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कमिश्नर को कलक्ट्रेट में मिलीं खामियां ही खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:40 AM IST
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अभिलेख देखते कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने बुधवार को कलक्ट्रेट का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व अभिलेखालय में रिकार्ड बस्तों के रखरखाव को देखने के साथ ही संयुक्त कार्यालय भी देखा।
इसके अलावा एडीएम-प्रशासन, एडीएम-वित्त, राजस्व तथा सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में लंबित वादों की स्थिति जानी। संग्रह अनुभाग कलक्ट्रेट में पत्रावलियों का विवरण ठीक नहीं मिलने पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर करीब दो घंटे कलक्ट्रेट में रहे। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। कमिश्नर के निरीक्षण का कार्यक्रम पहले से तय था। ऐसे में कलक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई, पानी छिड़काव और चूना डलवाया गया था।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कमिश्नर ठीक 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सीधे नाजिर कार्यालय का रुख किया, जहां सबकुछ ठीक मिला। इसके बाद वह अभिलेखागार फौजदारी में पहुंचे।
यहां तैनात महिला कर्मचारियों से उन्होंने पूछताछ की। इसके बाद वह राजस्व अभिलेखालय पहुंचे। यहां वे करीब 30 मिनट रहे। इस दौरान उन्होंने 19वीं सदी से अब तक के रखे रिकार्ड बस्तों के बारे में जानकारी ली।
रजिस्टर में दर्ज रिकार्ड और बस्तों में बंद रिकार्ड की हकीकत जानने के लिए रामपुर मनिहारान के कई मामले के बस्ते खुलवाकर मिलान कर देखे। इनमें हरपाल सिंह बनाम सुरेश गांव सलेमपुर रामपुर मनिहारान का मामला भी शामिल रहा।
राजस्व ग्रामों की संख्या जानने के साथ ही कितनी जमीन सीलिंग में है, इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने बस्तों को कलरवाइज व्यवस्थित करने के निर्देश दिए, जिससे उनको तलाशने में परेशानी न हो।
अभिलेखालय भवन के छत और दीवारों पर आई सिलाबी और छत से उतरे पलस्तर को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बेमतलब के रिकार्ड को खत्म करने के निर्देश दिए। यहां से निकलकर वह संयुक्त कार्यालय पहुंचे।
यहां कर्मचारियों से बात कर कार्य की प्रगति जानी। इसके बाद वह सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट पहुंचे। यहां पेशकार से लंबित वादों की जानकारी ली। लंबित मामलों को एक महीने के भीतर निस्तारित करने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट को दिए।
एडीएम-प्रशासन की कोर्ट पहुंचकर साथ चल रहे एडीएम-प्रशासन एसके दुबे और उनके पेशकार से जानकारी ली। एडीएम-वित्त एवं राजस्व की कोर्ट में सबकुछ ठीक मिला। निर्वाचन कार्यालय के पीछे बने नए भवन को भी मौके पर जाकर देखा।
इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। यहां करीब 15 मिनट रुके और जानकारी ली। इस दौरान एडिशनल कमिश्नर उदयीराम, डीएम शफकत कमाल, एडीएम-प्रशासन एसके दूबे, एडीएम-वित्त एवं राजस्व हरीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट हरीशंकर, एसडीएम रामविलास यादव उनके साथ रहे।
कमिश्नर सबसे अंत में संग्रह अनुभाग कलक्ट्रेट में पहुुंचे। यहां कर्मचारियों से जानकारी मांगी तो वे हार्ड कॉपी नहीं दिखा सके। इसके बाद कंप्यूटर में दर्ज पत्रावलियों के रिकार्ड को देेखा। कुछ खामियां मिलने पर एसडीएम रामविलास यादव को रिकार्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा एडीएम-प्रशासन, एडीएम-वित्त, राजस्व तथा सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में लंबित वादों की स्थिति जानी। संग्रह अनुभाग कलक्ट्रेट में पत्रावलियों का विवरण ठीक नहीं मिलने पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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कमिश्नर करीब दो घंटे कलक्ट्रेट में रहे। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। कमिश्नर के निरीक्षण का कार्यक्रम पहले से तय था। ऐसे में कलक्ट्रेट परिसर में साफ-सफाई, पानी छिड़काव और चूना डलवाया गया था।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कमिश्नर ठीक 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सीधे नाजिर कार्यालय का रुख किया, जहां सबकुछ ठीक मिला। इसके बाद वह अभिलेखागार फौजदारी में पहुंचे।
यहां तैनात महिला कर्मचारियों से उन्होंने पूछताछ की। इसके बाद वह राजस्व अभिलेखालय पहुंचे। यहां वे करीब 30 मिनट रहे। इस दौरान उन्होंने 19वीं सदी से अब तक के रखे रिकार्ड बस्तों के बारे में जानकारी ली।
रजिस्टर में दर्ज रिकार्ड और बस्तों में बंद रिकार्ड की हकीकत जानने के लिए रामपुर मनिहारान के कई मामले के बस्ते खुलवाकर मिलान कर देखे। इनमें हरपाल सिंह बनाम सुरेश गांव सलेमपुर रामपुर मनिहारान का मामला भी शामिल रहा।
राजस्व ग्रामों की संख्या जानने के साथ ही कितनी जमीन सीलिंग में है, इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने बस्तों को कलरवाइज व्यवस्थित करने के निर्देश दिए, जिससे उनको तलाशने में परेशानी न हो।
अभिलेखालय भवन के छत और दीवारों पर आई सिलाबी और छत से उतरे पलस्तर को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बेमतलब के रिकार्ड को खत्म करने के निर्देश दिए। यहां से निकलकर वह संयुक्त कार्यालय पहुंचे।
यहां कर्मचारियों से बात कर कार्य की प्रगति जानी। इसके बाद वह सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट पहुंचे। यहां पेशकार से लंबित वादों की जानकारी ली। लंबित मामलों को एक महीने के भीतर निस्तारित करने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट को दिए।
एडीएम-प्रशासन की कोर्ट पहुंचकर साथ चल रहे एडीएम-प्रशासन एसके दुबे और उनके पेशकार से जानकारी ली। एडीएम-वित्त एवं राजस्व की कोर्ट में सबकुछ ठीक मिला। निर्वाचन कार्यालय के पीछे बने नए भवन को भी मौके पर जाकर देखा।
इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। यहां करीब 15 मिनट रुके और जानकारी ली। इस दौरान एडिशनल कमिश्नर उदयीराम, डीएम शफकत कमाल, एडीएम-प्रशासन एसके दूबे, एडीएम-वित्त एवं राजस्व हरीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट हरीशंकर, एसडीएम रामविलास यादव उनके साथ रहे।
कमिश्नर सबसे अंत में संग्रह अनुभाग कलक्ट्रेट में पहुुंचे। यहां कर्मचारियों से जानकारी मांगी तो वे हार्ड कॉपी नहीं दिखा सके। इसके बाद कंप्यूटर में दर्ज पत्रावलियों के रिकार्ड को देेखा। कुछ खामियां मिलने पर एसडीएम रामविलास यादव को रिकार्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए।