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Saharanpur News: धोखाधड़ी के आरोपी को अदालत ने किया दोषमुक्त
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अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अदालत ने धोखाधड़ी के आरोपी को दोषमुक्त किया है। अभियोजन पक्ष कई बार मौका देने के बाद भी आरोपी प्रमोद कुमार के खिलाफ कोई साक्षी पेश नहीं कर सका।
ओमप्रकाश सिंह सहायक चकबंदी अधिकारी देवबंद के नाम से एक पत्र 11 मई 1999 को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय में प्राप्त हुआ था। पत्रावली से मूल आदेश गायब कर फर्जी आदेश बनाने का आरोप था। इसी मामले में एक दूसरा शिकायती पत्र दिया गया। इसमें भी मूल आदेश हटाकर फर्जी आदेश लगाने की बात कही गई थी।
थाना सदर बाजार पुलिस ने मामला दर्ज कर वाद को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में जारी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष को साक्ष्य और गवाह पेश करने के मौके दिए।
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अदालत ने निर्णय में कहा कि पर्याप्त अवसर देने के बाद भी अभियोजन पक्ष साक्षीगण को उपस्थित कराने में असफल रहे हैं। शुचिता और शुद्धतापूर्वक विचारण के नाम पर आरोपी के त्वरित विचारण का मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को मुक्त किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अदालत ने धोखाधड़ी के आरोपी को दोषमुक्त किया है। अभियोजन पक्ष कई बार मौका देने के बाद भी आरोपी प्रमोद कुमार के खिलाफ कोई साक्षी पेश नहीं कर सका।
ओमप्रकाश सिंह सहायक चकबंदी अधिकारी देवबंद के नाम से एक पत्र 11 मई 1999 को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय में प्राप्त हुआ था। पत्रावली से मूल आदेश गायब कर फर्जी आदेश बनाने का आरोप था। इसी मामले में एक दूसरा शिकायती पत्र दिया गया। इसमें भी मूल आदेश हटाकर फर्जी आदेश लगाने की बात कही गई थी।
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थाना सदर बाजार पुलिस ने मामला दर्ज कर वाद को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में जारी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष को साक्ष्य और गवाह पेश करने के मौके दिए।
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अदालत ने निर्णय में कहा कि पर्याप्त अवसर देने के बाद भी अभियोजन पक्ष साक्षीगण को उपस्थित कराने में असफल रहे हैं। शुचिता और शुद्धतापूर्वक विचारण के नाम पर आरोपी के त्वरित विचारण का मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को मुक्त किया है।