नेतृत्व में एसएसपी और डीआईजी कार्यालय पहुंचे और अधिवक्ता दिग्विजय सिंह एवं मुंशी विकास कुमार की हत्या के खुलासे को फर्जी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के गायब होने के बाद पुलिस ने अब तक चुप्पी साध रखी थी और अब दोनों की हत्या की कहानी बता दी। पुलिस ने हत्या के कोई सबूत अब तक इकट्ठा नहीं कर पाई है। अभी तक उस बाइक का पता नहीं है जिससे दोनों रुड़की गए थे। अभी तक किसी का भी शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी है।
परिजनों ने कहा कि जब तक विकास जिंदा या मुर्दा नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा। पुलिस ने दो दिन में उन्हें वकील और मुंशी की हत्या के सबूत नहीं दिए तो पूरा परिवार दो दिन बाद भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा। मृतक विकास के पिता यशपाल सिंह ने गांव के लोगों के साथ मिलकर एसएसपी एवं डीआईजी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में ओमपाल सिंह, सुभाष, राजो, सुखो, प्रधान उमेश, संजय, मुकेश कुमार, बाला, विजय लक्ष्मी समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।
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एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी जांच बंद नहीं हुई है। जब तक शव बरामद नहीं हो जाते तब तक जांच चलती रहेगी। हत्या के संबंध में और सुबूत जुटाए जा रहे हैं। शवों को भी बरामद कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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सहारनपुर। अधिवक्ता दिग्विजय सिंह और मुंशी विकास कुमार की हत्या के खुलासे पर मृतक के परिजनों ने ही सवाल खड़े कर दिए। उन्हें दोनों की मौत का अभी तक विश्वास नहीं है। परिजनों ने कहा कि पुलिस दोनों की मौत के सबूत दे। उन्हें विकास चाहिए, जिंदा या मुर्दा। पुलिस ने सबूत नहीं दिए तो दो दिन बाद परिजन भूख हड़ताल करेंगे।
सोमवार को ग्राम वाजिदपुर के लोग कांग्रेस नेता इमरान मसूद के नेतृत्व में एसएसपी और डीआईजी कार्यालय पहुंचे और अधिवक्ता दिग्विजय सिंह एवं मुंशी विकास कुमार की हत्या के खुलासे को फर्जी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के गायब होने के बाद पुलिस ने अब तक चुप्पी साध रखी थी और अब दोनों की हत्या की कहानी बता दी। पुलिस ने हत्या के कोई सबूत अब तक इकट्ठा नहीं कर पाई है। अभी तक उस बाइक का पता नहीं है जिससे दोनों रुड़की गए थे। अभी तक किसी का भी शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी है।
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परिजनों ने कहा कि जब तक विकास जिंदा या मुर्दा नहीं मिल जाता, तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा। पुलिस ने दो दिन में उन्हें वकील और मुंशी की हत्या के सबूत नहीं दिए तो पूरा परिवार दो दिन बाद भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा। मृतक विकास के पिता यशपाल सिंह ने गांव के लोगों के साथ मिलकर एसएसपी एवं डीआईजी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में ओमपाल सिंह, सुभाष, राजो, सुखो, प्रधान उमेश, संजय, मुकेश कुमार, बाला, विजय लक्ष्मी समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।
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एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी जांच बंद नहीं हुई है। जब तक शव बरामद नहीं हो जाते तब तक जांच चलती रहेगी। हत्या के संबंध में और सुबूत जुटाए जा रहे हैं। शवों को भी बरामद कराने का प्रयास किया जा रहा है।