अमर उजाला का अपराजिता अभियान: एसडीएम बोले- बेटियों को चुप्पी तोड़ बिना झिझक के कहनी चाहिए अपनी बात
Aparajita campaign of Amar Ujala : सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसडीएम दीपक कुमार ने कहा कि बेटियों को चुप्पी तोड़कर, बिना झिझक, बिना संकोच अपनी बात कहनी चाहिए।
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अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत शनिवार को सहारनपुर के बेहट में मोहल्ला महाजनान स्थित शिवपति बालिका इंटर कॉलेज में नारी सशक्तिकरण विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें एसडीएम दीपक कुमार ने कहा कि अपराजिता का अर्थ है, जिसे कोई नहीं हरा सकता और वह नारी है। इसके लिए महिलाओं को आत्मविश्वास मजबूत करना होगा। उन्होंने बेटियों के लिए कहा कि बेटियों को चुप्पी तोड़कर, बिना झिझक, बिना संकोच अपनी बात कहनी चाहिए। उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ उनकी आवाज ही इस पुरुष प्रधान समाज में उन्हें उनके हक और अधिकार दिला सकती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। हया, अलीना, शिफा, सना, सानिया ने सरस्वती वंदना की और स्वागत गान की प्रस्तुति से अतिथियों का सत्कार किया। इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने कहा, कि बेटियों के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहनी चाहिए और तभी संभव है, जब समाज में नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और नारी स्वावलंबन सुनिश्चित होगा। उन्होंने सरकार के मिशन शक्ति अभियान के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। 112 व 1090 हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वें इन नंबरों पर कॉल करें।
कॉलेज के प्रबंधक अनिल सिंघल, मान्यता प्राप्त विद्यालय महासंघ के ब्लॉक अध्यक्ष जमील अहमद, समाजसेवी सुभाष सैनी ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वह ऑटो से लेकर प्लेन तक चला रही हैं। जरूरत बस अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करने की है। आत्मविश्वास ही जीत दिलाता है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण का अर्थ शक्तिशाली बनाने से है। शक्तिशाली तभी बना जा सकता है, जब हम अपने आत्म विश्वास को मजबूत कर आगे बढ़े।
समानता का अवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण
स्त्री को सृजन की शक्ति माना जाता है अर्थात स्त्री से ही मानव जाति का अस्तित्व माना गया है। इस सृजन की शक्ति को विकसित, परिष्कृत कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का अवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण का आशय है। - रीटा गुप्ता, प्रधानाचार्य
राक्षसी सोच को मारने से सशक्त बनेंगी महिलाएं
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाली उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरूरी है, जिनमें दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा शामिल है। - उमरा, छात्रा कक्षा नौ
जरा से पंख खोलेगे ये आकाश छू लेगी
इसे बेटा बना पालो ये इतिहास छू लेगी, करो विश्वास बेटी पर ये विश्वास छू लेगी, कभी जीवन में बेटी को नजरअंदाज मत करना, जरा से पंख खोलोगे ये आकाश छू लेगी। - हुमा कक्षा 11
आगे बढ़ने के अवसर मिलने से नारी सशक्तिकरण संभव
समाज में पुरुषों को अपनी मर्यादाओं को समझने की आवश्यकता है। जब तक नारी का सम्मान नहीं होगा और उसे आगे बढ़ाने के अवसर नहीं मिलेंगे तब तक नारी सशक्तिकरण संभव नहीं है। - सानिया अनीस कक्षा 11
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महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। ताकि उन्हें रोजगार, शिक्षा, आर्थिक तरक्की के बराबरी के मौके मिल सके, जिससे वह सामाजिक स्वतंत्रता और तरक्की प्राप्त कर सकें। - हबीबा कक्षा नौ
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रीता गुप्ता, जया रानी धीमान, पूनम गुप्ता, सरोज खुराना, शमा, मिस्बा, अदिति, फरहीन, मंतशा, उमंग आदि अध्यापिकाओं का सहयोग रहा।
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