फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   लापता अधिवक्ता पारितोष का था नहर में मिला शव

लापता अधिवक्ता पारितोष का था नहर में मिला शव

Mon, 09 Jul 2018 12:25 AM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
लापता अधिवक्ता पारितोष का था नहर में मिला शव
लापता अधिवक्ता पारितोष का था नहर में मिला शव
विज्ञापन

सहारनपुर। रामपुर मनिहारान स्थित नहर में मिला शव एक सप्ताह से लापता चल रहे अधिवक्ता पारितोष शर्मा का ही था। पानी में अधिक फूलने के कारण उसकी पहचान करना काफी मुश्किल रहा। इसके चलते परिजनों ने पहले तो शव पहचानने से इनकार किया। मगर बाद में अधिवक्ता का ही शव माना गया। हालांकि परिजनों के मन में संशय बरकरार है और उन्होंने शव का डीएनए परीक्षण कराने की मांग की है। पुलिस अब डीएनए टेस्ट कराएगी।
बता दें कि नगर कोतवाली के मोहल्ला मटिया महल निवासी पारितोष शर्मा (46 वर्ष) पुत्र पूरन चंद शर्मा एक जुलाई की शाम लगभग साढ़े छह बजे अपने घर से वार्डन की बैठक में जाने के लिए कहकर निकले थे। लेकिन रास्ते से ही संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। अंतिम लोकेशन अंबाला रोड स्थित बड़ी नहर पर मिली थी। पारितोष ने एक मोबाइल से लगभग 34 सेकेंड तक किसी से बात की थी। उसके बाद से उनकी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी थी। चचेरे भाई एडवोकेट अनिल शर्मा ने नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। शनिवार तक पारितोष का कहीं पता नहीं चल सका।
विज्ञापन

इसी बीच, शनिवार शाम को रामपुर मनिहारान स्थित नहर में एक शव तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को नहर से निकलवाकर शनाख्त कराने का प्रयास किया। लेकिन शव की शनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने पारितोष के परिजनों को बुलाया। लेकिन शनिवार को परिजनों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने एक बार फिर से पारितोष के परिजनों से शव की शनाख्त कराई तो पारितोष के भाई अनिल कुमार शर्मा ने उसकी शनाख्त पारितोष के रूप में की और पुलिस से शव सुपुर्द करने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया। लेकिन शव के अधिक फूलने के कारण पहचान करने में हो रही मुश्किलों के बीच संशय भी जाहिर किया है। उन्होंने शव का डीएनए परीक्षण कराने की मांग की है।
पारितोष के चचेरे भाई एडवोकेट अनिल शर्मा का कहना है कि शव पारितोष का ही है। लेकिन शनाख्त करने में इसलिए देरी हुई क्योंकि शव पानी में पड़ा रहने के चलते शरीर फूल गया और इसका रंग बदल गया था। हाथ पर काला निशान भी नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि पूरा शरीर ही काला पड़ गया था। जो अंडरवियर था, वह पारितोष का ही है। उसके घर पर बिल्कुल वैसे ही रंग, कंपनी का अंडरवियर है। उधर, इस शव के मिलने के बाद अधिवक्ता के परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी और मां का रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस सोमवार को परिवार को शव सौंप देगी और सुबह ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस मामले में सीओ इंदु सिद्धार्थ का कहना है कि शव की पहचान के बावजूद परिवार के संशय और मांग को देखते हुए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा ताकि पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
--------
-- पत्नी को है आशंका
अन्य परिजन बेशक नहर से मिले शव को पारितोष का ही मान रहे हैं, लेकिन पत्नी कल्पना अभी भी पति की मौत को लेकर आशंकित है। उसे यकीन नहीं हो रहा है उसके पति की मौत हो चुकी है। इसलिए उसने शव का डीएनए टेस्ट कराए जाने की मांग की है।

---
-- दस माह पूर्व अधिवक्ता दिग्विजय राणा हुआ था लापता
लगभग दस माह पूर्व सहारनपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा अपने मुंशी विकास के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ था। उसकी भी अंतिम लोकेशन रुड़की स्थित नहर पर मिली थी। बाद में उसकी हत्या का खुलासा पुलिस ने किया था। आरोपियों ने नहर में धक्का देकर दोनों की हत्या कर दी थी। आज तक दोनों के शवों का पता नहीं लग सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed