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साल भर खून से सुर्ख होती रहीं सहारनपुर की सड़कें

Wed, 27 Dec 2017 01:34 AM IST
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:34 AM IST
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साल भर खून से सुर्ख होती रहीं सहारनपुर की सड़कें
सहारनपुर। जिले की सड़कों पर इस वर्ष लगभग 400 हादसे हुए, जिनमें 250 से अधिक लोगों की मौत हुई और 350 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह आंकड़ा साल भर हुई आपराधिक मौतों से कई गुना अधिक हैं। न सिर्फ ब्लैक स्पॉट और खराब सड़कें हादसों का सबब बनीं, बल्कि दोपहिया वाहन चलाने वाले युवाओं की बेलगाम गति और हेलमेट से परहेज उनकी जिंदगी का खत्मा कर गया।
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सहारनपुर में हाल में ही बड़ा हादसा 17 नवंबर को अंबाला रोड पर हुआ। इस दुर्घटना में तेज रफ्तार कार असंतुलित हुई और एक खड़ी बस में जा टकराई। जिसमें एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। इस वर्ष लगभग 400 दुर्घटनाएं हुईं। जिनमें लगभग 250 लोगों की मौत हुई और लगभग 350 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जबकि सहारनपुर में हुई आपराधिक मामलों में मौतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मात्र 90 हत्याएं इस वर्ष पुलिस के कलेंडर में दर्ज हुई हैं। जो दुर्घटनाओं में हुईं मौतों के मुकाबले काफी कम हैं।
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इन दुर्घटनाओं का कारण बेलगाम स्पीड और सड़कों की खराब हालत रही, लेकिन अधिकांश हादसों में मौतों का कारण दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का प्रयोग न किया जाना रहा। तेज रफ्तार आदि रहे हैं। सीधा मौत को दावत देने में सहारनपुर के युवाओं ने काफी जल्दबाजी दिखाई। सड़क दुर्घटनाओं में इस साल हुईं लगभग 250 मौतों में लगभग 150 मौतें युवाओं की हुईं।
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हर साल बढ़ता गया मौतों का आंकड़ा
सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा वाहनों की संख्या के साथ साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2014 में 118, 2015 में 240, 2016 में 244 और 2017 में लगभग लगभग 250 मौतें यातायात पुलिस के रिकार्ड में दर्ज हैं।


नाबालिग हाथों में रफ्तार की कमान
सड़क दुर्घटनाओं का कारण लापरवाही, तेजगति से एवं अप्रशिक्षित लोगों द्वारा वाहनों को चलाया जाना है। पुलिस अधीक्षक यातायात विनीत भटनागर का कहना है कि नाबालिग और युवाओं में रफ्तार को लेकर अधिक प्रतिस्पर्धा रहती है। हेलमेट का प्रयोग करने में अपनी बेइज्जती समझते हैं और अभिभावक भी नाबालिगों के हाथों में तेज रफ्तार बाइकें थमा देते हैं। जो दुर्घटनाओं में मौतों का कारण बन रहे हैं। लगातार अभियान चलाकर जागरूक किया जा रहा है, कार्रवाई भी हो रही है। काफी हद तक दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास किया गया है।

दुर्घटनाओं के आंकड़े
वर्ष दुर्घटनाएं मौत घायल
2014 356 118 279
2015 401 240 304
2016 381 244 303
2017 (अक्तूबर तक) 310 171 208

जिले के 9 ब्लैक स्पॉट एवं हादसे ( 2017 के अक्तूबर तक)

चिह्नित ब्लैक 2014 2015 2016 2017

स्पॉट दुर्घटना-मौतें दुर्घटना-मौतें दुर्घटना-मौतें दुर्घटना-मौतें

कलसिया 5 - 7 4 - 6 8 - 9 4 - 4
टपरी 6 - 6 7 - 5 11 - 11 7 - 9
रामपुर मनिहारन 5 - 6 8 - 8 16 - 17 13 - 12
नानौता 7 - 10 6 - 8 10 - 13 9 - 9
देवबंद 28- 28 24 - 25 21 - 22 15 - 17
टाउन एरिया नांगल 4 - 3 6 - 4 4 - 5 5 - 4
नागल 7 - 10 5 - 9 6 - 12 8 - 11
रामपुर (बड़गांव) 3 - 4 6 - 5 6 - 6 5 - 5
गंदेवड़ तिराहा 3 - 3 5 - 6 4 - 5 3 - 3
(यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार )
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