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शहर को स्वच्छ बनाने में बाधक बन रहीं डेयरियां

Sun, 25 Nov 2018 12:36 AM IST
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:36 AM IST
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शहर को स्वच्छ बनाने में बाधक बन रहीं डेयरियां
शहर को स्वच्छ बनाने में बाधक बन रहीं डेयरियां
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सहारनपुर। आबादी वाले इलाकों में चल रहे तबेले और सड़कों से संचालित हो रही डेयरियों के कारण स्वच्छ शहर का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। सड़कों पर पशुओं के तबेले और गंदगी के कारण शहर की सूरत बिगड़ी हुई है। पशुओं के तबेलों और डेयरियों में गंदगी के कारण बीमारियां बढ़ने की भी आशंका बनी रहती है। शहर में सर्वे कराने और चेतावनी देने के बाद नगर निगम की ओर से डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
बता दें कि नगर निगम ने करीब तीन वर्ष पहले शहर में चल रहे तबेलों और डेयरियों का सर्वे कराया था। नगर में 170 से अधिक डेयरियां चिह्नित की गईं थीं। इसके बाद नगर निगम की ओर से चेतावनी दी गई थी कि इन डेयरियों का शहर की आबादी में संचालन बंद किया जाए। लेकिन इसके बाद इन्हें शहर से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
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अब स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में किसी भी तरह का पशुपालन नहीं किया जा सकता। मगर, अब तक तक तबेलों और डेयरियों पर कोई अंकुश नहीं लगा है। वर्षों से चकराता रोड पर सड़कों पर पशु बांधे जा रहे हैं। जनकनगर आबादी क्षेत्र हैं। यहां पशुपालन हो रहा है। तबेले और डेयरियां एक ओर जहां शहर को गंदा कर रही हैं, वहीं इनसे बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। इसके अलावा सड़कों पर डेयरियां चलने की वजह से यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 पर पड़ेगा असर
जनवरी 2019 में सहारनपुर का स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। नगर निगम सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटा है। नगर निगम ने इस बार सर्वेक्षण में देश भर में पहला नंबर लाने की योजना बनाई है। मगर अभी तक तबेलों और डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है, जो गंदगी फैला रहे हैं। गत वर्ष हुए सर्वेक्षण में सहारनपुर का 245वां स्थान रहा था।
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निगम के पास नहीं है कांजी हाउस
सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि सड़कों पर किसी भी प्रकार का पशु विचरण न करे। मगर शहर में घोड़े, गाय और अन्य पशुओं को सड़कों पर विचरण करते देखा जा सकता है। कोर्ट रोड पर 24 घंटे गोवंश सड़कों पर रहता है। नगर निगम के पास कांजी हाउस नहीं है। इसके चलते भी इस समस्या से निजात पाने के लिए कोई प्लान नहीं बन पाया है।

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शहर में आबादी के बीच चल रहे डेयरियों को लेकर पहले अभियान चलाया था। कुछ लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया था। शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर निगम अभियान चलाने की तैयारी में है। डेयरी संचालकों को चाहिए कि वह कार्रवाई से बचने के लिए खुद ही डेयरियां शहर से बाहर ले जाएं। -- डॉ. गीताराम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
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