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दूसरों का घर जलाना बहादुरी नहीं ः राजबब्बर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 13 May 2017 12:47 AM IST
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शब्बीरपुर में महिलाओं से हाल जानते राजबब्बर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुए बवाल के आठवें दिन शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं अभिनेता राजबब्बर के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में पहुंचा।
यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दूसरों का घर जला देना बहादुरी नहीं होती और न ही आपसी संघर्ष से किसी समस्या का समाधान होता है। उन्होंने सभी से आपसी सौहार्द कायम रखने की अपील की।
राजबब्बर की अगुवाई वाले कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गांव शब्बीरपुर में घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों का हाल चाल जाना। बाद में रविदास मंदिर में एकत्र महिलाओं की भीड़ के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपद्रव के दौरान मंदिर में भगवान को भी नहीं बक्शा।
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गुस्सा किसी बात पर हो सकता है। लेकिन उसका मतलब घर जलाने से नहीं होता। उन्होंने कहा कि बाहर ना होते तो राहुल और सोनिया जी आप के बीच होते। वह उनकी बात को हाईकमान के पास पहुंचाकर हरसंभव मदद दिलाने की कोशिश करेंगे।
राजबब्बर जब मंदिर से गाड़ी में बैठकर सहारनपुर के लिए चले तो ठाकुर समाज की सैकड़ों महिलाओं ने उनके काफिले को गांव के दूसरे छोर पर घेर कर रोक लिया।
कहा कि उनके परिवार के कई लोगों का नाम नहीं होने पर भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह ज्यादती है। पूर्व विधायक इमरान मसूद ने महिलाओं को शांत किया।
शब्बीरपुर में पीड़ितों से मुलाकात के साथ ही राजबब्बर भाजपा शासित सरकार पर निशाना लगाने से नहीं चूके। भाजपा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में भी झगड़े हुए लेकिन किसी के घर में आग नहीं लगाई। इस सरकार का फैशन हो गया है कि जहां भी विवाद हुआ है वहां आग जरूर लगाई गई।
कांग्रेस शब्बीरपुर गांव में ही पंहुच कर इसका विरोध करेगी। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद, विधायक मसूद अख्तर, जिलाध्यक्ष शशी वालिया, सत्यम भूर्यान सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
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यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दूसरों का घर जला देना बहादुरी नहीं होती और न ही आपसी संघर्ष से किसी समस्या का समाधान होता है। उन्होंने सभी से आपसी सौहार्द कायम रखने की अपील की।
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राजबब्बर की अगुवाई वाले कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गांव शब्बीरपुर में घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों का हाल चाल जाना। बाद में रविदास मंदिर में एकत्र महिलाओं की भीड़ के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपद्रव के दौरान मंदिर में भगवान को भी नहीं बक्शा।
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गुस्सा किसी बात पर हो सकता है। लेकिन उसका मतलब घर जलाने से नहीं होता। उन्होंने कहा कि बाहर ना होते तो राहुल और सोनिया जी आप के बीच होते। वह उनकी बात को हाईकमान के पास पहुंचाकर हरसंभव मदद दिलाने की कोशिश करेंगे।
राजबब्बर जब मंदिर से गाड़ी में बैठकर सहारनपुर के लिए चले तो ठाकुर समाज की सैकड़ों महिलाओं ने उनके काफिले को गांव के दूसरे छोर पर घेर कर रोक लिया।
कहा कि उनके परिवार के कई लोगों का नाम नहीं होने पर भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह ज्यादती है। पूर्व विधायक इमरान मसूद ने महिलाओं को शांत किया।
शब्बीरपुर में पीड़ितों से मुलाकात के साथ ही राजबब्बर भाजपा शासित सरकार पर निशाना लगाने से नहीं चूके। भाजपा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में भी झगड़े हुए लेकिन किसी के घर में आग नहीं लगाई। इस सरकार का फैशन हो गया है कि जहां भी विवाद हुआ है वहां आग जरूर लगाई गई।
कांग्रेस शब्बीरपुर गांव में ही पंहुच कर इसका विरोध करेगी। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद, विधायक मसूद अख्तर, जिलाध्यक्ष शशी वालिया, सत्यम भूर्यान सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।