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विकास कार्यों की जांच के दौरान ग्रामीण भिडे़
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:27 AM IST
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विकास कार्यों की जांच के दौरान ग्रामीण भिडे़
अंबेहटा (सहारनपुर)। अंबेहटी गांव के लोगों द्वारा प्रधान पर गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने गांव पहुंचकर आरोपों की जांच की। जांच अधिकारी ने गांव के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया तथा डोर टू डोर जाकर शौचालयों की हकीकत जानी। इस दौरान दोनों पक्षों के ग्रामीणों में आपस में नोकझोंक भी हुई।
बता दें कि ग्राम पंचायत अंबेहटी के अंतर्गत पड़ने वाले गांव गोविंदगढ़, दरियापुर व अंबेहटी के सतीश, रवि, अशोक, रविंद्र, राहुल, राजपाल व सुरेंद्र आदि ने डीएम के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान ने शौचालयों व सीसी सड़क में मानकों के विपरीत सामग्री का प्रयोग किया। साथ ही पौधरोपण, हैंडपंपों के रिबोर व सफाई कर्मियों के लिए बनवाये गए रेहड़ों के नाम पर निकाली गई राशि की बंदरबांट की गई। ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइट के नाम पर भी धनराशि हड़पने का आरोप प्रधान पर लगाया था। डीएम आलोक पांडेय के आदेश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाई पी सिंह अपनी टीम के साथ बुधवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे जहां उन्होंने खुली बैठक में आरोपों के बारे में ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान प्रधान पक्ष व शिकायतकर्ता ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। जांच अधिकारी द्वारा ग्राम विकास अधिकारी से संबंधित कागज पेश करने को कहा जिस पर वह बंगले झांकने लगे। कागज प्रस्तुत न कर पाने पर जांच अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार को जमकर लताड़ा। बाद में जांच टीम ने घर घर जाकर शौचालयों व अन्य विकास कार्यों में प्रयोग की गई निर्माण सामग्री की जांच की।
जांच टीम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह के अलावा विभाग के लिपिक बिजेंद्र सिंह, पशु धन प्रसार अधिकारी राजबीर सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता महेश कुमार शामिल थे। जांच अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह, सुरेंद्र सैनी, सुंदरलाल, पवन कुमार, विजय कुमार, रामकिशन, ध्यान सिंह, सचिन कुमार मौजूद रहे। इस विषय में ग्राम प्रधान रघुबीर सिंह का कहना है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
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अंबेहटा (सहारनपुर)। अंबेहटी गांव के लोगों द्वारा प्रधान पर गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने गांव पहुंचकर आरोपों की जांच की। जांच अधिकारी ने गांव के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया तथा डोर टू डोर जाकर शौचालयों की हकीकत जानी। इस दौरान दोनों पक्षों के ग्रामीणों में आपस में नोकझोंक भी हुई।
बता दें कि ग्राम पंचायत अंबेहटी के अंतर्गत पड़ने वाले गांव गोविंदगढ़, दरियापुर व अंबेहटी के सतीश, रवि, अशोक, रविंद्र, राहुल, राजपाल व सुरेंद्र आदि ने डीएम के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान ने शौचालयों व सीसी सड़क में मानकों के विपरीत सामग्री का प्रयोग किया। साथ ही पौधरोपण, हैंडपंपों के रिबोर व सफाई कर्मियों के लिए बनवाये गए रेहड़ों के नाम पर निकाली गई राशि की बंदरबांट की गई। ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइट के नाम पर भी धनराशि हड़पने का आरोप प्रधान पर लगाया था। डीएम आलोक पांडेय के आदेश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाई पी सिंह अपनी टीम के साथ बुधवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे जहां उन्होंने खुली बैठक में आरोपों के बारे में ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान प्रधान पक्ष व शिकायतकर्ता ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। जांच अधिकारी द्वारा ग्राम विकास अधिकारी से संबंधित कागज पेश करने को कहा जिस पर वह बंगले झांकने लगे। कागज प्रस्तुत न कर पाने पर जांच अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार को जमकर लताड़ा। बाद में जांच टीम ने घर घर जाकर शौचालयों व अन्य विकास कार्यों में प्रयोग की गई निर्माण सामग्री की जांच की।
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जांच टीम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह के अलावा विभाग के लिपिक बिजेंद्र सिंह, पशु धन प्रसार अधिकारी राजबीर सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता महेश कुमार शामिल थे। जांच अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह, सुरेंद्र सैनी, सुंदरलाल, पवन कुमार, विजय कुमार, रामकिशन, ध्यान सिंह, सचिन कुमार मौजूद रहे। इस विषय में ग्राम प्रधान रघुबीर सिंह का कहना है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
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