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त्रिवेणी चीनी मिल में मजदूरों का हंगामा
Saharanpur
Updated Thu, 05 Jun 2014 05:31 AM IST
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देवबंद। त्रिवेणी चीनी मिल के मजदूरों ने बुधवार को स्थायी किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर रहकर हंगामा किया। मजदूरों ने यूनियन नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होेंने समझौते का पालन न करके अपने चेहतों को स्थायी करा दिया है। भारी दबाव के चलते यूनियन अध्यक्षों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
चीनी मिल मजदूर संघ और त्रिवेणी कर्मचारी मिल यूनियन से जुड़े मजदूर लंबे समय से स्वयं को स्थायी किए जाने की मांग मिल प्रबंधतंत्र से कर रहे थे। यूनियन नेताओं और प्रबंधतंत्र के मध्य कई बार समझौते भी हो चुके हैं। कर्मचारी बसंत कुमार, सेठपाल सिंह, सुशील कुमार, ओमकरण, योगेंद्र कुमार, जसबीर सिंह, विजयपाल, वीरेंद्र त्यागी आदि ने आरोप लगाया कि यूनियन नेताओं ने पिछले दिनो समझौते का पालन न करके प्रबंधतंत्र पर दबाव बनाकर अपने चेहतों को स्थायी करा दिया है। उनके साथ भेदभाव किया गया। मिल मजदूर हंगामा करते हुए मिल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। मजदूरों के भारी दबाव के चलते यूनियन अध्यक्ष रमा शंकर यादव और मदनपाल ने संघर्ष समिति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उधर, अधिकारियों ने मौके पर जाकर मजदूरों को समझाने का प्रयास किया लेकिन यूनिट हैड और वीसी के नहीं होने के कारण वार्ता नहीं हो सकी। इस पर खतौली मिल के जीएम ने देवबंद पहुंचकर मजदूरों की समस्याएं सुनी तथा जल्द ही समाधान का आश्वासन दिलाया। मनोज पुंडीर, सूरज पुंडीर, वेदपाल सिंह, रामप्रसाद, मुरसलीन, नरेश शर्मा, भूपेंद्र, वीरेंद्र सिंह भायला आदि मौजूद रहे।
यूनियन अध्यक्षों पर इस्तीफे का बनाया दबाव : मुकेश
देवबंद। चीनी मिल मजदूर संघ के मंत्री मुकेश कुमार ने प्रेस को बयान जारी कर कहा कि मजदूरों ने मिल प्रबंधतंत्र को समस्या संबंधी 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। यूनियन तथा प्रबंधतंत्र के मध्य हुए समझौते का पालन भी किया गया, लेकिन बुधवार को कुछ मजदूर विरोधी तत्वों ने सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि यूनियन के अध्यक्षों को वार्ता के लिए बुलाकर जबरदस्ती कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर उनसे इस्तीफा लिया गया।
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दबाव बनाकर मांगे बनवाना चाहते हैं मजदूर : राणा
देवबंद। चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी सज्जन पाल सिंह राणा ने बताया कि कुछ मजदूर प्रबंधतंत्र पर दबाव बनाकर अपनी मांगे मनवाना चाहते हैं। उनकी समस्याओं पर मिल प्रबंधतंत्र विचार कर रहा है।
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चीनी मिल मजदूर संघ और त्रिवेणी कर्मचारी मिल यूनियन से जुड़े मजदूर लंबे समय से स्वयं को स्थायी किए जाने की मांग मिल प्रबंधतंत्र से कर रहे थे। यूनियन नेताओं और प्रबंधतंत्र के मध्य कई बार समझौते भी हो चुके हैं। कर्मचारी बसंत कुमार, सेठपाल सिंह, सुशील कुमार, ओमकरण, योगेंद्र कुमार, जसबीर सिंह, विजयपाल, वीरेंद्र त्यागी आदि ने आरोप लगाया कि यूनियन नेताओं ने पिछले दिनो समझौते का पालन न करके प्रबंधतंत्र पर दबाव बनाकर अपने चेहतों को स्थायी करा दिया है। उनके साथ भेदभाव किया गया। मिल मजदूर हंगामा करते हुए मिल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। मजदूरों के भारी दबाव के चलते यूनियन अध्यक्ष रमा शंकर यादव और मदनपाल ने संघर्ष समिति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उधर, अधिकारियों ने मौके पर जाकर मजदूरों को समझाने का प्रयास किया लेकिन यूनिट हैड और वीसी के नहीं होने के कारण वार्ता नहीं हो सकी। इस पर खतौली मिल के जीएम ने देवबंद पहुंचकर मजदूरों की समस्याएं सुनी तथा जल्द ही समाधान का आश्वासन दिलाया। मनोज पुंडीर, सूरज पुंडीर, वेदपाल सिंह, रामप्रसाद, मुरसलीन, नरेश शर्मा, भूपेंद्र, वीरेंद्र सिंह भायला आदि मौजूद रहे।
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यूनियन अध्यक्षों पर इस्तीफे का बनाया दबाव : मुकेश
देवबंद। चीनी मिल मजदूर संघ के मंत्री मुकेश कुमार ने प्रेस को बयान जारी कर कहा कि मजदूरों ने मिल प्रबंधतंत्र को समस्या संबंधी 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। यूनियन तथा प्रबंधतंत्र के मध्य हुए समझौते का पालन भी किया गया, लेकिन बुधवार को कुछ मजदूर विरोधी तत्वों ने सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि यूनियन के अध्यक्षों को वार्ता के लिए बुलाकर जबरदस्ती कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर उनसे इस्तीफा लिया गया।
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दबाव बनाकर मांगे बनवाना चाहते हैं मजदूर : राणा
देवबंद। चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी सज्जन पाल सिंह राणा ने बताया कि कुछ मजदूर प्रबंधतंत्र पर दबाव बनाकर अपनी मांगे मनवाना चाहते हैं। उनकी समस्याओं पर मिल प्रबंधतंत्र विचार कर रहा है।