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शराब के धंधे में सहयोगी के घर बेटी देना उचित नहीं
Saharanpur
Updated Fri, 08 Feb 2013 05:30 AM IST
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देवबंद। शराब की खाली बोतलें इकट्ठा कर उन्हें शराब कंपनी को बेचने का कारोबार करने वाले के यहां बेटी का रिश्ता करना उचित नहीं है। दारुल उलूम ने यह फतवा ऑन लाइन पूछे गए सवाल के जवाब में दिया।
देश से ही एक व्यक्ति ने सवाल संख्या 44099 में दारुल उलूम के मुफ्तियों से पूछा कि एक व्यक्ति शराब की खाली बोतलें इकट्ठा कर उन्हें कंपनी को भेज देता है, क्या यह कारोबार जायज है या नहीं। क्योंकि इस घर में मुझे अपनी लड़की का रिश्ता करना है, कारोबार के हिसाब से यहां रिश्ता करना सही होगा या नहीं?
दारुल उलूम के मुफ्तियों ने 6 फरवरी को दिए जवाब संख्या 403-222/एल=3/1434 में कहा कि शराब की खाली बोतलों को इकट्ठा कर शराब कंपनी को बेचना ताकि वह उसमें शराब भरकर आपूर्ति करे मकरुह (इस्लाम में जिस काम को पसंद नहीं किया गया है) और एक तरह का कंपनी को सहयोग है। जबकि इससे प्राप्त आय भी पाकीजा (पाक) नहीं है इसलिए अगर इस घर का खर्च इसी से चलता है तो वहां रिश्ता करना उचित नहीं है। इस मामले में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि शराब का कारोबार हराम है और शराब की बोतलें इकट्ठा कर कंपनी को बेचना उस काम में सहयोग करना है। इसलिए इसकी कमाई बिल्कुल हराम है। लिहाजा जिस घर का खर्च हराम की कमाई से चलता है वहां लड़की का रिश्ता करना सही नहीं है।
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देश से ही एक व्यक्ति ने सवाल संख्या 44099 में दारुल उलूम के मुफ्तियों से पूछा कि एक व्यक्ति शराब की खाली बोतलें इकट्ठा कर उन्हें कंपनी को भेज देता है, क्या यह कारोबार जायज है या नहीं। क्योंकि इस घर में मुझे अपनी लड़की का रिश्ता करना है, कारोबार के हिसाब से यहां रिश्ता करना सही होगा या नहीं?
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दारुल उलूम के मुफ्तियों ने 6 फरवरी को दिए जवाब संख्या 403-222/एल=3/1434 में कहा कि शराब की खाली बोतलों को इकट्ठा कर शराब कंपनी को बेचना ताकि वह उसमें शराब भरकर आपूर्ति करे मकरुह (इस्लाम में जिस काम को पसंद नहीं किया गया है) और एक तरह का कंपनी को सहयोग है। जबकि इससे प्राप्त आय भी पाकीजा (पाक) नहीं है इसलिए अगर इस घर का खर्च इसी से चलता है तो वहां रिश्ता करना उचित नहीं है। इस मामले में दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि शराब का कारोबार हराम है और शराब की बोतलें इकट्ठा कर कंपनी को बेचना उस काम में सहयोग करना है। इसलिए इसकी कमाई बिल्कुल हराम है। लिहाजा जिस घर का खर्च हराम की कमाई से चलता है वहां लड़की का रिश्ता करना सही नहीं है।
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