{"_id":"6add09a9abe083f9ed0eb8c4","slug":"accounts-operating-on-social-media-in-the-name-of-darul-uloom-are-not-official-mohtamim-saharanpur-news-c-30-1-smrt1024-186615-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारुल उलूम के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे अकाउंट आधिकारिक नहीं : मोहतमिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारुल उलूम के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे अकाउंट आधिकारिक नहीं : मोहतमिम
Sun, 25 Oct 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
देवबंद। इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने सोशल मीडिया पर उसके नाम से संचालित विभिन्न अकाउंट और चैनलों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। संस्था ने स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसका कोई आधिकारिक अकाउंट या चैनल नहीं है।
संस्था की ओर से अपनी वेबसाइट जारी किए गए स्पष्टीकरण में कहा गया कि सोशल मीडिया पर दारुल उलूम और दारुल इफ्ता के नाम से चल रहे अकाउंट और चैनलों से संस्थान का कोई संबंध नहीं है। ऐसे माध्यमों से प्रसारित सामग्री को संस्था या उसके दारुल इफ्ता की ओर से जारी की गई जानकारी न माना जाए। धार्मिक मार्गदर्शन के लिए लोगों से आधिकारिक वेबसाइट का ही सहारा लेने की अपील की गई है।
संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि उसकी दो आधिकारिक वेबसाइट हैं। इस पर संस्थान से संबंधित परिचय और घोषणाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संस्था के नाम से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट या चैनल न बनाएं, जिनसे उनके संस्थान का आधिकारिक माध्यम होने का भ्रम पैदा हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्था की ओर से अपनी वेबसाइट जारी किए गए स्पष्टीकरण में कहा गया कि सोशल मीडिया पर दारुल उलूम और दारुल इफ्ता के नाम से चल रहे अकाउंट और चैनलों से संस्थान का कोई संबंध नहीं है। ऐसे माध्यमों से प्रसारित सामग्री को संस्था या उसके दारुल इफ्ता की ओर से जारी की गई जानकारी न माना जाए। धार्मिक मार्गदर्शन के लिए लोगों से आधिकारिक वेबसाइट का ही सहारा लेने की अपील की गई है।
विज्ञापन
संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि उसकी दो आधिकारिक वेबसाइट हैं। इस पर संस्थान से संबंधित परिचय और घोषणाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संस्था के नाम से ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट या चैनल न बनाएं, जिनसे उनके संस्थान का आधिकारिक माध्यम होने का भ्रम पैदा हो।
विज्ञापन