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स्मार्ट सिटी पर 2019 से पहले काम शुरू करना चुनौती
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना होने के बावजूद स्मार्ट सिटी योजना अधर में लटक कर रह गई है। योजना में चयन के करीब आठ महीने बाद सहारनपुर में पीएमसी बनने के अलावा कोई काम नहीं हुआ है। पीएमसी का चयन हुए भी करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, मगर डीपीआर बनाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। ऐसे हालात में 2019 से पहले योजना पर काम शुरू हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
योजना के तहत चयनित शहरों के नामों की घोषणा 19 जनवरी 2018 को की गई थी। मगर सहारनपुर में पांच महीने तक पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) ही फाइनल नहीं हो सकी थी। करीब डेढ़ महीने पहले पीएमसी फाइनल हुई है। जिसके बाद कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने बैठक कर 15 दिन के भीतर डीपीआर बनाकर पेश करने को कहा था, जिससे कार्य अतिशीघ्र शुरू किए जा सकें, मगर डेढ़ महीने में डीपीआर नहीं बन पाई है। सूत्रों ने बताया कि 15 से 20 दिन शहर के सर्वे में लगे हैं, जिसकी वजह से डीपीआर पर काम नहीं हो सका है। डीपीआर बनाने का कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिसके बाद डीपीआर का अनुमोदन होगा। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित अधिकारियों ने इन तमाम कार्यों में कम से कम तीन महीने का समय लगने की बात कही है। ऐसे हालातों में योजना के तहत धरातल पर 2019 से पहले काम शुरू होने की संभावना कम ही है।
योजना पर अधिकारियों ने किया मंथन
फोटो समाचार
स्मार्ट सिटी योजना को लेकर सोमवार को नगर नगम परिसर में बैठक की गई। बैठक में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी/चीफ इंजीनियर निर्माण जितेंद्र केन, लेखाधिकारी और पीएमसी से जुड़े लोग मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बैठक में योजना पर मंथन किया गया। नगरायुक्त को योजना के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी दी गई।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत डीपीआर बनाने का कार्य चल रहा है, जिसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। डीपीआर बनने के बाद अप्रूवल होगा और उसके बाद योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। धरातल पर काम शुरू होने में अभी कम से कम तीन महीने का समय लगना तय है। फिर भी हमारा प्रयास यही है कि योजना पर अतिशीघ्र काम शुरू कर लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।
- जितेंद्र केन, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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योजना के तहत चयनित शहरों के नामों की घोषणा 19 जनवरी 2018 को की गई थी। मगर सहारनपुर में पांच महीने तक पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) ही फाइनल नहीं हो सकी थी। करीब डेढ़ महीने पहले पीएमसी फाइनल हुई है। जिसके बाद कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने बैठक कर 15 दिन के भीतर डीपीआर बनाकर पेश करने को कहा था, जिससे कार्य अतिशीघ्र शुरू किए जा सकें, मगर डेढ़ महीने में डीपीआर नहीं बन पाई है। सूत्रों ने बताया कि 15 से 20 दिन शहर के सर्वे में लगे हैं, जिसकी वजह से डीपीआर पर काम नहीं हो सका है। डीपीआर बनाने का कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिसके बाद डीपीआर का अनुमोदन होगा। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित अधिकारियों ने इन तमाम कार्यों में कम से कम तीन महीने का समय लगने की बात कही है। ऐसे हालातों में योजना के तहत धरातल पर 2019 से पहले काम शुरू होने की संभावना कम ही है।
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योजना पर अधिकारियों ने किया मंथन
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स्मार्ट सिटी योजना को लेकर सोमवार को नगर नगम परिसर में बैठक की गई। बैठक में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी/चीफ इंजीनियर निर्माण जितेंद्र केन, लेखाधिकारी और पीएमसी से जुड़े लोग मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बैठक में योजना पर मंथन किया गया। नगरायुक्त को योजना के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी दी गई।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत डीपीआर बनाने का कार्य चल रहा है, जिसे पूरा होने में अभी समय लगेगा। डीपीआर बनने के बाद अप्रूवल होगा और उसके बाद योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। धरातल पर काम शुरू होने में अभी कम से कम तीन महीने का समय लगना तय है। फिर भी हमारा प्रयास यही है कि योजना पर अतिशीघ्र काम शुरू कर लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।
- जितेंद्र केन, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।