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70 फीसदी छात्रों के परीक्षा प्रवेश पत्र रोके
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:49 AM IST
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हंगामा करते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सुविधा शुल्क नहीं देने पर 70 फीसदी छात्रों को प्रवेश पत्र न देकर परीक्षा से रोक दिया गया। आक्रोशित छात्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य और अध्यापकों के विरुद्घ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
आरोप है कि छात्रों की उपस्थिति कम दर्शाकर उनको परीक्षा में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। सोमवार को छात्र बड़ी संख्या में आईटीआई छात्र शोषण मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों की उपस्थिति कम बताकर परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र नहीं दिये जा रहे हैं। उन्होंने संस्थान पर छात्रों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। आरोप है कि संस्थान द्वारा परीक्षा से पहले हर छात्रों से मोटी रिश्वत ली जाती है।
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उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया तो प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम दर्शाकर प्रवेश पत्र रोककर फाइनल परीक्षा में बैठने से रोक रहे है। छात्रों का आरोप है कि संस्थान ने कई छात्रों से संपर्क कर उनकी उपस्थिति बढ़ाकर उनके प्रवेश पत्र जारी कर दिए।
लेकिन जिन छात्रों ने अध्यापकों से संपर्क नहीं किया ऐसे 70 प्रतिशत से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्र रोककर परीक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर परीक्षा में शामिल करने की गुहार लगाई।
इस दौरान अध्यक्ष अंकुश सहगल, योगेश कश्यप, अमित कुमार, अनिल कुमार, आदेश कुमार, दीपक, दिनेश, रीतू, विकास, मनोज, विनीत आदि शामिल रहे।
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आरोप है कि छात्रों की उपस्थिति कम दर्शाकर उनको परीक्षा में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। सोमवार को छात्र बड़ी संख्या में आईटीआई छात्र शोषण मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों की उपस्थिति कम बताकर परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र नहीं दिये जा रहे हैं। उन्होंने संस्थान पर छात्रों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। आरोप है कि संस्थान द्वारा परीक्षा से पहले हर छात्रों से मोटी रिश्वत ली जाती है।
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उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया तो प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम दर्शाकर प्रवेश पत्र रोककर फाइनल परीक्षा में बैठने से रोक रहे है। छात्रों का आरोप है कि संस्थान ने कई छात्रों से संपर्क कर उनकी उपस्थिति बढ़ाकर उनके प्रवेश पत्र जारी कर दिए।
लेकिन जिन छात्रों ने अध्यापकों से संपर्क नहीं किया ऐसे 70 प्रतिशत से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्र रोककर परीक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर परीक्षा में शामिल करने की गुहार लगाई।
इस दौरान अध्यक्ष अंकुश सहगल, योगेश कश्यप, अमित कुमार, अनिल कुमार, आदेश कुमार, दीपक, दिनेश, रीतू, विकास, मनोज, विनीत आदि शामिल रहे।