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स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को होगा नामांकन
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सहारनपुर। स्कूल नहीं जाने वाले छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग अभियान चलाएगा। सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य को निर्देशित किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत शिक्षा छह से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। ऐसे में छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को चिह्नित कर स्कूलों में पंजीकरण कराना और शत प्रतिशत स्कूलों में ठहराव कराना है। उन्होंने कहा कि कारखानों, ढाबों और चाय की दुकानों आदि पर काम करने वाले 14 वर्ष की आयु के बच्चों को भी चिह्नित किया जाना है। परियोजना निदेशक दुष्यंत सिंह ने कहा कि बच्चों को चिह्नीकरण और नामांकन का कार्य एक निर्धारित समय सीमा में होना है। यूनिसेफ की ओर से भेजे गए मास्टर ट्रेनर मोहम्मद दस्तगीर ए आजम और जिला समन्वयक अरविंद कुमार सिंह ने बच्चों के चिह्नीकरण, नामांकन और स्कूलों में ठहराव पर विस्तार से अपनी बात रखी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि एक भी बच्चा स्कूल में पंजीकृत होने से रहना नहीं चाहिए।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत शिक्षा छह से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। ऐसे में छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को चिह्नित कर स्कूलों में पंजीकरण कराना और शत प्रतिशत स्कूलों में ठहराव कराना है। उन्होंने कहा कि कारखानों, ढाबों और चाय की दुकानों आदि पर काम करने वाले 14 वर्ष की आयु के बच्चों को भी चिह्नित किया जाना है। परियोजना निदेशक दुष्यंत सिंह ने कहा कि बच्चों को चिह्नीकरण और नामांकन का कार्य एक निर्धारित समय सीमा में होना है। यूनिसेफ की ओर से भेजे गए मास्टर ट्रेनर मोहम्मद दस्तगीर ए आजम और जिला समन्वयक अरविंद कुमार सिंह ने बच्चों के चिह्नीकरण, नामांकन और स्कूलों में ठहराव पर विस्तार से अपनी बात रखी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि एक भी बच्चा स्कूल में पंजीकृत होने से रहना नहीं चाहिए।
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