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Saharanpur News: जिले में 3.90 लाख बहनों ने रोडवेज बसों में की निशुल्क यात्रा
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- इनमें सहयात्री भी शामिल, 3.40 करोड़ से अधिक बैठता है राजस्व
- परिवहन निगम ने आठ, नौ और दस अगस्त तक की रिपोर्ट जारी की
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रक्षाबंधन पर बहनों के साथ एक सहयात्री को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करने की सुविधा दी गई। तीन दिन में जनपद की 3.90 लाख बहनों ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ लिया। इन टिकटों से करीब 3.40 करोड़ का राजस्व बैठता है, जिसे सरकार ने वहन किया।
परिवहन निगम परिक्षेत्र के छह डिपो में करीब 746 बसों का बेड़ा है। क्षेत्रीय प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले दिन आठ अगस्त को 37,827, नौ अगस्त को 1,20,563 और दस अगस्त तक 2,31,745 महिलाओं ने निशुल्क सफर किया है। इनमें सहयात्री भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 10 अगस्त को यात्रियों ने सफर किया है। इसी दिन एक करोड़ 83 लाख, 29 हजार 140 रुपये टिकट का किराया बैठता है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। चालक-परिचालकों को 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर 1200 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। प्रोत्साहन राशि 13 अगस्त तक चलेगी।
- घर वापसी के लिए मशक्कत
रक्षाबंधन पर्व के बाद बहनों को घर वापसी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बसों में सीट पाने के लिए आपाधापी रही। ट्रेनों व बसों में भीड़ रही। पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।
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- परिवहन निगम ने आठ, नौ और दस अगस्त तक की रिपोर्ट जारी की
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रक्षाबंधन पर बहनों के साथ एक सहयात्री को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करने की सुविधा दी गई। तीन दिन में जनपद की 3.90 लाख बहनों ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ लिया। इन टिकटों से करीब 3.40 करोड़ का राजस्व बैठता है, जिसे सरकार ने वहन किया।
परिवहन निगम परिक्षेत्र के छह डिपो में करीब 746 बसों का बेड़ा है। क्षेत्रीय प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले दिन आठ अगस्त को 37,827, नौ अगस्त को 1,20,563 और दस अगस्त तक 2,31,745 महिलाओं ने निशुल्क सफर किया है। इनमें सहयात्री भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 10 अगस्त को यात्रियों ने सफर किया है। इसी दिन एक करोड़ 83 लाख, 29 हजार 140 रुपये टिकट का किराया बैठता है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। चालक-परिचालकों को 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर 1200 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। प्रोत्साहन राशि 13 अगस्त तक चलेगी।
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- घर वापसी के लिए मशक्कत
रक्षाबंधन पर्व के बाद बहनों को घर वापसी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बसों में सीट पाने के लिए आपाधापी रही। ट्रेनों व बसों में भीड़ रही। पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।
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