{"_id":"5bba5d1c867a556813312dce","slug":"131538940188-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशु अस्पताल पर ताला, टीकाकरण अभियान को पलीता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पशु अस्पताल पर ताला, टीकाकरण अभियान को पलीता
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पशु अस्पताल पर ताला, टीकाकरण अभियान को पलीता
बड़गांव। पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी पशुओं में एफएमडी टीकाकरण अभियान को पलीता लगाने से बिल्कुल भी नहीं हिचक रहे हैं। रविवार सुबह दस बजे तक राजकीय पशु चिकित्सालय पर ताला लटका था जबकि सुबह आठ से दोपहर डेढ़ बजे तक सभी सरकारी पशु अस्पतालों के खुलने का सरकार द्वारा समय निर्धारित है।
सरकार द्वारा 15 सितंबर से 45 दिन के लिए पशुओं के लिए विशेष एफएमडी टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। मगर नानौता ब्लाक के बड़गांव स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय का हाल बेहाल है। रविवार को सुबह दस बजे तक पशु अस्पताल में ताला लटका मिला। ग्रामीण रिषीपाल राणा, देवेंद्र सिंह, शिवकुमार, सुखपाल सिंह आदि ने बताया कि न तो अस्पताल में हर रोज चिकित्सक आते है और न ही समय पर यहां कंपाउंडर ही मिलते हैं। पशु अस्पताल में कूड़े के ढेर लगे हैं। बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
इस संबंध में पशु चिकित्साधिकारी प्रमोद कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी पूरी टीम रत्नहेड़ी गांव के पशु टीकाकरण में लगी है। वहीं रत्नहेड़ी बहेड़ा गांव के ग्राम प्रधान पति संजू राणा ने बताया केवल चिराऊ निवासी एक निजी चिकित्सक ही अकेला ही पशुओं में टीकाकरण करता मिला। इस मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि टीकाकरण अभियान के समय यह मामला बहुत गंभीर है। पशु अस्पताल में फार्मेसिस्ट तैनात है। उन्हें वहां समय से ड्यूटी पर मिलना चाहिए था। अगर वह समय से पशु अस्पताल पर ड्यूटी से नहीं रहते तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़गांव। पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी पशुओं में एफएमडी टीकाकरण अभियान को पलीता लगाने से बिल्कुल भी नहीं हिचक रहे हैं। रविवार सुबह दस बजे तक राजकीय पशु चिकित्सालय पर ताला लटका था जबकि सुबह आठ से दोपहर डेढ़ बजे तक सभी सरकारी पशु अस्पतालों के खुलने का सरकार द्वारा समय निर्धारित है।
सरकार द्वारा 15 सितंबर से 45 दिन के लिए पशुओं के लिए विशेष एफएमडी टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। मगर नानौता ब्लाक के बड़गांव स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय का हाल बेहाल है। रविवार को सुबह दस बजे तक पशु अस्पताल में ताला लटका मिला। ग्रामीण रिषीपाल राणा, देवेंद्र सिंह, शिवकुमार, सुखपाल सिंह आदि ने बताया कि न तो अस्पताल में हर रोज चिकित्सक आते है और न ही समय पर यहां कंपाउंडर ही मिलते हैं। पशु अस्पताल में कूड़े के ढेर लगे हैं। बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
विज्ञापन
इस संबंध में पशु चिकित्साधिकारी प्रमोद कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी पूरी टीम रत्नहेड़ी गांव के पशु टीकाकरण में लगी है। वहीं रत्नहेड़ी बहेड़ा गांव के ग्राम प्रधान पति संजू राणा ने बताया केवल चिराऊ निवासी एक निजी चिकित्सक ही अकेला ही पशुओं में टीकाकरण करता मिला। इस मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि टीकाकरण अभियान के समय यह मामला बहुत गंभीर है। पशु अस्पताल में फार्मेसिस्ट तैनात है। उन्हें वहां समय से ड्यूटी पर मिलना चाहिए था। अगर वह समय से पशु अस्पताल पर ड्यूटी से नहीं रहते तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन