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Saharanpur News: गजवा प्रकरण में एडीएम प्रशासन और एसपी देहात हुए पेश, सौंपी रिपोर्ट
Thu, 14 Mar 2024 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 14 Mar 2024 12:12 AM IST
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सहारनपुर। गजवा-ए-हिंद के मामले को लेकर सुर्खियों में आए दारुल उलूम को लेकर पुलिस-प्रशासन की तरफ से बुधवार को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को रिपोर्ट भेज दी गई है। एडीएम प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी और एसपी देहात सागर जैन राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के समक्ष पेश हुए और अधिकारियों को दोबारा की गई जांच की रिपोर्ट सौंपी। दरअसल, पहली जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताने के बाद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कमेटी ने दोबारा दारुल उलूम पर जाकर जांच की थी। सूत्रों की मानें तो दोबारा जो जांच रिपोर्ट आयोग को दी गई है उसमें भी एफआइआर का कोई जिक्र नहीं है। जांच रिपोर्ट में फिर से बताया गया है कि यह मामला करीब नौ साल पुराना है और मौजूदा समय में इसका कोई मुद्दा नहीं है।
जांच रखें जारी, रिपोर्ट देखकर बताएंगे सही है या गलत
बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने जो रिपोर्ट आयोग को सौंपी है वह रिसीव कर ली गई है, लेकिन आयोग की तरफ से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट देखकर बाद में बताया जाएगा कि यह सही है या फिर गलत, तब तक अपनी जांच जारी रखें। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि रिपोर्ट आयोग को सौंप दी गई है।
ऐसे समझें मामला
बता दें, कि वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी। जिस पर दारुल उलूम ने अपने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। इस पर पिछले माह बाल संरक्षण आयोग ने कहा था कि यह देश विरोधी है, क्योंकि इसमें गजवा-ए-हिंद को इस्लाम के नजरिए से जायज बताया गया है। आयोग के अध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था और जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। पिछले सप्ताह यहां से रिपोर्ट भेज दी गई थी, जिस पर आयोग ने आपत्ति जता दी थी। आयोग ने दोबारा जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
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जांच रखें जारी, रिपोर्ट देखकर बताएंगे सही है या गलत
बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने जो रिपोर्ट आयोग को सौंपी है वह रिसीव कर ली गई है, लेकिन आयोग की तरफ से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट देखकर बाद में बताया जाएगा कि यह सही है या फिर गलत, तब तक अपनी जांच जारी रखें। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि रिपोर्ट आयोग को सौंप दी गई है।
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ऐसे समझें मामला
बता दें, कि वर्ष 2015 में दारुल उलूम की वेबसाइट पर किसी व्यक्ति ने गजवा-ए-हिंद को लेकर जानकारी मांगी थी। जिस पर दारुल उलूम ने अपने जवाब में पुस्तक सुन्नत-अल-नसाई का हवाला दिया था। इस पर पिछले माह बाल संरक्षण आयोग ने कहा था कि यह देश विरोधी है, क्योंकि इसमें गजवा-ए-हिंद को इस्लाम के नजरिए से जायज बताया गया है। आयोग के अध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था और जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। पिछले सप्ताह यहां से रिपोर्ट भेज दी गई थी, जिस पर आयोग ने आपत्ति जता दी थी। आयोग ने दोबारा जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
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