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जंक्शन पर ट्रेनें डेढ़ सौ सेसे अधिक, प्लेटफार्म मात्र छह
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:36 AM IST
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सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था का आलम है। ट्रेनों के लिए सहारनपुर में प्लेटफार्म ही कम पड़ गए हैं। डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनों के लिए सहारनपुर में मात्र छह प्लेटफार्म हैं। जिसके चलते ट्रेनों को आधा-आधा घंटे तक आउटर पर ही खड़ा रहना पड़ रहा है। ट्रेनें तो लेट हो ही रही हैं, लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो नए प्लेटफार्म का प्रस्ताव भी सहारनपुर से भेजा गया, लेकिन प्रस्ताव भेजने के बाद अधिकारी भूल गए।
जंक्शन होने के बावजूद सहारनपुर में ट्रेनों के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान तक नहीं है। सहारनपुर से रोजाना डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनें गुजर रही हैं। जबकि मालगाड़ियों की संख्या इनसे अलग है। इन गाड़ियों के लिए सहारनपुर में मात्र छह प्लेटफार्म बने हुए हैं। प्लेटफार्म खाली न होने के चलते कई बार ट्रेनों को आधा-आधा घंटे तक आउटर पर ही खड़े रहना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति शाम और सुबह रहती है। काफी देर तक प्लेटफार्म खाली नहीं हो पाता और यात्री सहारनपुर में आकर भी आउटर पर खड़ी ट्रेनों में परेशान रहते हैं।
ऐसा नहीं हैं कि सहारनपुर से प्लेटफार्म निर्माण के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा गया। अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव तो काफी समय पहले ही भेज दिया था, लेकिन भेजने के बाद भूल गए। न तो उसके बारे में जानने का ही प्रयास किया और न ही कोई पैरवी की।
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दो प्लेटफार्मों के लिए करनी होगी बड़ी मशक्कत
दो नए प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। जिसके चलते अधिकारी बचने का प्रयास कर रहे हैं। प्लेटफार्मों के लिए जगह को खाली कराया जाना मुश्किल भरा काम है। जिस जगह पर प्लेटफार्म बनाए जाने हैं, वहां पर रेलवे आवास बने हुए हैं। भेजे गए प्रस्ताव में रेलवे लाइन के नजदीक बने रेलवे आवासों को खत्म कराकर वहां प्लेटफार्म बनवाए जाना है।
अन्य ट्रेनों को टपरी से निकालने की मजबूरी
रेलवे स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह का कहना है कि प्लेटफार्म की कमी के चलते ही कई ट्रेनें जिन्हें सहारनपुर से होकर गुजारने की मांग काफी समय से चल रही है, उन्हें टपरी से होकर गुजारा जा रहा है, जिनमें हरिद्वार मेल भी शामिल है। प्लेटफार्म पर्याप्त हो जाएं तो सहारनपुर में कुछ ट्रेनें भी बढ़ सकतीं हैं।
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जंक्शन होने के बावजूद सहारनपुर में ट्रेनों के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान तक नहीं है। सहारनपुर से रोजाना डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनें गुजर रही हैं। जबकि मालगाड़ियों की संख्या इनसे अलग है। इन गाड़ियों के लिए सहारनपुर में मात्र छह प्लेटफार्म बने हुए हैं। प्लेटफार्म खाली न होने के चलते कई बार ट्रेनों को आधा-आधा घंटे तक आउटर पर ही खड़े रहना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति शाम और सुबह रहती है। काफी देर तक प्लेटफार्म खाली नहीं हो पाता और यात्री सहारनपुर में आकर भी आउटर पर खड़ी ट्रेनों में परेशान रहते हैं।
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ऐसा नहीं हैं कि सहारनपुर से प्लेटफार्म निर्माण के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा गया। अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव तो काफी समय पहले ही भेज दिया था, लेकिन भेजने के बाद भूल गए। न तो उसके बारे में जानने का ही प्रयास किया और न ही कोई पैरवी की।
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दो प्लेटफार्मों के लिए करनी होगी बड़ी मशक्कत
दो नए प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। जिसके चलते अधिकारी बचने का प्रयास कर रहे हैं। प्लेटफार्मों के लिए जगह को खाली कराया जाना मुश्किल भरा काम है। जिस जगह पर प्लेटफार्म बनाए जाने हैं, वहां पर रेलवे आवास बने हुए हैं। भेजे गए प्रस्ताव में रेलवे लाइन के नजदीक बने रेलवे आवासों को खत्म कराकर वहां प्लेटफार्म बनवाए जाना है।
अन्य ट्रेनों को टपरी से निकालने की मजबूरी
रेलवे स्टेशन अधीक्षक शिवपाल सिंह का कहना है कि प्लेटफार्म की कमी के चलते ही कई ट्रेनें जिन्हें सहारनपुर से होकर गुजारने की मांग काफी समय से चल रही है, उन्हें टपरी से होकर गुजारा जा रहा है, जिनमें हरिद्वार मेल भी शामिल है। प्लेटफार्म पर्याप्त हो जाएं तो सहारनपुर में कुछ ट्रेनें भी बढ़ सकतीं हैं।