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लेखाधिकारी कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:59 PM IST
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प्रदर्शन करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में दलित शिक्षक मोर्चा के तत्वावधान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर शिक्षकों को पदोन्नति तिथि से 4600 पे-ग्रेड का न्यूनतम 17140 की मांग को लेकर शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया।
साथ ही कहा कि समस्या का समाधान नहीं होता तो लेखाधिकारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा कायम कराया जाएगा। जोगियान पुल स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए मोर्चा के संरक्षक सदस्य राजकुमार और अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पदोन्नत शिक्षकों को छठे वेतनमान में ही 4600 पे-ग्रेड के साथ न्यूनतम 17140 देने का प्राविधान किया गया है।
लेकिन विभाग में बगैर पैसे के कोई काम नहीं होता, इसलिए गत आठ वर्षों से न्यूनतम 17140 की मांग जानबूझकर अधिकारियों ने लटका रखी है। जो वेतन आयोग एवं भारतीय संविधान की स्पष्ट अवमानना है।
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विभाग में 16 सितंबर 2015 को 29000 विज्ञान एवं गणित शिक्षकों की नियुक्तियां हुई। उन्हें न्यूनतम वेतनमान 17140 तैनाती से ही दिया जा रहा है। लेकिन आठ वर्षों से पदोन्नत हुए शिक्षकों को उनकी संवैधानिक मांग से वंचित किया जा रहा है।
अब लेखाधिकारी मनमर्जी से 16 सितंबर 2015 से पुराने अध्यापकों को नए अध्यापकों के बराबर वेतन करने की पेशकश अन्याय है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अजीत सिंह और विरेंद्र सैनी ने कहा कि अध्यापकों के साथ वेतन देने के मामले में भी सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 52 जनपदों में पदोन्नति तिथि न्यूनतम 17140 मिल रहा है।
लेकिन सहारनपुर जिले में शासनादेशों का उल्लंघन कर इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए उतनी कम है। गुलाम सिंह, शमशेर सिंह गौतम, राजेश कुमार, नेतीराम, देशराज, दीपा, ब्रिजेश देवी, किरण, मनोज आदि रहे।
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साथ ही कहा कि समस्या का समाधान नहीं होता तो लेखाधिकारी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा कायम कराया जाएगा। जोगियान पुल स्थित वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए मोर्चा के संरक्षक सदस्य राजकुमार और अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पदोन्नत शिक्षकों को छठे वेतनमान में ही 4600 पे-ग्रेड के साथ न्यूनतम 17140 देने का प्राविधान किया गया है।
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लेकिन विभाग में बगैर पैसे के कोई काम नहीं होता, इसलिए गत आठ वर्षों से न्यूनतम 17140 की मांग जानबूझकर अधिकारियों ने लटका रखी है। जो वेतन आयोग एवं भारतीय संविधान की स्पष्ट अवमानना है।
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विभाग में 16 सितंबर 2015 को 29000 विज्ञान एवं गणित शिक्षकों की नियुक्तियां हुई। उन्हें न्यूनतम वेतनमान 17140 तैनाती से ही दिया जा रहा है। लेकिन आठ वर्षों से पदोन्नत हुए शिक्षकों को उनकी संवैधानिक मांग से वंचित किया जा रहा है।
अब लेखाधिकारी मनमर्जी से 16 सितंबर 2015 से पुराने अध्यापकों को नए अध्यापकों के बराबर वेतन करने की पेशकश अन्याय है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अजीत सिंह और विरेंद्र सैनी ने कहा कि अध्यापकों के साथ वेतन देने के मामले में भी सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 52 जनपदों में पदोन्नति तिथि न्यूनतम 17140 मिल रहा है।
लेकिन सहारनपुर जिले में शासनादेशों का उल्लंघन कर इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए उतनी कम है। गुलाम सिंह, शमशेर सिंह गौतम, राजेश कुमार, नेतीराम, देशराज, दीपा, ब्रिजेश देवी, किरण, मनोज आदि रहे।