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नोटबंदी की तरह हो शराबबंदी : आचार्य प्रमोद
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 06 Apr 2017 12:56 AM IST
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जमीयत उलमा के कार्यक्रम में मौजूद उलमा और अन्य
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी और कल्कि धाम संभल के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने संयुक्त रूप से देश की वर्तमान स्थिति का धैर्य से मुकाबला करने पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग सही होते हैं वे किसी से डरते नहीं है। बल्कि धैर्य के साथ हालात का मुकाबला करते हैं।
मंगलवार की रातजमीयत उलमा-ए-हिंद की कासिमपुरा मार्ग पर आयोजित कौमी यकजहती कांफ्रेंस (राष्ट्रीय एकता सम्मेलन) में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि तीन तलाक और मांस पर प्रतिबंध का उद्देश्य सरकार का मुसलमानों को डराने का है, लेकिन हम ऐतिहासिक भूमि देवबंद से यह बता देना चाहते हैं
कि अगर सरकार अत्याचार या जुल्म के रास्ते पर चलेगी या धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव किया जाएगा तो इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।
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आचार्य कृष्णम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ पर नाम लिए बगैर हमला करते हुए कहा कि बड़े दुख की बात है कि आज तीन तलाक पर प्रतिबंध की बात वे लोग कर रहे हैं जिनकी खुद की शादी नहीं हुई और जिनकी हुई है वे पत्नियों को साथ नहीं रखते।
साथ ही कहा कि योगियों के यहां कानूनी या गैर कानूनी का कोई महत्व नहीं होता है। इसलिए अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वह उत्तर प्रदेश में मांस, अंडा, मछली के साथ शराब पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाकर दिखाएं।
जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भारतीय मुसलमानों ने हमेशा दिव्राष्ट्र सिद्धांत का विरोध किया है। यहां का मुसलमान सब कुछ सहन कर सकता है, लेकिन इमान से समझौता नहीं कर सका। साथ ही कहा कि धार्मिक लोग राजनीति करें हमें कोई आपत्ति नहीं लेकिन धर्म के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जमीयत के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना मतीनुल हक ओसामा कासमी, मौलाना हसीब सिद्दीकी, मौलाना नदीमुलवाजदी, मौलाना सलमान बिजनौरी, मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना जहूर अहमद, मुफ्ती राशिद आजमी, मौलवी मुजफ्फर, मोहम्मद मदनी और मुफ्ती अफ्फान मंसूदपुरी ने जमीयत के नशा और अश्लीलता विरोधी अभियान की प्रशंसा करते हुए लोगों से तमाम बुराइयों की नसीहत तथा सरकार से शराबबंदी करने की मांग की।
अधिवेशन में चर्चा के उपरांत नशा, अश्लीलता, सामाजिक बुराइयां, राष्ट्रीय एकता, दहेज समेत कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। अध्यक्षता मौलाना जहूर व संचालन मुफ्ती अफ्फान ने किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक माविया अली, मौलाना इब्राहीम, मौलाना फरीद कासमी, इनाम कुरैशी, सभासद हारिस सैय्यद, अहमद कमाल, जीशान नजमी, कारी सलीम, मौलाना इस्माइल कासमी, हाफिज फुरकान, उमैर उस्मानी, फरीद मजाहिरी आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार की रातजमीयत उलमा-ए-हिंद की कासिमपुरा मार्ग पर आयोजित कौमी यकजहती कांफ्रेंस (राष्ट्रीय एकता सम्मेलन) में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि तीन तलाक और मांस पर प्रतिबंध का उद्देश्य सरकार का मुसलमानों को डराने का है, लेकिन हम ऐतिहासिक भूमि देवबंद से यह बता देना चाहते हैं
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कि अगर सरकार अत्याचार या जुल्म के रास्ते पर चलेगी या धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव किया जाएगा तो इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।
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आचार्य कृष्णम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ पर नाम लिए बगैर हमला करते हुए कहा कि बड़े दुख की बात है कि आज तीन तलाक पर प्रतिबंध की बात वे लोग कर रहे हैं जिनकी खुद की शादी नहीं हुई और जिनकी हुई है वे पत्नियों को साथ नहीं रखते।
साथ ही कहा कि योगियों के यहां कानूनी या गैर कानूनी का कोई महत्व नहीं होता है। इसलिए अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वह उत्तर प्रदेश में मांस, अंडा, मछली के साथ शराब पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाकर दिखाएं।
जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भारतीय मुसलमानों ने हमेशा दिव्राष्ट्र सिद्धांत का विरोध किया है। यहां का मुसलमान सब कुछ सहन कर सकता है, लेकिन इमान से समझौता नहीं कर सका। साथ ही कहा कि धार्मिक लोग राजनीति करें हमें कोई आपत्ति नहीं लेकिन धर्म के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जमीयत के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना मतीनुल हक ओसामा कासमी, मौलाना हसीब सिद्दीकी, मौलाना नदीमुलवाजदी, मौलाना सलमान बिजनौरी, मौलाना हकीमुद्दीन कासमी, मौलाना जहूर अहमद, मुफ्ती राशिद आजमी, मौलवी मुजफ्फर, मोहम्मद मदनी और मुफ्ती अफ्फान मंसूदपुरी ने जमीयत के नशा और अश्लीलता विरोधी अभियान की प्रशंसा करते हुए लोगों से तमाम बुराइयों की नसीहत तथा सरकार से शराबबंदी करने की मांग की।
अधिवेशन में चर्चा के उपरांत नशा, अश्लीलता, सामाजिक बुराइयां, राष्ट्रीय एकता, दहेज समेत कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। अध्यक्षता मौलाना जहूर व संचालन मुफ्ती अफ्फान ने किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक माविया अली, मौलाना इब्राहीम, मौलाना फरीद कासमी, इनाम कुरैशी, सभासद हारिस सैय्यद, अहमद कमाल, जीशान नजमी, कारी सलीम, मौलाना इस्माइल कासमी, हाफिज फुरकान, उमैर उस्मानी, फरीद मजाहिरी आदि मौजूद रहे।