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रोडटेप योजना की कम दर से कारोबार प्रभावित

Thu, 02 Sep 2021 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 12:03 AM IST
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business affected by the low rate of roadtape scheme
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न निर्यात उत्पादों के लिए रोडटेप योजना के तहत प्रोत्साहन के लिए जारी दरों को लेकर वुड कार्विंग कारोबारी और निर्यातकों में नाराजगी है। कारोबारियों ने जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दरों में वृद्धि की जाए, क्योंकि पूर्व में संचालित एमईआईएस दरें 5.7 प्रतिशत थी, जबकि नई योजना रोडटेप (आरओडीटईपी) में सिर्फ 0.01 प्रतिशत से 2.4 प्रतिशत हैं।
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बुधवार को इस संबंध में इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन, चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड सर्विसेज (सीआईएस), हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद, सहारनपुर हैंडीक्राफ्ट डेवलेपमेंट सेंटर और वुड क्राफ्ट डिजाइन एंड डेवलेपमेंट सोसाइटी के पदाधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि पूर्व में वुड कार्विंग के उत्पादों का निर्यात करने पर एमईआईएस योजना के तहत 5.7 प्रतिशत तक दर निर्धारित थी, जिससे निर्यात में होने वाले जोखिम को लेकर निर्यातकों को भरपाई हो जाती थी। अब रोडटेप योजना में जो दरें लागू की गई हैं, वह हस्तशिल्प निर्यातकों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। क्योंकि वुड कार्विंग के उत्पादों के लिए यह दर सिर्फ 1.4 प्रतिशत है, लेकिन लकड़ी के फर्नीचर जैसे अन्य लकड़ी के सामान पर 0.5 प्रतिशत ही है। वहीं, यार्न और फैब्रिक के लिए दरें 3.8 और 4.2 प्रतिशत आंकी गई हैं, जबकि रजाई (जयपुरी क्वालिटी) और कम्फर्ट जो अपने कच्चे माल के रूप में यार्न और कपड़े का उपयोग करते हैं, उन्हें 0.5 प्रतिशत पर आंका गया है। इसका अर्थ है कि कच्चे माल के निर्यात के लिए प्रोत्साहन और तैयार उत्पादों को हतोत्साहित किया जा रहा है। उनकी मांग है कि दरों में फिर से विचार कर हस्तशिल्प निर्यातकों को राहत दिलाई जाए। इस दौरान रामजी सुनेजा, ओसाफ गुड्डू, परमिंद्र सिंह, आईआईए चेयरमैन प्रमोद सडाना, प्रियेश गर्ग, सीआईएस चेयरमैन रविंद्र मिगलानी, मंजीत सिंह अरोडा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। वहीं, वुड कार्विंग निर्यातक रामजी सुनेजा, ओसाफ गुड्डू, परमिंदर सिंह और प्रमोद सडाना ने मंडी समिति रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर प्रेसवार्ता करके भी रोडटेप योजना की दरों में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की।
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