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Saharanpur News: प्रधानाचार्य रहे दो माह, कॉलेज कागजों में काम ले रहा अभी तक
Sat, 22 Nov 2025 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:43 AM IST
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छुटमलपुर। सहारनपुर के बड़तला यादगार निवासी संजय कुमार जैन ने मांडुवाला के स्वामी विवेकानन्द पॉलिटेक्निक कॉलेज के तीन प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि उन्होंने केवल दो माह यहां नौकरी की, लेकिन प्रबंधकों ने उन्हें अपने अभिलेखों में आज तक प्रधानाचार्य दर्शा रखा है। अन्य अभिलेखों सहित छात्रवृत्ति हड़पने तक के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
संजय जैन ने फतेहपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि वह आईआईटी से एमटैक हैं। वर्ष 2011 की शुरुआत में उनकी मुलाकात हरियाणा इंजीनियरिंग काॅलेज जगाधरी में योगेंद्र कांबोज से हुई थी। योगेंद्र ने बताया कि उनका छुटमलपुर के पास मांडुवाला में स्वामी विवेकानन्द पॉलिटेक्निक कॉलेज है। योगेंद्र के अनुरोध पर उन्होंने बतौर प्रधानाचार्य कॉलेज ज्वाइन कर लिया। योगेंद्र ने अन्य प्रबंधकों सुशांत गर्ग और अश्वनी कांबोज से उनकी मुलाकात कराई। अश्वनी कांबोज का शेरपुर और देहरादून में मेडिकल कॉलेज है। दो माह तक भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में न तो कक्षाएं सुचारू रूप से चालू हुई न ही उन्हें वेतन और नियुक्ति पत्र मिला। ऐसे में उन्होंने तभी कॉलेज छोड़ दिया। इसके बाद वह कभी भी कॉलेज नहीं गए।
आरोप है कि हाल ही में पता चला कि पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें ही आज तक प्रधानाचार्य दिखा रखा है। वेबसाइट पर भी उनका ही नाम है। तीनों लोगों ने उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके पीएनबी फतेहपुर में तथाकथित छात्रों के हस्ताक्षर प्रमाणित करके बैंक खाते खुलवाए। छात्रवृति हड़पने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी टिहरी गढ़वाल को उनके फर्जी हस्ताक्षर बनवा कर पत्र भेजे गए। पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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संजय जैन ने फतेहपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि वह आईआईटी से एमटैक हैं। वर्ष 2011 की शुरुआत में उनकी मुलाकात हरियाणा इंजीनियरिंग काॅलेज जगाधरी में योगेंद्र कांबोज से हुई थी। योगेंद्र ने बताया कि उनका छुटमलपुर के पास मांडुवाला में स्वामी विवेकानन्द पॉलिटेक्निक कॉलेज है। योगेंद्र के अनुरोध पर उन्होंने बतौर प्रधानाचार्य कॉलेज ज्वाइन कर लिया। योगेंद्र ने अन्य प्रबंधकों सुशांत गर्ग और अश्वनी कांबोज से उनकी मुलाकात कराई। अश्वनी कांबोज का शेरपुर और देहरादून में मेडिकल कॉलेज है। दो माह तक भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में न तो कक्षाएं सुचारू रूप से चालू हुई न ही उन्हें वेतन और नियुक्ति पत्र मिला। ऐसे में उन्होंने तभी कॉलेज छोड़ दिया। इसके बाद वह कभी भी कॉलेज नहीं गए।
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आरोप है कि हाल ही में पता चला कि पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें ही आज तक प्रधानाचार्य दिखा रखा है। वेबसाइट पर भी उनका ही नाम है। तीनों लोगों ने उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके पीएनबी फतेहपुर में तथाकथित छात्रों के हस्ताक्षर प्रमाणित करके बैंक खाते खुलवाए। छात्रवृति हड़पने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी टिहरी गढ़वाल को उनके फर्जी हस्ताक्षर बनवा कर पत्र भेजे गए। पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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