{"_id":"6a5a8b955e90c4190e0fbd7b","slug":"aspiring-to-become-a-big-time-gangster-he-demanded-extortion-money-in-the-name-of-lawrence-bishnoi-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-179788-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: बड़ा गैंगस्टर बनने की ख्वाहिश, लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी थी रंगदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: बड़ा गैंगस्टर बनने की ख्वाहिश, लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगी थी रंगदारी
Sat, 18 Jul 2026 01:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर कारोबारी से रंगदारी के मामले में पुलिस ने नागल के खटोली गांव निवासी जावेद मलिक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि बड़ा गैंगस्टर बनकर मोटी कमाई करना चाहता था। इसी लालच में उसने सोशल मीडिया के जरिये संपर्क बनाकर कारोबारी के घरों की फोटो, मोबाइल नंबर और परिवार की पूरी जानकारी दूसरे आरोपी को उपलब्ध कराई थी।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के अहमद बाग निवासी कारोबारी अमित गुप्ता ने छह जुलाई को तहरीर दी थी, जिसमें बताया था कि दो भाइयों के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से रंगदारी मांगी जा रही है। रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार को कोतवाली सदर बाजार की टीम ने सहारनपुर-दिल्ली रोड से जावेद मलिक उर्फ मोनू निवासी खटोली थाना नागल को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से तमंचा, घटना में इस्तेमाल दो बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश में जुटी है।
-- -- -
-- फेसबुक पर देखी थीं शहजाद भट्टी की रील
पूछताछ में आरोपी जावेद मलिक उर्फ मोनू ने बताया कि सपना बड़ा गैंगस्टर बनकर खूब पैसा कमाने का था। इसके लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया। फेसबुक पर उसने शहजाद भट्टी की दबंगई वाली रील देखीं। इसके बाद उसने अपना मोबाइल नंबर फेसबुक पर साझा कर दिया। कुछ समय बाद उसकी बातचीत जिशान अख्तर नाम के व्यक्ति से शुरू हुई। उसने जिशान से कहा कि उसके शहर में कई संपन्न कारोबारी हैं, जिनके परिवार और घरों की पूरी जानकारी वह उपलब्ध करा सकता है।
विज्ञापन
इसके बाद उसने अमित गुप्ता और उनके परिवार के मोबाइल नंबर, दोनों मकानों की फोटो और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जिशान अख्तर को भेज दीं। इसके साथ ही यह भी कहा कि कारोबारी से अधिक से अधिक रकम की रंगदारी मांगी जाए और लोगों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम का खौफ होने के कारण उसी नाम का इस्तेमाल किया जाए। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि जब बार-बार धमकी देने के बावजूद रंगदारी नहीं मिली तो उसने खुद भी कारोबारी और उसके भाई को फोन कर रकम देने के लिए धमकाया।
विज्ञापन
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के अहमद बाग निवासी कारोबारी अमित गुप्ता ने छह जुलाई को तहरीर दी थी, जिसमें बताया था कि दो भाइयों के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से रंगदारी मांगी जा रही है। रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार को कोतवाली सदर बाजार की टीम ने सहारनपुर-दिल्ली रोड से जावेद मलिक उर्फ मोनू निवासी खटोली थाना नागल को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से तमंचा, घटना में इस्तेमाल दो बाइक और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी जावेद मलिक उर्फ मोनू ने बताया कि सपना बड़ा गैंगस्टर बनकर खूब पैसा कमाने का था। इसके लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया। फेसबुक पर उसने शहजाद भट्टी की दबंगई वाली रील देखीं। इसके बाद उसने अपना मोबाइल नंबर फेसबुक पर साझा कर दिया। कुछ समय बाद उसकी बातचीत जिशान अख्तर नाम के व्यक्ति से शुरू हुई। उसने जिशान से कहा कि उसके शहर में कई संपन्न कारोबारी हैं, जिनके परिवार और घरों की पूरी जानकारी वह उपलब्ध करा सकता है।
विज्ञापन
इसके बाद उसने अमित गुप्ता और उनके परिवार के मोबाइल नंबर, दोनों मकानों की फोटो और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जिशान अख्तर को भेज दीं। इसके साथ ही यह भी कहा कि कारोबारी से अधिक से अधिक रकम की रंगदारी मांगी जाए और लोगों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम का खौफ होने के कारण उसी नाम का इस्तेमाल किया जाए। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि जब बार-बार धमकी देने के बावजूद रंगदारी नहीं मिली तो उसने खुद भी कारोबारी और उसके भाई को फोन कर रकम देने के लिए धमकाया।