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एके-47 राइफल लूट प्रकरण से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:16 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। पांच साल पूर्व बलवे में लूटी गई पुलिस की एके-47 राइफल मामले से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी पर बुधवार को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश से जहां आरोपियों ने राहत की सांस ली है वहीं, मामले के खुलासे के लिए प्रयास कर रहे बजरंग दल नेता विकास त्यागी आदि आहत हैं।
आरोपियों के अधिवक्ता कलीम कुरैशी ने पिटीशन नंबर 6070/2018 का हवाला देते हुए दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि बुधवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच के सामने इस मामले पर बहस हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। वहीं, मामले की विवेचना कर रहे विवेचक राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। बता दें कि याचिकाकर्ता सुफियान खान, असजद खान, सिकंदर खान, आसिफ खान, शाहबुद्दीन व सुफियान खान के द्वारा दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट के जज गोविंद माथुर व अशोक कुमार की खंडपीठ ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में फल विक्रेता अफजाल की मौत के बाद देवबंद में बवाल हो गया था। उपद्रवियों ने आगजनी व तोड़फोड़ करते हुए तत्कालीन एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा के गनर संदीप राघव से एके-47 राइफल लूट ली थी। इस मामले को तत्कालीन सपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बजरंग दल नेता विकास त्यागी ने गृहमंत्री व केंद्र के अन्य मंत्रियों से मिलकर मामले के खुलासे की मांग की थी। प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद 2 माह पूर्व ही प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की थी। तभी से आरोपी फरार थे। पुलिस ने देवबंद न्यायालय से आरोपियों के घर की कुर्की की अनुमति मांगी हुई थी। यह मामला एसटीएफ के हवाले भी सौंपा गया था।
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आरोपियों के अधिवक्ता कलीम कुरैशी ने पिटीशन नंबर 6070/2018 का हवाला देते हुए दूरभाष पर अमर उजाला को बताया कि बुधवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच के सामने इस मामले पर बहस हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। वहीं, मामले की विवेचना कर रहे विवेचक राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। बता दें कि याचिकाकर्ता सुफियान खान, असजद खान, सिकंदर खान, आसिफ खान, शाहबुद्दीन व सुफियान खान के द्वारा दायर की गई याचिका पर हाईकोर्ट के जज गोविंद माथुर व अशोक कुमार की खंडपीठ ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में फल विक्रेता अफजाल की मौत के बाद देवबंद में बवाल हो गया था। उपद्रवियों ने आगजनी व तोड़फोड़ करते हुए तत्कालीन एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा के गनर संदीप राघव से एके-47 राइफल लूट ली थी। इस मामले को तत्कालीन सपा सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही बजरंग दल नेता विकास त्यागी ने गृहमंत्री व केंद्र के अन्य मंत्रियों से मिलकर मामले के खुलासे की मांग की थी। प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद 2 माह पूर्व ही प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की थी। तभी से आरोपी फरार थे। पुलिस ने देवबंद न्यायालय से आरोपियों के घर की कुर्की की अनुमति मांगी हुई थी। यह मामला एसटीएफ के हवाले भी सौंपा गया था।
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