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नियम ना कायदे, सड़कों पर बना डाली पार्किंग
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:28 AM IST
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नियम ना कायदे, सड़कों पर बना डाली पार्किंग
सहारनपुर। शहर में किसी भी सड़क पर निकल जाओ, हर जगह नियम कायदों को ताक पर रखा गया है। जगह-जगह अवैध पार्किंग बना ली गई है जिससे जाम लगने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पुलिस-प्रशासन के पास कोई कार्य योजना नहीं है। इसके लिए होटलों, प्रतिष्ठानों और अस्पतालों के संचालक भी जिम्मेदार है, जिन्होंने अपने यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है। लोग सड़क पर ही बेतरतीब वाहन खड़े कर चले जाते हैं। नगर निगम इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। कई जगहों पर नगर निगम ने ही अवैध पार्किंग बनवा दी है। यह हाल तब है, जब सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है।
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कोर्ट रोड का बुरा हाल
सहारनपुर। कोर्ट रोड पर घंटाघर से लेकर कलेक्ट्रेट तिराहे तक जगह-जगह प्रतिष्ठानों और बैंकों के बाहर अवैध पार्किंग बनी है। दीवानी तिराहे के चारों तरफ स्थित दुकानों के बाहर रोजाना सैंकड़ों वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। दोपहर के समय जब स्कूलों की छुट्टी होती है तो सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती है। इस समस्या से रोजाना लोग जूझते हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता।
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घंटाघर से जिला अस्पताल चौक तक हर जगह कब्जा
सहारनपुर। देहरादून रोड पर घंटाघर से जिला अस्पताल चौक तक सड़क दोनों तरफ जगह-जगह कब्जे हैं। घंटाघर से सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज तक सड़कों के दोनों तरफ वाहन पार्क किए जाते हैं। इस इलाके में कई बैंक हैं, जिनकी अपनी पार्किंग नहीं है। उपभोक्ता सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते है। इस मार्ग जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाण और उत्तराखंड़ का ट्रैफिक निकलता है। देहरादून चौक से जिला अस्पताल चौक पर भी दोनों तरफ चिकित्सकों के क्लीनिक और अस्पताल हैं। मगर, अधिकतर अस्पतालों की अपनी पार्किंग नहीं है। आलम यह है कि सड़क के बीचोबीच वाहन पार्क किए जाते हैं। यहां की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहती है।
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अंबाला और रेलवे रोड पर भी हालात ठीक नहीं
सहारनपुर। अंबाला रोड से चार राज्यों का ट्रैफिक गुजरता है। इस मार्ग पर कई बड़े प्रतिष्ठान, होटल और स्कूल स्थित हैं। मगर, पार्किंग किसी की भी नहीं है। होटलों और प्रतिष्ठानों में आने वाले ग्राहक वाहनों को सड़क पर ही पार्क करते हैं। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं क्योंकि, अवैध कब्जों और पार्किंग की वजह 60 फिट की सड़क 30 फिट तक रह गई है। इसी तरह रेलवे रोड पर दोनों तरफ सड़कों पर कब्जों की भरमार है। अवैध पार्किंग के अलावा दुकानदारों ने 15-15 फिट तक अपने प्रतिष्ठानों के बाहर सामान लगा रखा है।
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पुराने शहर का घुट रहा दम
सहारनपुर। पुराने शहर का तो दम घुट गया है। घंटाघर से नेहरू मार्केट, चौकी सराय, शहीद गंज बाजार, मोरगंज बाजार, चौक फव्वारा, रानी बाजार, हलवाई अट्टा, सराफा बाजार, पंसारी बाजार, रानी बाजार में आने वाले ग्राहकों के लिए कहीं भी पार्किंग नहीं है। इस वजह से इन सभी इलाकों में रोजाना भीषण जाम लगा रहता है। यहां ट्रैफिक पुलिस भी जाम खुलवाने नहीं पहुंचती पाती है। लोगों को खुद ही मशक्कत कर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाना पड़ता है।
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सड़कों पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने की कार्य योजना है। अभियान चलाकर कार्रवाई होगी। सभी जगह से अवैैध पार्किंग पूरी तरह हटवा दी जाएगी। --विनीत भटनागर, पुलिस अधीक्षक यातायात
