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Saharanpur News: 12 मिनट में दो बार दिखी कार, उसी से खुला राज, धरे गए कातिल
Sun, 03 May 2026 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 03 May 2026 01:31 AM IST
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सहारनपुर। डूडा कर्मी विक्रांत और राखी कश्यप हत्याकांड के राज नहर और रजबहे में दफन हो चुके थे। न दोनों की पहचान हो पा रही थी और न ही कोई ऐसा सबूत जिससे कातिलों तक पहुंचा जा सके, लेकिन 12 मिनट के अंदर सीसीटीवी कैमरे में दो बार कैद हुई सफेद नेक्सान कार से कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस कार मालिक कपिल चौहान तक पहुंची, जिससे पूछताछ की गई तो दोहरे हत्याकांड से पर्दा उठ गया।
एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि 17 अप्रैल को बड़गांव में विक्रांत का शव नहर में मिला था, जिसकी तीन गोली मारकर हत्या की गई थी। हालांकि शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद 27 अप्रैल को नौगांवा के पास रजबहे में मिला था। उसकी भी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। तब एक नेक्सान कार शक के घेरे में आई। कार 12 मिनट के अंदर दो बार सीसीटीवी के सामने से गुजरी। जहां पर राखी का शव मिला था वहां मोबाइल के डंप उठाए गए। इसके बाद बीच-बीच में सीसीटीवी कैमरों में कार कैद होती गई।
टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कार का नंबर ट्रेस हुआ, जो बागपत में कपिल चौहान के नाम पर था। पुलिस ने कपिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस मामला खुल गया। मिर्जापुर, बड़गांव पुलिस और स्वाट टीम ने करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे चेक किए, तब जाकर कातिल शिकंजे में आए।
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खुद को दर्शाता रहा अनजान, पुलिस पर हर समय रखी नजर
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार भाजपा नेता सुधारस चौहान है, जिसने पहले राखी के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या की और फिर राखी को रास्ते से हटाया। दोनों हत्याकांड के बाद सुधारस इस बात से बिल्कुल निश्चित था कि अब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए वह लोगों के सामने खुद को अनजान दिखा रहा था। हालांकि पुलिस इन केस में कहां तक पहुंची है इसकी अपडेट वह रोजाना अपने रसूख के माध्यम से कहीं न कहीं से लेता रहता था। उसे पुलिस के हर कदम का पता था, लेकिन यह आभास नहीं था कि पुलिस उस तक पहुंच जाएगी।
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एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि 17 अप्रैल को बड़गांव में विक्रांत का शव नहर में मिला था, जिसकी तीन गोली मारकर हत्या की गई थी। हालांकि शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसका लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद 27 अप्रैल को नौगांवा के पास रजबहे में मिला था। उसकी भी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। तब एक नेक्सान कार शक के घेरे में आई। कार 12 मिनट के अंदर दो बार सीसीटीवी के सामने से गुजरी। जहां पर राखी का शव मिला था वहां मोबाइल के डंप उठाए गए। इसके बाद बीच-बीच में सीसीटीवी कैमरों में कार कैद होती गई।
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टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कार का नंबर ट्रेस हुआ, जो बागपत में कपिल चौहान के नाम पर था। पुलिस ने कपिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस मामला खुल गया। मिर्जापुर, बड़गांव पुलिस और स्वाट टीम ने करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे चेक किए, तब जाकर कातिल शिकंजे में आए।
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खुद को दर्शाता रहा अनजान, पुलिस पर हर समय रखी नजर
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार भाजपा नेता सुधारस चौहान है, जिसने पहले राखी के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या की और फिर राखी को रास्ते से हटाया। दोनों हत्याकांड के बाद सुधारस इस बात से बिल्कुल निश्चित था कि अब पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए वह लोगों के सामने खुद को अनजान दिखा रहा था। हालांकि पुलिस इन केस में कहां तक पहुंची है इसकी अपडेट वह रोजाना अपने रसूख के माध्यम से कहीं न कहीं से लेता रहता था। उसे पुलिस के हर कदम का पता था, लेकिन यह आभास नहीं था कि पुलिस उस तक पहुंच जाएगी।