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दारुल उलूम इस्लाम का किला : अब्दुल अजीज
Saharanpur
Updated Mon, 17 Feb 2014 05:30 AM IST
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देवबंद(सहारनपुर) सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्री शेख सालेह बिन अब्दुल अजीज ने कहा कि दारुल उलूम इस्लाम का किला है और संस्था इस्लाम की हिफाजत कर इसका प्रचार-प्रसार कर रही है।
रविवार को रशीदिया मस्जिद में आयोजित जलसे को संबोधित करते हुए अब्दुल अजीज ने कहा कि दारुल उलूम ने स्थापना के समय से ही दीन और इस्लाम को बढ़ावा देने में अहम किरदार अदा किया। इससे हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दूसरे मुल्कों में भी दीन के किले मजबूती के साथ खड़े हैं और इस्लाम को फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताआला ने दारुल उलूम के जरिये अपने निशान की हिफाजत की है। दारुल उलूम से उनके मुल्क का संबंध दौलत की बुनियाद पर नहीं बल्कि दीन की बुनियाद पर है। मंत्री ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद का ताल्लुक काबा और हरमैन शरीफ से है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका से लेकर मिस्र तक बहुत मुल्कों को दौरा किया। सब जगह उन्हें दारुल उलूम देवबंद का असर महसूस हुआ।
स्वागत भाषण में मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने सऊदी हुकूमत के बादशाह शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज को उनके इस्लामी और दावती खिदमात पर मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देवबंद ने दीन और इस्लाम के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई और दुनिया में हमेशा अमन का पैगाम दिया है। मोहतमिम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की।
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सऊदी दूतावास के राजदूत सऊद मोहम्मद अस्साती ने कहा कि उन्हें दोबारा यहां आने की खुशी है। दारुल उलूम ने मदारिस-ए-इस्लामिया को बढ़ावा देकर दुनिया में दीन और इस्लाम की तालीम को आम किया। संचालन मौलाना सलमान बिजनौरी ने किया। तिलावत-ए-कलाम पाक कारी आफताब आलम ने की। मंत्री के साथ आए अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्लाह अल अम्मार, सऊद मोहम्मद अस्साती, शेख अली रुमी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना जमील आदि कार्यक्रम में मौजूद रहे। बाद में शेख अब्दुल अजीज ने दारुल उलूम का दौरा भी किया।
दौरा दोनों देशों के बीच मुहब्बत बढ़ाने वालाः रविवार को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के सामने बनाए गए हेलीपैड पर दोपहर करीब 11: 55 बजे मंत्री शेख सालेह बिन अब्दुल अजीज का हेलीकॉप्टर उतरा। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत प्रमुख उलेमा ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान हेलीपैड से लेकर दारुल उलूम जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्री ने उलेमा से मुलाकात की और देवबंद दौरे को दोनों देशों के बीच मुहब्बत को बढ़ावा देने वाला बताया।
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रविवार को रशीदिया मस्जिद में आयोजित जलसे को संबोधित करते हुए अब्दुल अजीज ने कहा कि दारुल उलूम ने स्थापना के समय से ही दीन और इस्लाम को बढ़ावा देने में अहम किरदार अदा किया। इससे हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दूसरे मुल्कों में भी दीन के किले मजबूती के साथ खड़े हैं और इस्लाम को फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताआला ने दारुल उलूम के जरिये अपने निशान की हिफाजत की है। दारुल उलूम से उनके मुल्क का संबंध दौलत की बुनियाद पर नहीं बल्कि दीन की बुनियाद पर है। मंत्री ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद का ताल्लुक काबा और हरमैन शरीफ से है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका से लेकर मिस्र तक बहुत मुल्कों को दौरा किया। सब जगह उन्हें दारुल उलूम देवबंद का असर महसूस हुआ।
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स्वागत भाषण में मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने सऊदी हुकूमत के बादशाह शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अजीज को उनके इस्लामी और दावती खिदमात पर मुबारकबाद पेश की। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देवबंद ने दीन और इस्लाम के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई और दुनिया में हमेशा अमन का पैगाम दिया है। मोहतमिम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की।
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सऊदी दूतावास के राजदूत सऊद मोहम्मद अस्साती ने कहा कि उन्हें दोबारा यहां आने की खुशी है। दारुल उलूम ने मदारिस-ए-इस्लामिया को बढ़ावा देकर दुनिया में दीन और इस्लाम की तालीम को आम किया। संचालन मौलाना सलमान बिजनौरी ने किया। तिलावत-ए-कलाम पाक कारी आफताब आलम ने की। मंत्री के साथ आए अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्लाह अल अम्मार, सऊद मोहम्मद अस्साती, शेख अली रुमी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना जमील आदि कार्यक्रम में मौजूद रहे। बाद में शेख अब्दुल अजीज ने दारुल उलूम का दौरा भी किया।
दौरा दोनों देशों के बीच मुहब्बत बढ़ाने वालाः रविवार को जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के सामने बनाए गए हेलीपैड पर दोपहर करीब 11: 55 बजे मंत्री शेख सालेह बिन अब्दुल अजीज का हेलीकॉप्टर उतरा। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी समेत प्रमुख उलेमा ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान हेलीपैड से लेकर दारुल उलूम जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्री ने उलेमा से मुलाकात की और देवबंद दौरे को दोनों देशों के बीच मुहब्बत को बढ़ावा देने वाला बताया।