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विदेश से आयात करने वाली गन्ना प्रजातियों पर नजर रखेगा विभाग
Updated Tue, 08 May 2018 11:57 PM IST
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विदेश से आयात हुई गन्ना प्रजातियों पर नजर रखेगा विभाग
सहारनपुर। आयातित गन्ना प्रजातियों के साथ आने वाले रोगों के फैलाव रोकने के लिए गन्ना विभाग ने कमर कस ली है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर कहा कि यदि कोई मिल या संस्था किसी गन्ना प्रजाति का विदेश से आयात करना चाहती है तो उसे भारत सरकार के मानकों का पालन करना होगा।
उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि विदेशों से गन्ना प्रजाति के आयात करते समय भारत सरकार द्वारा जारी क्वेरेटाइन प्रोटोकॉल के मानकों का पालन नहीं होने से कई रोग से ग्रसित बीज देश में आ जाता है। जिससे स्थानीय स्तर पर इन रोगों का फैलाव होने से भारी नुकसान होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि गन्ने में रेडरॉट, विल्ट, स्मट, आरएसडी, सीएसडी और पोक्क पोइंग जैसी खतरनाक बीमारियां होती है। जब दूसरे देश से बीज का आयात किया जाता है तो गन्ने के टुकडे़ के साथ बीमारियों के पैथोजन भी आ जाते हैं। जो देश में पैदा की जा रही गन्ने की प्रजातियों को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि इसलिए गन्ना विभाग विदेश से आयात की जाने वाली गन्ना प्रजातियों की निगरानी करेगा। भारत सरकार के मानकों पर खरा उतरने वाली प्रजाति को ही आयात की अनुमति दी जाएगी।
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सहारनपुर। आयातित गन्ना प्रजातियों के साथ आने वाले रोगों के फैलाव रोकने के लिए गन्ना विभाग ने कमर कस ली है। प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर कहा कि यदि कोई मिल या संस्था किसी गन्ना प्रजाति का विदेश से आयात करना चाहती है तो उसे भारत सरकार के मानकों का पालन करना होगा।
उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि विदेशों से गन्ना प्रजाति के आयात करते समय भारत सरकार द्वारा जारी क्वेरेटाइन प्रोटोकॉल के मानकों का पालन नहीं होने से कई रोग से ग्रसित बीज देश में आ जाता है। जिससे स्थानीय स्तर पर इन रोगों का फैलाव होने से भारी नुकसान होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि गन्ने में रेडरॉट, विल्ट, स्मट, आरएसडी, सीएसडी और पोक्क पोइंग जैसी खतरनाक बीमारियां होती है। जब दूसरे देश से बीज का आयात किया जाता है तो गन्ने के टुकडे़ के साथ बीमारियों के पैथोजन भी आ जाते हैं। जो देश में पैदा की जा रही गन्ने की प्रजातियों को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि इसलिए गन्ना विभाग विदेश से आयात की जाने वाली गन्ना प्रजातियों की निगरानी करेगा। भारत सरकार के मानकों पर खरा उतरने वाली प्रजाति को ही आयात की अनुमति दी जाएगी।
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