{"_id":"5b4509474f1c1b02278b59fe","slug":"41531251015-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों ने ही लगा दिया परिवहन निगम को तीस करोड़ का चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों ने ही लगा दिया परिवहन निगम को तीस करोड़ का चूना
Updated Wed, 11 Jul 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ ने आरएम एवं एआरएम पर निगम को लगभग 30 करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने, कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। संघ ने दोनों अधिकारियों को हटाए जाने की मांग की है तथा 26 जुलाई को धरना दिए जाने का एलान किया है।
संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (कार्मिक) ने सितंबर 2017 से जून 2018 तक निगम को भारी नुकसान पहुंचाया है। 2017 में निगम तीसरे और चौथे स्थान पर रहा था, लेकिन अनियमितताओं के चलते इस समय निगम 17वें स्थान पर है। कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कुछ कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए, जबकि कुछ को छोड़ दिया गया। एआरएम ने कई साल सेे एक कर्मचारी को अपने आवास पर रखा हुआ है। उसका काम दूसरे कर्मचारी से लिया जा रहा है। डिपो से अनुबंधित बसें संचालित की जा रही हैं, जबकि रोडवेज की 70 बसें डिपो में ही खड़ी हुई हैं। इसके बावजूद 70 परिचालकों का प्रोन्नति करके निगम को 10 माह में ही 20 करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया है। छह से अधिक लोग 65 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बावजूद कार्यालय में कार्य कर रहे हैं और उनका वेतन का भुगतान कर निगम का नुकसान किया जा रहा है। सहारनपुर क्षेत्र में दीवारें तोड़कर फिर से बनाई जा रहीं हैं। विधि अनुभाग की दीवार बेवजह तोड़कर फिर से बनवा दी गई। पेयजल, शौचालय एवं रनिंग रूम में लगभग सवा दो लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि शेष धन का गबन कर लिया गया। उन्होंने कहा कि संघ की समस्याओं का समाधान करने की बजाय संघ पर ही अधिकारी संघ पर ही दबाव बना रहे हैं। इस मामले में उन्होंने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 26 जुलाई से क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किए जाने का एलान किया। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्रीय मंत्री ब्रह्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, मनोज कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, मुस्तकीम, सोमपाल सिंह, सुधीर कुमार, अच्छे लाल, सुधीर कुमार, ब्रजपाल सिंह, संदीप कुमार, रविंद्र कुमार शामिल रहे।
विज्ञापन
संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय प्रबंधक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (कार्मिक) ने सितंबर 2017 से जून 2018 तक निगम को भारी नुकसान पहुंचाया है। 2017 में निगम तीसरे और चौथे स्थान पर रहा था, लेकिन अनियमितताओं के चलते इस समय निगम 17वें स्थान पर है। कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कुछ कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए, जबकि कुछ को छोड़ दिया गया। एआरएम ने कई साल सेे एक कर्मचारी को अपने आवास पर रखा हुआ है। उसका काम दूसरे कर्मचारी से लिया जा रहा है। डिपो से अनुबंधित बसें संचालित की जा रही हैं, जबकि रोडवेज की 70 बसें डिपो में ही खड़ी हुई हैं। इसके बावजूद 70 परिचालकों का प्रोन्नति करके निगम को 10 माह में ही 20 करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया है। छह से अधिक लोग 65 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बावजूद कार्यालय में कार्य कर रहे हैं और उनका वेतन का भुगतान कर निगम का नुकसान किया जा रहा है। सहारनपुर क्षेत्र में दीवारें तोड़कर फिर से बनाई जा रहीं हैं। विधि अनुभाग की दीवार बेवजह तोड़कर फिर से बनवा दी गई। पेयजल, शौचालय एवं रनिंग रूम में लगभग सवा दो लाख रुपये खर्च किए गए, जबकि शेष धन का गबन कर लिया गया। उन्होंने कहा कि संघ की समस्याओं का समाधान करने की बजाय संघ पर ही अधिकारी संघ पर ही दबाव बना रहे हैं। इस मामले में उन्होंने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 26 जुलाई से क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किए जाने का एलान किया। ज्ञापन देने वालों में क्षेत्रीय मंत्री ब्रह्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, मनोज कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, मुस्तकीम, सोमपाल सिंह, सुधीर कुमार, अच्छे लाल, सुधीर कुमार, ब्रजपाल सिंह, संदीप कुमार, रविंद्र कुमार शामिल रहे।
विज्ञापन