{"_id":"5c2912fdbdec2257132ab661","slug":"51546195709-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दिन में 252 करोड़ का बकाया भुगतान बना चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दिन में 252 करोड़ का बकाया भुगतान बना चुनौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक दिन में 252 करोड़ का बकाया भुगतान बना चुनौती
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तय की गई समय सीमा में सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराना गन्ना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। समय सीमा समाप्त होने में मात्र एक दिन शेष है और मंडल की पांच शुगर मिलों पर 252 करोड रुपये बकाया है। इसे लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी टेंशन में हैं।
सरकार की तमाम कवायद के बावजूद किसान समय से गन्ना मूल्य पाने से महरूम हैं। मंडल की 17 मिलों में से पांच मिलों पर किसानों का गत वर्ष का 252 करोड़ रुपये से अधिक अभी भी बकाया है। इनमें सहारनपुर की दो शुगर मिलों पर 82.06 करोड़ रुपये, मुजफ्फरनगर की एक शुगर मिल पर 60.21 करोड़ रुपये और शामली की दो चीनी मिलों पर 109.93 करोड़ रुपये बकाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शुगर मिलों को गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। अब यह समय सीमा पूरी होने में मात्र एक दिन शेष है। इसे लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी टेंशन में हैं। उनके लिए सोमवार को 252 करोड़ रुपये का भुगतान कराना चुनौती बना हुआ है।
------------
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए गन्ना विभाग शुगर मिलों पर दबाव बनाए हुए है। समय सीमा में भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, प्रभारी उप गन्ना आयुक्त।
गत वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य लाख में
जनपद------------------बकाया
सहारनपुर---------------82.06 करोड़
मुजफ्फरनगर-----------60.21 करोड़
शामली-----------------109.93 करोड़
विज्ञापन
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तय की गई समय सीमा में सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराना गन्ना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। समय सीमा समाप्त होने में मात्र एक दिन शेष है और मंडल की पांच शुगर मिलों पर 252 करोड रुपये बकाया है। इसे लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी टेंशन में हैं।
सरकार की तमाम कवायद के बावजूद किसान समय से गन्ना मूल्य पाने से महरूम हैं। मंडल की 17 मिलों में से पांच मिलों पर किसानों का गत वर्ष का 252 करोड़ रुपये से अधिक अभी भी बकाया है। इनमें सहारनपुर की दो शुगर मिलों पर 82.06 करोड़ रुपये, मुजफ्फरनगर की एक शुगर मिल पर 60.21 करोड़ रुपये और शामली की दो चीनी मिलों पर 109.93 करोड़ रुपये बकाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शुगर मिलों को गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। अब यह समय सीमा पूरी होने में मात्र एक दिन शेष है। इसे लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी टेंशन में हैं। उनके लिए सोमवार को 252 करोड़ रुपये का भुगतान कराना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
------------
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए गन्ना विभाग शुगर मिलों पर दबाव बनाए हुए है। समय सीमा में भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, प्रभारी उप गन्ना आयुक्त।
गत वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य लाख में
जनपद------------------बकाया
सहारनपुर---------------82.06 करोड़
मुजफ्फरनगर-----------60.21 करोड़
शामली-----------------109.93 करोड़