फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   AIDS will have to be fought not by hiding

Saharanpur News: छिपाकर नहीं बताकर करना होगा एड्स से मुकाबला

Wed, 30 Nov 2022 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
AIDS will have to be fought not by hiding
सहारनपुर। एड्स लाइलाज है, लेकिन दवाओं के नियमित सेवन, तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर एड्स होने पर लंबी जिंदगी जी सकते हैं। जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर में 1800 एड्स पीड़ितों का इलाज चल रहा है। इनमें थर्ड जेंडर भी शामिल हैं।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार यानी आज विश्व एड्स दिवस मनाया जाएगा। एसबीडी जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सहारनपुर में पिछले कुछ सालों से एड्स पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। हर महीने एड्स के 25 से 30 नए मरीज मिल रहे हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुष एचआईवी संक्रमण की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। इस बात की पुष्टि एआरटी सेंटर के आंकड़े कर रहे हैं। एआरटी सेंटर में 1120 पुरुष, 660 महिला और 20 थर्ड जेंडर का उपचार चल रहा है। एडी हेल्थ एवं एसबीडी जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि जागरुकता के अभाव में लोग एचआईवी संक्रमण की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अब बेहतर और असरदार दवाएं उपलब्ध है, जो रोग को फैलने से रोकती है। हालांकि अभी इसका इलाज संभव नहीं है, पर व्यवस्थित दिनचर्या और तनावमुक्त रहकर लोग कई सालों से स्वस्थ जिंदगी जी रहे हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर घबराने के बजाय इसे स्वीकार करना सीखना होगा। एड्स के अलावा भी कई बीमारियां ऐसी हैं जिनकी चपेट में आने के बाद जीवनभर उनके साथ रहना पड़ता है। ऐसे में रोग के साथ जीना ही विकल्प है।
विज्ञापन

-किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज न करें
किसी भी तरह के लक्षण सामने आने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय अस्पताल जाए, क्योंकि बीमारी या संक्रमण जितनी जल्दी पकड़ में आ जाए उतनी जल्दी उसका इलाज शुरू कर उसे नियंत्रित या ठीक किया जा सकता है। एचआईवी जैसे संक्रमण में एक-एक पल बहुत ही कीमती होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--ऐसे फैलता है संक्रमण
-संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क से
-संक्रमित सिरिंज व सुई का दूसरों के द्वारा प्रयोग करने से
-संक्रमित मां से शिशु को जन्म से पूर्व, प्रसव के समय या प्रसव शीघ्र बाद
-संक्रमित अंग प्रत्यारोपण से
--ऐसे करें बचाव
-जीवनसाथी के अलावा किसी अन्य से यौन संबंध नहीं रखें
-मादक औषधियों के आदी व्यक्ति के द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज व सुई का प्रयोग न करें
-जब कभी खून की जरूरत हो, पंजीकृत ब्लड बैंक से जांच किए गए खून का ही उपयोग करें
-चिकित्सीय उपकरणों को 20 मिनट पानी में उबालकर जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लें
--एचआईवी के लक्षण
-गले में सूजन
-लगातार वजन घटते जाना
-कोई भी बीमारी होने के बाद ठीक न होना
-मुंह में घाव, त्वचा में खुजली, दर्द होना, सेहत का लगातार गिरना आदि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed