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जिले में गन्ने की मिठास ने तोड़ा रिकार्ड
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:49 AM IST
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जिले में गन्ने की मिठास ने तोड़ा रिकार्ड
सहारनपुर। जिले में गन्ने की मिठास ने रिकार्ड तोड़ दिया है। पहली बार जनपद की चीनी मिलों में औसत रिकवरी 11.36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इनमें देवबंद शुगर मिल 12.12 प्रतिशत चीनी रिकवरी के साथ सबसे आगे है। गागलहेडी शुगर मिल 10.80 फीसदी रिकवरी के साथ सबसे कम स्तर पर रही। इससे पहले सीजन का चीनी रिकवरी औसत साढ़े नौ से साढ़े दस प्रतिशत के आसपास ही रहा है।
गन्ना बीज बदलाव और ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई कराने के लिए चलाए गए गन्ना विभाग के अभियान का असर सामने आ गया है। इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ा है बल्कि चीनी रिकवरी स्तर भी रिकार्ड तोड़ रहा है। इस बार जिले की चीनी मिलों में अब तक की सबसे अधिक रिकवरी आई है। वर्तमान पेराई सत्र में संचालित छह चीनी मिलों में से पांच मिलों का ऑन डेट चीनी रिकवरी स्तर 11 प्रतिशत के ऊपर और एक मिल का चीनी रिकवरी स्तर 11 के करीब है। देवबंद चीनी मिल का ऑन डेट चीनी रिकवरी स्तर 12.02, गांगनौली का 11.65 तथा शेरमऊ का 11.50 प्रतिशत तक रहा, जबकि गागलहेडी मिल की रिकवरी का स्तर 10.80 प्रतिशत और सहकारी क्षेत्र की नानौता की 11.15 और सरसावा की 11.05 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नानौता शुगर मिल में 13 वर्ष के बाद चीनी रिकवरी नौ प्रतिशत के पार पहुंची है। रिकवरी बढने से मिलों में चीनी का बढिया उत्पादन हो रहा है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि गन्ना उत्पादन और रिकार्ड चीनी रिकवरी प्रतिशत बढने के पीछे गन्ना विभाग द्वारा चलाए गए प्रजाति बदलाव अभियान के साथ ही किसानों द्वारा बडे क्षेत्रफल में ट्रेंच बुवाई विधि को अपनाना भी है। किसानों ने अनुपयुक्त प्रजातियों को समाप्त कर उनके स्थान पर अगेती प्रजातियों की बुआई की है।
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वर्तमान सत्र में शुगर रिकवरी प्रतिशत में
चीनी मिल सीजन का औसत मौजूदा औसत (प्रतिशत)
देवबंद 10.63 12.02
गांगनोली 10.10 11.65
शेरमऊ 10.07 11.50
गागलहेडी 09.79 10.80
नानौता 09.22 11.15
सरसावा 09.54 11.05
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450 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन होने की उम्मीद
सहारनपुर। जिले की चीनी मिलों ने गत पेराई सत्र में कुल 357 लाख कुंतल के पेराई की गई थी। इसमें लगभग 17 लाख क्विंटल गन्ना बागपत जिले से था। इस बार 25 फरवरी तक जिले की मिलों ने 305 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर दी गई है। अभी खेतों में भरपूर गन्ना खड़ा है। डीसीओ डॉ.आरडी द्विवेदी ने बताया कि इस बार जनपद की चीनी मिलें अप्रैल के अंत तक चलेंगी। शेरमऊ, सरसावा और देवबंद मिल तो मई तक भी चल सकती है। जनपद में 450 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का अनुमान है।
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सहारनपुर। जिले में गन्ने की मिठास ने रिकार्ड तोड़ दिया है। पहली बार जनपद की चीनी मिलों में औसत रिकवरी 11.36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इनमें देवबंद शुगर मिल 12.12 प्रतिशत चीनी रिकवरी के साथ सबसे आगे है। गागलहेडी शुगर मिल 10.80 फीसदी रिकवरी के साथ सबसे कम स्तर पर रही। इससे पहले सीजन का चीनी रिकवरी औसत साढ़े नौ से साढ़े दस प्रतिशत के आसपास ही रहा है।
गन्ना बीज बदलाव और ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई कराने के लिए चलाए गए गन्ना विभाग के अभियान का असर सामने आ गया है। इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ा है बल्कि चीनी रिकवरी स्तर भी रिकार्ड तोड़ रहा है। इस बार जिले की चीनी मिलों में अब तक की सबसे अधिक रिकवरी आई है। वर्तमान पेराई सत्र में संचालित छह चीनी मिलों में से पांच मिलों का ऑन डेट चीनी रिकवरी स्तर 11 प्रतिशत के ऊपर और एक मिल का चीनी रिकवरी स्तर 11 के करीब है। देवबंद चीनी मिल का ऑन डेट चीनी रिकवरी स्तर 12.02, गांगनौली का 11.65 तथा शेरमऊ का 11.50 प्रतिशत तक रहा, जबकि गागलहेडी मिल की रिकवरी का स्तर 10.80 प्रतिशत और सहकारी क्षेत्र की नानौता की 11.15 और सरसावा की 11.05 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नानौता शुगर मिल में 13 वर्ष के बाद चीनी रिकवरी नौ प्रतिशत के पार पहुंची है। रिकवरी बढने से मिलों में चीनी का बढिया उत्पादन हो रहा है।
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जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि गन्ना उत्पादन और रिकार्ड चीनी रिकवरी प्रतिशत बढने के पीछे गन्ना विभाग द्वारा चलाए गए प्रजाति बदलाव अभियान के साथ ही किसानों द्वारा बडे क्षेत्रफल में ट्रेंच बुवाई विधि को अपनाना भी है। किसानों ने अनुपयुक्त प्रजातियों को समाप्त कर उनके स्थान पर अगेती प्रजातियों की बुआई की है।
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वर्तमान सत्र में शुगर रिकवरी प्रतिशत में
चीनी मिल सीजन का औसत मौजूदा औसत (प्रतिशत)
देवबंद 10.63 12.02
गांगनोली 10.10 11.65
शेरमऊ 10.07 11.50
गागलहेडी 09.79 10.80
नानौता 09.22 11.15
सरसावा 09.54 11.05
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450 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन होने की उम्मीद
सहारनपुर। जिले की चीनी मिलों ने गत पेराई सत्र में कुल 357 लाख कुंतल के पेराई की गई थी। इसमें लगभग 17 लाख क्विंटल गन्ना बागपत जिले से था। इस बार 25 फरवरी तक जिले की मिलों ने 305 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर दी गई है। अभी खेतों में भरपूर गन्ना खड़ा है। डीसीओ डॉ.आरडी द्विवेदी ने बताया कि इस बार जनपद की चीनी मिलें अप्रैल के अंत तक चलेंगी। शेरमऊ, सरसावा और देवबंद मिल तो मई तक भी चल सकती है। जनपद में 450 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का अनुमान है।