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Saharanpur News: वैज्ञानिकों की टीम ने किया झींवरहेड़ी का दौरा
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फोटो सहित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिहारीगढ़। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा हिंडन बेसिन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पीपल्स साइंस इंस्टीट्यूट देहरादून के वैज्ञानिकों व छात्रों की टीम ने सतत कृषि जल उपयोग का सह-निर्माण के अंतर्गत गांव झींवरहेड़ी का दौरा किया।
इस दौरान ग्राम प्रधान और विभिन्न, लघु एवं सीमांत किसानों के साथ मिलकर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन सर्वेक्षण गतिविधियां आयोजित की। इन गतिविधियों का उद्देश्य हिंडन नदी बेसिन में प्रचलित कृषि पद्धतियों को समझना, खेती में उपयोग होने वाले रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रकार और मात्रा का आकलन करना, साथ ही सिंचाई एवं घरेलू उपयोग में आने वाले जल स्रोतों, उनके जलस्तर, और जल गुणवत्ता संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्र करना था। टीम ने ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया कि उनके द्वारा प्रदान की गई जानकारियों को संकलित कर एक सतत कृषि जल प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी, जो भविष्य में जल संरक्षण, कृषि पद्धतियों में सुधार तथा पर्यावरणीय स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिहारीगढ़। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा हिंडन बेसिन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पीपल्स साइंस इंस्टीट्यूट देहरादून के वैज्ञानिकों व छात्रों की टीम ने सतत कृषि जल उपयोग का सह-निर्माण के अंतर्गत गांव झींवरहेड़ी का दौरा किया।
इस दौरान ग्राम प्रधान और विभिन्न, लघु एवं सीमांत किसानों के साथ मिलकर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन सर्वेक्षण गतिविधियां आयोजित की। इन गतिविधियों का उद्देश्य हिंडन नदी बेसिन में प्रचलित कृषि पद्धतियों को समझना, खेती में उपयोग होने वाले रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रकार और मात्रा का आकलन करना, साथ ही सिंचाई एवं घरेलू उपयोग में आने वाले जल स्रोतों, उनके जलस्तर, और जल गुणवत्ता संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्र करना था। टीम ने ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया कि उनके द्वारा प्रदान की गई जानकारियों को संकलित कर एक सतत कृषि जल प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी, जो भविष्य में जल संरक्षण, कृषि पद्धतियों में सुधार तथा पर्यावरणीय स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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