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सहारनपुर। शहर में किसी भी सड़क पर निकल जाओ, हर जगह नियम कायदों को ताक पर रखा गया है। जगह-जगह अवैध पार्किंग बना ली गई है जिससे जाम लगने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पुलिस-प्रशासन के पास कोई कार्य योजना नहीं है। इसके लिए होटलों, प्रतिष्ठानों और अस्पतालों के संचालक भी जिम्मेदार है, जिन्होंने अपने यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं की है। लोग सड़क पर ही बेतरतीब वाहन खड़े कर चले जाते हैं। नगर निगम इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। कई जगहों पर नगर निगम ने ही अवैध पार्किंग बनवा दी है। यह हाल तब है, जब सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है।
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कोर्ट रोड का बुरा हाल
सहारनपुर। कोर्ट रोड पर घंटाघर से लेकर कलेक्ट्रेट तिराहे तक जगह-जगह प्रतिष्ठानों और बैंकों के बाहर अवैध पार्किंग बनी है। दीवानी तिराहे के चारों तरफ स्थित दुकानों के बाहर रोजाना सैंकड़ों वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। दोपहर के समय जब स्कूलों की छुट्टी होती है तो सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती है। इस समस्या से रोजाना लोग जूझते हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता।
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घंटाघर से जिला अस्पताल चौक तक हर जगह कब्जा
सहारनपुर। देहरादून रोड पर घंटाघर से जिला अस्पताल चौक तक सड़क दोनों तरफ जगह-जगह कब्जे हैं। घंटाघर से सतयुग आश्रम इंटर कॉलेज तक सड़कों के दोनों तरफ वाहन पार्क किए जाते हैं। इस इलाके में कई बैंक हैं, जिनकी अपनी पार्किंग नहीं है। उपभोक्ता सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते है। इस मार्ग जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाण और उत्तराखंड़ का ट्रैफिक निकलता है। देहरादून चौक से जिला अस्पताल चौक पर भी दोनों तरफ चिकित्सकों के क्लीनिक और अस्पताल हैं। मगर, अधिकतर अस्पतालों की अपनी पार्किंग नहीं है। आलम यह है कि सड़क के बीचोबीच वाहन पार्क किए जाते हैं। यहां की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहती है।
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अंबाला और रेलवे रोड पर भी हालात ठीक नहीं
सहारनपुर। अंबाला रोड से चार राज्यों का ट्रैफिक गुजरता है। इस मार्ग पर कई बड़े प्रतिष्ठान, होटल और स्कूल स्थित हैं। मगर, पार्किंग किसी की भी नहीं है। होटलों और प्रतिष्ठानों में आने वाले ग्राहक वाहनों को सड़क पर ही पार्क करते हैं। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं क्योंकि, अवैध कब्जों और पार्किंग की वजह 60 फिट की सड़क 30 फिट तक रह गई है। इसी तरह रेलवे रोड पर दोनों तरफ सड़कों पर कब्जों की भरमार है। अवैध पार्किंग के अलावा दुकानदारों ने 15-15 फिट तक अपने प्रतिष्ठानों के बाहर सामान लगा रखा है।
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पुराने शहर का घुट रहा दम
सहारनपुर। पुराने शहर का तो दम घुट गया है। घंटाघर से नेहरू मार्केट, चौकी सराय, शहीद गंज बाजार, मोरगंज बाजार, चौक फव्वारा, रानी बाजार, हलवाई अट्टा, सराफा बाजार, पंसारी बाजार, रानी बाजार में आने वाले ग्राहकों के लिए कहीं भी पार्किंग नहीं है। इस वजह से इन सभी इलाकों में रोजाना भीषण जाम लगा रहता है। यहां ट्रैफिक पुलिस भी जाम खुलवाने नहीं पहुंचती पाती है। लोगों को खुद ही मशक्कत कर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाना पड़ता है।
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सड़कों पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने की कार्य योजना है। अभियान चलाकर कार्रवाई होगी। सभी जगह से अवैैध पार्किंग पूरी तरह हटवा दी जाएगी। --विनीत भटनागर, पुलिस अधीक्षक यातायात