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कवि सम्मेलन और मुशायरे में रात भर चले तराने

Fri, 18 Aug 2017 12:47 AM IST
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:47 AM IST
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कवि सम्मेलन और मुशायरे में रात भर चले तराने
सहारनपुर। आजादी की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन की ओर से कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन आयोजित किया गया।
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जनमंच सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद राघव लखनपाल, डीएम पीके पांडेय, एडीएम एसके दुबे, नगर विधायक संजय गर्ग, सरफराज खां और चीफ वार्डन राजेश जैन आदि ने दीप प्रज्ज्वलित व रिबन काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत आसिफ शम्सी द्वारा नात और विनोद भृंग द्वारा सरस्वती वंदना से की गई। गीतकार कृष्ण शलभ की अध्यक्षता और सुरेश सपन के संचालन में कार्यक्रम रात करीब एक बजे तक चला।
डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा और डॉ. आर पी सारस्वत ने अपने टप्पों से खूब तालियां बटोरी। सारस्वत का टप्पा ‘हम प्रेम पुजारी हैं, दुश्मन वार करे, हम सब पर भारी हैं।’’ विजेंद्रपाल का अंदाज ये था ‘‘हम प्रेम पुजारी हैं, कंस सामने हो तो कृष्ण मुरारी हैं।’’ आबिद हसन वफा ने पढ़ा, इतना प्यारा वतन है हमारा, मुस्कुराता चमन है हमारा। शायर डॉ. इरशाद सागर ने सामाजिक रिश्तों को कुछ इस तरह बयान किया ‘‘रिश्तों पे किसी के भरोसा नहीं रहा, अच्छा हुआ कोई भी धोखा नहीं रहा।’’ जबकि शब्बीर शाद का अंदाज कुछ ऐसा था-‘‘जख्म बातों के भरते नहीं, लोग कोशिश भी करते नहीं।’’
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डॉ. वीरेंद्र आजम ने अपनी रचना ‘‘परछाई’’ के माध्यम से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक सरोकारों के साथ-साथ देश की अनेक समस्याओं को उठाते हुए जब ये पंक्ति पढ़ी ‘‘ये परछाई मुझे गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज ले जाती है, और वहां ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ते बच्चे दिखाती है’’ तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। जाने माने गीतकार राजेंद्र राजन की पंक्ति देखिये ‘‘ आंसुओं को संभालकर रखना, खुशबुओं को संभालकर रखना, वक्त पूछेगा जिंदगी क्या है, कुछ लम्हों को संभाल कर रखना’’। कृष्ण शलभ ने पढ़ा कि ‘‘ दीन के हैं ना ध्यान वाले हैं, यार ये सब दुकान वाले हैं।’’
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सुरेश सपन, विनोद भृंग, सिकंदर हयात, नरेंद्र मस्ताना, शिवराज राजू, हरीराम पथिक, गोकरणदत्त शर्मा, दानिश कमाल, असलम मोहसिन, अनुराधा शर्मा, मोहित संगम, नौशाद नक्श, जसबीर तन्हा, दिलबहार मलिक, अहमद फराज व बरकतउल्ला शाद आदि ने भी अपनी रचनाएं पढ़ीं। जिलाधिकारी पीके पांडेय, एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार, सीओ सुरेंद्र कुमार, राजेश जैन व सरफराज आदि ने कवियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। दलजीत कोचर, शीतल टंडन, अरिमर्दन सिंह गौर, आमिर खान, मौलवी फरीद, दीनानाथ शर्मा, दानिश आजम,राव असलम, राधेश्याम नारंग, महेश नारंग, बाबूराम सैनी, सुबोध शर्मा, सगीर अहमद आदि रहे।
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