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निगम के सहायक लेखाकार इंद्रजीत निलंबित
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सहारनपुर। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने वर्ष 2010 से लेखा विभाग में एक ही पटल पर कार्यरत इंद्रजीत आनंद को सरकारी अभिलेख गायब करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इंद्रजीत पर लगे आरोपों की जांच के लिए कर निर्धारण अधिकारी/प्रभारी उप नगरायुक्त दिनेश यादव को जांच अधिकारी नियुक्त कर तीन माह में आख्या देने के निर्देश दिए है।
नगरायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार इंद्रजीत आनंद वर्ष 2010 से लेखा विभाग में एक ही पटल पर कार्यरत है। सहायक लेखाकार इंद्रजीत आनंद का स्थानांतरण 14 जून को कर विभाग में सहायक लेखाकार के रिक्त पद पर करते हुए तीन दिन में कार्यभार ग्रहण करने व कार्यभार सौंपने के निर्देश थे। इंद्रजीत के स्थान पर स्थानांतरित अनुज सैनी ने 21 जून को अधिकारियों को अवगत कराया कि इंद्रजीत द्वारा उन्हें कोई चार्ज नहीं दिया गया है और 15 जून को वह अलमारी का ताला लगाकर चले गए हैं, जिस कारण कार्य बाधित हो रहा है। आदेश में कहा गया है कि इंद्रजीत आनंद पर कार्यकारिणी समिति के लिपिक का भी कार्यभार है। 15 जून को कार्यकारिणी समिति की बैठक थी। उस बैठक के लिए एजेंडा प्रस्तुत न करने, बिना बताए 13 जून से 15 जून 2022 तक अवकाश पर चले जाने। इसके अलावा अधिष्ठान लिपिक से अपना अवकाश प्रार्थना पत्र लेकर तीन दिन के अवकाश को ओवर राइटिंग कर एक दिन का अवकाश बना देने, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करने, सरकारी अभिलेख गायब करने तथा अपनी प्रोन्नति संबंधी पत्रावली अपनी अभिरक्षा में रखने तथा अपनी व्यक्तिगत पत्रावली से अभिलेख गायब करने आदि आरोप इंद्रजीत पर लगाए गए हैं। जिस कारण इंद्रजीत आनंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। नगरायुक्त द्वारा जारी आदेश में इंद्रजीत आनंद से संबंधित मामले की जांच के लिए कर निर्धारण अधिकारी/प्रभारी उप नगर आयुक्त दिनेश यादव को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। तथा उक्त जांच कार्यवाही पूरी कर तीन माह के भीतर आख्या देने के निर्देश दिए गए है।
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नगरायुक्त कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार इंद्रजीत आनंद वर्ष 2010 से लेखा विभाग में एक ही पटल पर कार्यरत है। सहायक लेखाकार इंद्रजीत आनंद का स्थानांतरण 14 जून को कर विभाग में सहायक लेखाकार के रिक्त पद पर करते हुए तीन दिन में कार्यभार ग्रहण करने व कार्यभार सौंपने के निर्देश थे। इंद्रजीत के स्थान पर स्थानांतरित अनुज सैनी ने 21 जून को अधिकारियों को अवगत कराया कि इंद्रजीत द्वारा उन्हें कोई चार्ज नहीं दिया गया है और 15 जून को वह अलमारी का ताला लगाकर चले गए हैं, जिस कारण कार्य बाधित हो रहा है। आदेश में कहा गया है कि इंद्रजीत आनंद पर कार्यकारिणी समिति के लिपिक का भी कार्यभार है। 15 जून को कार्यकारिणी समिति की बैठक थी। उस बैठक के लिए एजेंडा प्रस्तुत न करने, बिना बताए 13 जून से 15 जून 2022 तक अवकाश पर चले जाने। इसके अलावा अधिष्ठान लिपिक से अपना अवकाश प्रार्थना पत्र लेकर तीन दिन के अवकाश को ओवर राइटिंग कर एक दिन का अवकाश बना देने, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करने, सरकारी अभिलेख गायब करने तथा अपनी प्रोन्नति संबंधी पत्रावली अपनी अभिरक्षा में रखने तथा अपनी व्यक्तिगत पत्रावली से अभिलेख गायब करने आदि आरोप इंद्रजीत पर लगाए गए हैं। जिस कारण इंद्रजीत आनंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। नगरायुक्त द्वारा जारी आदेश में इंद्रजीत आनंद से संबंधित मामले की जांच के लिए कर निर्धारण अधिकारी/प्रभारी उप नगर आयुक्त दिनेश यादव को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। तथा उक्त जांच कार्यवाही पूरी कर तीन माह के भीतर आख्या देने के निर्देश दिए गए है।
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