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ब्लड बैंक में एबी नेगेटिव नहीं, स्टोर भी आधा खाली
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में बीते दो माह से रक्त कम मात्रा में उपलब्ध है। ब्लड बैंक में शुक्रवार को 152 ही यूनिट रक्त उपलब्ध था, जिसमें एबी निगेटिव रक्त नहीं था। ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज को एबी निगेटिव रक्त की आवश्यकता पड़ जाए तो उसके लिए मुश्किल हो जाएगी।
ब्लड बैंक में एक साथ 300 यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। आम दिनों में यहां 200 से 300 यूनिट के बीच रक्त उपलब्ध रहता है। रक्तदान के दिन 300 यूनिट रक्त जमा होने के बाद शेष रक्तदाताओं को रोकना पड़ता था। मगर कोरोना की दूसरी लहर में रक्तदान करने वालों में कमी आई है। लोगों में भ्रम है कि कम इम्युनिटी वाले लोगों को कोरोना अधिक प्रभावित करता है या उन्हें कोरोना होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में कुछ लोग रक्तदान करने से बच रहे हैं। शायद यही वजह है कि जिस ब्लड बैंक में सामान्य दिनों में 24 घंटे 200 से 300 यूनिट के बीच रक्त रहता था अब वहां मात्र 152 यूनिट ही रक्त उपलब्ध है। 152 यूनिट में सभी ग्रुप का रक्त शामिल है, मगर एबी निगेटिव रक्त शुक्रवार की सुबह तक उपलब्ध था जो एक मरीज को चढ़ा दिए जाने के चलते खत्म हो गया।
रक्तदाताओं की कमी नहीं
ब्लड बैंक प्रभारी फागू विश्वकर्मा ने बताया कि कोरोना काल में भी रक्तदान करने वालों की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जब भी ब्लड बैंक में रक्त की कमी होती है तो विभाग कभी ब्लड बैंक में तो कभी सीएचसी और पीएचसी पर शिविर आयोजित कर ब्लड की पूर्ति करता है। दो दिन पहले भी नानौता में 40 यूनिट रक्तदान हुआ है। जिस भी मरीज को जिस भी ब्लड ग्रुप की जरूरत होती है वह उपलब्ध कराया जाता है। ऐसा अभी तक नहीं हुआ है कि अस्पताल में भर्ती मरीज को रक्त के लिए बाहर जाना पड़ा हो।
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रक्तदान करने से इम्युनिटी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। हां करीब 24 घंटे के लिए थोड़ी कमजोरी महसूस जरूर हो सकती है, मगर वह अस्थाई कमजोरी होती है। इसलिए कोई भी स्वस्थ व्यक्ति बिना डरे रक्तदान कर सकता है।
डॉ. अनिल वोहरा, फिजिशियन, एसबीडी जिला अस्पताल।
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ब्लड बैंक में एक साथ 300 यूनिट रक्त रखने की क्षमता है। आम दिनों में यहां 200 से 300 यूनिट के बीच रक्त उपलब्ध रहता है। रक्तदान के दिन 300 यूनिट रक्त जमा होने के बाद शेष रक्तदाताओं को रोकना पड़ता था। मगर कोरोना की दूसरी लहर में रक्तदान करने वालों में कमी आई है। लोगों में भ्रम है कि कम इम्युनिटी वाले लोगों को कोरोना अधिक प्रभावित करता है या उन्हें कोरोना होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में कुछ लोग रक्तदान करने से बच रहे हैं। शायद यही वजह है कि जिस ब्लड बैंक में सामान्य दिनों में 24 घंटे 200 से 300 यूनिट के बीच रक्त रहता था अब वहां मात्र 152 यूनिट ही रक्त उपलब्ध है। 152 यूनिट में सभी ग्रुप का रक्त शामिल है, मगर एबी निगेटिव रक्त शुक्रवार की सुबह तक उपलब्ध था जो एक मरीज को चढ़ा दिए जाने के चलते खत्म हो गया।
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रक्तदाताओं की कमी नहीं
ब्लड बैंक प्रभारी फागू विश्वकर्मा ने बताया कि कोरोना काल में भी रक्तदान करने वालों की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जब भी ब्लड बैंक में रक्त की कमी होती है तो विभाग कभी ब्लड बैंक में तो कभी सीएचसी और पीएचसी पर शिविर आयोजित कर ब्लड की पूर्ति करता है। दो दिन पहले भी नानौता में 40 यूनिट रक्तदान हुआ है। जिस भी मरीज को जिस भी ब्लड ग्रुप की जरूरत होती है वह उपलब्ध कराया जाता है। ऐसा अभी तक नहीं हुआ है कि अस्पताल में भर्ती मरीज को रक्त के लिए बाहर जाना पड़ा हो।
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रक्तदान करने से इम्युनिटी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। हां करीब 24 घंटे के लिए थोड़ी कमजोरी महसूस जरूर हो सकती है, मगर वह अस्थाई कमजोरी होती है। इसलिए कोई भी स्वस्थ व्यक्ति बिना डरे रक्तदान कर सकता है।
डॉ. अनिल वोहरा, फिजिशियन, एसबीडी जिला अस्पताल।